अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था, जौहर यूनिवर्सिटी, स्कूल बंद होने, अयोध्या राम मंदिर और विधानसभा सत्र को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
राजू यादव
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, सरकारी स्कूलों के बंद होने, मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय, अयोध्या राम मंदिर, विधानसभा के मानसून सत्र और प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए सरकार पर भ्रष्टाचार और जनविरोधी नीतियों का आरोप लगाया।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों-नौजवानों, छात्रों के साथ धोखा किया है। छात्रों, नौजवानों का भविष्य बर्बाद कर दिया है। किसानों को खाद-बीज नहीं मिल रहा है। खाद की बोरी से चोरी हो रही है। डीजल-पेट्रोल की बढ़ती महंगाई से खेती की लागत बढ गयी है।किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई। शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त है। नौजवानों को नौकरी-आरक्षण नहीं मिल रही है। नीट पेपर लीक हुआ। यूपी में भर्ती परीक्षाओं के सबसे ज्यादा पेपर लीक हुए। समाजवादी पार्टी इन सभी मुद्दों को विधानसभा में उठायेगी। विधान मंडल सत्र में समाजवादी पार्टी के विधायक जनता से जुड़े सभी मुद्दों को उठाएंगे।
एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने कहा कि यदि पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण (E-20) से वाहन की दक्षता और माइलेज बढ़ता है तथा रखरखाव का खर्च लगभग समाप्त हो जाता है, तो ऑटोमोबाइल कंपनियों को इसका व्यापक प्रचार करना चाहिए। उनका कहना था कि लोगों को इस संबंध में स्पष्ट और पारदर्शी जानकारी मिलनी चाहिए।

शिक्षा व्यवस्था पर लगाए गंभीर आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की भर्तियों में भ्रष्टाचार हुआ है तथा छात्रों को रोजगार और आरक्षण के अवसर नहीं मिल रहे हैं। अखिलेश यादव के अनुसार, भाजपा सरकार के पिछले दस वर्षों में 26,386 सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि प्राथमिक विद्यालयों में करीब 28 लाख छात्रों का नामांकन घटा, जिनमें लगभग 25 लाख पिछड़े और दलित समाज के बच्चे तथा 16 लाख बेटियां शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी शिक्षकों की संख्या में 62 हजार की कमी आई है तथा कक्षा 1 से 8 तक शिक्षकों के 1.40 लाख स्वीकृत पद घटा दिए गए हैं। उनका आरोप था कि स्कूलों के विलय और बंद होने से शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी प्रभावित हुए हैं।
कई जिलों में स्कूल मर्ज होने का दावा
भाजपा सरकार के 10 साल में 26386 स्कूल बंद हो गये। प्राथमिक स्कूलों में छात्रों की संख्या घट गयी है। प्रदेश में कुल 28 लाख छात्रों का नामांकन घटा है। उसमें से 25 लाख बच्चे पिछड़े और दलित समाज के है। इनमें 16 लाख बेटियां है। इसी तरह सरकारी शिक्षकों की संख्या 62 हजार घट गयी है। स्कूलों को बंद करके भाजपा सरकार नौकरी भी छीन रही है। यह सरकार सरकारी नौकरी नहीं देना चाहती है। भाजपा सरकार में कक्षा एक से आठ तक शिक्षकों के स्वीकृत पद 1 लाख 40 हजार कम हो गये है। सबसे ज्यादा लखीमपुर खीरी में 758 प्राइमरी स्कूल मर्जर और बंद हुए है। सीतापुर में 650, प्रयागराज में 638, मुख्यमंत्री के अपने क्षेत्र में लगभग पांच सौ स्कूल बंद हुए हैं। समाजवादी पार्टी की सरकार में 2017 में 1 लाख 13 हजार 938 प्राइमरी स्कूल थे। भाजपा सरकार में इनकी संख्या लगातार घटती जा रही है। भाजपा ने शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है। भाजपा सरकार गरीबों को शिक्षा से दूर करने की साजिश कर रही है।
जौहर विश्वविद्यालय और अयोध्या का भी किया उल्लेख
रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के प्रति भाजपा सरकार का रवैया शुरुआत से ही नकारात्मक रहा है। उनका कहना है कि सरकार ने विश्वविद्यालय के विकास और शैक्षणिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के बजाय लगातार प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने कार्यकाल में कोई बड़ा विश्वविद्यालय स्थापित नहीं कर पाई, जबकि जौहर विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया जा रहा है। अखिलेश यादव के अनुसार, शिक्षा संस्थानों को राजनीतिक दृष्टि से नहीं, बल्कि शिक्षा और छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर देखा जाना चाहिए। अयोध्या के श्रीराम मंदिर का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वहां चढ़ावे और चंदे में अनियमितताएं हुई हैं। इस संबंध में उन्होंने सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए।
विधानसभा सत्र को लेकर भी साधा निशाना
अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा सत्र की अवधि पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि चार दिन का सत्र केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगा और सरकार विभिन्न विवादों से बचने का प्रयास करेगी। उनका आरोप था कि भाजपा विधानसभा को पर्याप्त महत्व नहीं दे रही है।
भाजपा की वापसी नहीं होगी: अखिलेश
अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा को स्वयं भी विश्वास नहीं है कि वह दोबारा सत्ता में लौटेगी। उन्होंने कहा कि इसी कारण विधानसभा सत्र को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है और सरकार केवल संवैधानिक औपचारिकताएं निभा रही है। हालांकि, इन आरोपों पर समाचार लिखे जाने तक भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।



