लखनऊ। आज उत्तर प्रदेश विधान सभा के मानसूत्र सत्र में निज़ामाबाद विधान सभा, जनपद आजमगढ़ के दिवंगत विधायक आलमबदी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आलमबदी के निधन से प्रदेश ने एक कुशल राजनीतिज्ञ और समाजसेवी खो दिया है। उनका निधन दिनांक 23 जुलाई, 2026 को 90 वर्ष से अधिक आयु में हुआ। उनका निधन हम सभी के लिए दुःखद है। वह लम्बे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका जन्म 16 मार्च, 1936 को आजमगढ़ के विन्दवल में हुआ था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आलमबदी इस सदन के वरिष्ठ सदस्यों में से एक थे। वर्तमान विधान सभा में वह पांचवी बार सदस्य के रूप में निर्वाचित हुए थे। सर्वप्रथम वर्ष 1996 के मध्यावधि चुनाव में तत्पश्चात वर्ष 2002, 2012, 2017 एवं 2022 के सामान्य निर्वाचन में निर्वाचन क्षेत्र निज़ामाबाद से विधान सभा सदस्य निर्वाचित हुए। वह विधान सभा की आचार समिति जैसी विभिन्न समितियों के सदस्य भी थे। उम्र के इस पड़ाव में भी उनकी राजनीतिक सक्रियता सभी जनप्रतिनिधियों को प्रेरित करती थी।
आलमबदी का इस आयु में निर्वाचित होना यह दर्शाता है कि एक जनप्रतिनिधि के रूप में यदि हम जनता और अपने क्षेत्र के प्रति समर्पित रहें, तो आयु की सीमा मायने नहीं रखती। वह सरल, विनम्र और जनसामान्य से जुड़े जनप्रिय नेता थे। उत्तर प्रदेश की राजनीति में वह अपनी सादगी और बेदाग छवि के लिए जाने जाते थे। समाज के गरीब और वंचित वर्ग के उत्थान, सामाजिक कार्यों और शिक्षा के प्रसार में उनकी विशेष रुचि थी। वह अपने क्षेत्र के बुनियादी मुद्दों को सदैव सदन में उठाते थे। एक व्यवहार कुशल और लोकप्रिय जनप्रतिनिधि तथा सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में वह क्षेत्र के विकास और जनता के कल्याण के लिए सदैव समर्पित रहे।
मुख्यमंत्री ने दिवंगत पूर्व विधायकगण भोला पाण्डेय, अमिताभ लवानियां, सुब्बा राम, जगरनाथ चौधरी, रामप्यारे आजाद,गोपीनाथ वर्मा, यशपाल सिंह, राधेश्याम भारतीय, संग्राम सिंह, हरिनारायन राजभर, डॉ0 भगवत दयाल, अरुण कुमार सिंह मुन्ना, ओमवती देवी, मोहर सिंह, अफसर यू0 अहमद, तेज भान सिंह, रुद्र प्रताप सिंह, प्यारे लाल शंखवार, ओमकार सिंह, राजेन्द्र त्रिपाठी, हनुमंत सिंह के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी आत्मा की शान्ति की कामना तथा उनके परिजनों के प्रति भी शोक संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने विधान सभा अध्यक्ष से शोक संवेदना को शोक संतप्त परिजनों तक पहुंचाने का अनुरोध किया। विधान सभा के अन्य सदस्यों ने भी दिवंगत आत्माओं की शान्ति की कामना करते हुए अपने विचार व्यक्त किये। सभी सदस्यों ने उनके सम्मान में कुछ क्षण का मौन रखा। दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि देने के पश्चात विधान सभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गयी।



