RSS का सामाजिक समरसता संकल्प

अजय सिंह

लखनऊ। RSS के उत्तर भाग का पथ संचलन एवं समरसता कार्यक्रम संपन्न। हजारों स्वयं सेवको का एक विराट संगम अलीगंज एलडीए स्टेडियम में आयोजित किया गया। जिसमें सूचना आयुक्त उतर प्रदेश ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्ही की प्रेरणा से हम वंचित लोग भी पढ़ने के लिए आगे आ पाए। मुख्य अतिथि क्षेत्रीय बौद्धिक प्रमुख मिथलेश ने कहा कि संघ ने अपने स्थापना के समय से ही सामाजिक समरसता का संकल्प लिया। बाबा साहब ने जिस गरीबी और आर्थिक तंगी में पढ़ाई पूरी की। प्राचीन भारत में भी वर्ण व्यवस्था की व्यवस्था थी परंतु छुआ छूत नही थी।बाबा साहेब कभी फेल नही हुए। RSS का सामाजिक समरसता संकल्प


जिस राजा ने उनको सहायता दी ,उनको राजा के पास ले जाने वाला अध्यापक ब्राह्मण समाज का था।राजा साहब ने बिना तर्क वितर्क किए सिर्फ यह कहा कि विदेश में पढ़ने के बाद भारत आयेंगे न और यह भी कहा कि आपको आपकी योग्यता के आधार पर नौकरी दूंगा। कार्यक्रम में मंच पर आसीन विभाग संघचालक श्रीमान जय कृष्ण सिन्हा जी,भाग संघचालक श्रीमान विश्वजीत जी तथा कार्यक्रम अध्यक्ष उपस्थित थे।

कार्यक्रम में सुदीप जी,दुष्यंत जी सहित भाग की पूरी कार्यकारिणी उपस्थित थी। संस्कार मिलन के कार्यकर्ताओं ने सभी को जलपान कराया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय संगठन मंत्री विद्या भारती भी उपस्थित थे। संघ की प्रार्थना के सभी स्वयं सेवक पथ संचलन के लिए लखनऊ की सड़कों पर निकले। आदि शंकराचार्य जी और डोम की कहानी और राजा हरिश्चंद्र की कहानी के साथ अछूत व्यवस्था पर प्रहार करते हुए समाज में समरसता का निर्माण करने की सलाह मंच से आग्रह किया। सभी को विचार करना चाहिए को बाबा साहेब के विचारों घर घर कैसे पहुंचाया जाय। सविधान सभा की अंतिम बैठक में बाबा साहब ने कहा था गांधी जी नही है शेष सभी लोग हैं। RSS का सामाजिक समरसता संकल्प

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