उ0प्र0 औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के अन्तर्गत उच्चस्तरीय प्राधिकृत समिति की संस्तुतियां अनुमोदित

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के अन्तर्गत उच्चस्तरीय प्राधिकृत समिति की 04 मई, 2026 को सम्पन्न बैठक में की गई संस्तुतियों पर अनुमोदन प्रदान किया है। उच्चस्तरीय प्राधिकृत समिति की उक्त बैठक में 08 इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट निर्गत किए जाने की संस्तुति की गयी है। इसके अन्तर्गत सुपर मेगा श्रेणी में सूर्या ग्लोबल फ्लेक्सी फिल्म्स प्रा0लि0 जनपद गौतमबुद्धनगर (निवेश 605.37 करोड़ रुपये) को नैट एस0जी0एस0टी0 का अपेक्षित प्रोत्साहन प्रस्तावित है। इसके अलावा, मेगा श्रेणी में शाल्विस स्पेशियलिटीज लि0 जनपद हमीरपुर (निवेश 297.30 करोड़ रुपये), साउण्ड कास्टिंग्स प्रा0लि0 जनपद हाथरस (निवेश 225 करोड़ रुपये), जुआरी एनविएन बायोएनर्जी प्रा0लि0 जनपद लखीमपुर खीरी (निवेश 294.72 करोड़ रुपये) तथा माउण्ट एवरेस्ट ब्रुअरीज लि0 जनपद उन्नाव (निवेश 363.52 करोड़ रुपये) को पूंजीगत सब्सिडी का अपेक्षित प्रोत्साहन प्रस्तावित है।


मेगा श्रेणी में वृन्दावन बॉटलर्स प्रा0लि0 जनपद बाराबंकी (निवेश 436.12 करोड़ रुपये), पसवारा पेपर्स लि0 जनपद हाथरस (निवेश 315 करोड़ रुपये) तथा सी0आर0डी0 फूड्स एण्ड बेवरेजेज़ लि0 जनपद मथुरा (निवेश 363.94 करोड़ रुपये) को नैट एस0जी0एस0टी0 का अपेक्षित प्रोत्साहन प्रस्तावित है। उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के प्रस्तर-12 में औद्योगिक इकाईयों को छूट, अनुदान एवं वित्तीय सुविधाएं प्रदान किये जाने का प्राविधान किया गया है। उक्त नीति के क्रियान्वयन हेतु शासन के पत्र दिनांक 14 अप्रैल, 2023 द्वारा दिशा-निर्देश एवं क्रियान्वयन की प्रक्रिया निर्धारित की गई है।


शासनादेश दिनांक 14 अप्रैल, 2023 के प्रस्तर-4 एवं 5 में लेटर ऑफ कम्फर्ट तथा प्रोत्साहनों की स्वीकृति हेतु आवेदन प्रक्रिया का विस्तृत विवरण उल्लिखित है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी, इन्वेस्ट यू0पी0 (नोडल संस्था) की अध्यक्षता में मूल्यांकन समिति का गठन किया गया है। मूल्यांकन समिति द्वारा औद्योगिक इकाईयों के आवेदनों का मूल्यांकन कर संस्तुति प्राधिकारी के समक्ष विचार-विमर्श हेतु प्रस्तुत किया जाएगा। मेगा एवं उससे उच्च श्रेणी की औद्योगिक इकाईयों के आवेदन पत्रों पर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय प्राधिकृत समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया जाएगा। उच्चस्तरीय प्राधिकृत समिति द्वारा की गई अन्तिम संस्तुतियों को मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन प्रदान किए जाने की व्यवस्था है।

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