भाजपा बताए कि वह आरक्षण के समर्थन में है या आरक्षण के विरोध में। भारतीय जनता पार्टी बताये कि राष्ट्रगान के अपमान पर विधानसभा स्पीकर सतीश महाना पर कब कार्यवाही करेगी। पुलिस प्रशासन ने राष्ट्रगान के अपमान पर स्पीकर सतीश महाना पर एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की। प्रदेश सरकार राष्ट्रगान के अपमान पर सतीश महाना के खिलाफ सख्त कार्यवाही करे।
लखनऊ। अखिल भारतीय कंाग्रेस कमेटी के प्रभारी उ0प्र0 राजेन्द्र पाल गौतम पूर्व मंत्री ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि दो दिन पहले उ0प्र0 के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक लखनऊ में उन चन्द छात्रों साथ प्रेसवार्ता की जो आरक्षण का विरोध कर रहे थे अब सवाल यह उठता है कि क्या डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक आरक्षण का विरोध करने वालों के साथ प्रेस कर रहे थे तो क्या भारतीय जनता पार्टी बतायेगी कि वह आरक्षण के खिलाफ है? कहीं ऐसा तो नहीं कि इनकी मानसिकता एस.सी., एस.टी., ओबीसी को न्याय देने की नहीं है इसलिए ऐसा माहौल बना रहे हैं?
राजेन्द्र पाल गौतम ने कहा कि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने प्रेस में कहा कि वह सभी छात्रों, युवाओं को न्याय देंगे और 2 दिन के अंदर केन्द्रीय मंत्री से मिलेंगे। मेरा सवाल है कि वह केन्द्रीय मंत्री से मिले हैं तो क्या बात हुई है। उन्होने कहा कि वह छात्रों के साथ हैं। अगर भाजपा छात्रों, युवाओं के साथ है तो शिक्षक भर्ती के 69 हजार युवाओं में से 8हजार भर्तियां जो एस.सी., एस.टी., ओबीसी की वेकेंसी थी सामान्य वर्ग से क्यांे भर दी गयी। इस पर उनका क्या जवाब है? ओबीसी कमीशन ने भी अपनी रिपोर्ट में माना है कि जो छात्र ओबीसी वर्ग के हैं एस.सी./एस.टी. के हैं उनके रिजर्वेशन के साथ गलत हुआ है। ये एससी/एसटी/ओबीसी को उनका हक नहीं देना चाहते हैं। इसके बाद भी उ0प्र0 सरकार ने पिछड़ों और दलितों का जो हक था उसको लेकर भी कोई कार्यवाही नहीं की, क्या यह मान लेना चाहिए कि एससी, एसटी, ओबीसी के हितों के खिलाफ सरकार काम कर रही है इसलिए अभी तक कोई भी निर्णय नहीं लिया गया।
प्रदेश प्रभारी राजेन्द्र पाल गौतम ने कहा कि संसद में गृहमंत्री और प्रधानमंत्री ने वादा किया था कि जाति जनगणना करायेंगे लेकिन अभी 10 दिन पहले सेन्सेक्स कमिश्नर ने जो कालम जारी किया है उसमें ओबीसी का कोई कालम नहीं है। इससे स्पष्ट है कि भाजपा ओबीसी, एससी, एसटी को न्याय नहीं देना चाहती है इसका स्पष्टीकरण भारतीय जनता पार्टी को देना चाहिए।
उन्नाव में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान बज रहा था और राष्ट्रगान के बजते रहने के दौरान ही विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना अपनी गाड़ी में बैठकर चले गये, क्या महाना जी जवाब देंगे कि उन्होने राष्ट्रगान का अपमान क्यों किया? पुलिस ने एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की। राष्ट्रगान के अपमान के खिलाफ कल पूरे प्रदेश में कांग्रेस के जिला एवं शहर अध्यक्षों ने एफआईआर दर्ज करने के लिए शिकायत की है, किन्तु अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गयी, मैं पूछ रहा हूं कि एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की गयी। क्या कोई भी स्पीकर, नेता और मंत्री हो वह संविधान से ऊपर है? या उसे इसके लिए छूट मिली हुई है? क्या सतीश महाना जी के कान में राष्ट्रगान की आवाज नहीं आयी जबकि इसके स्पष्ट वीडियो हैं। क्या वह अपनी जिम्मेदारी मानेंगे कि उन्होने राष्ट्रगान का अपमान किया है? उ0प्र0 सरकार और पुलिस प्रशासन बताये कि सतीश महाना के खिलाफ क्या कार्यवाही की गयी।
राजेन्द्र पाल गौतम ने कहा कि सतीश महाना जो विधानसभा अध्यक्ष हैं कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर छोटी-छोटी बातों पर एफआईआर दर्ज कराते रहते हैं। सत्ता का दुरूपयोग करते हुए सतीश महाना के इशारे पर कानपुर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा धरना-प्रदर्शन करने पर कार्यकर्ताओं को थाने पर बैठाया गया और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी गयी।
प्रदेश प्रभारी ने कहा है कि क्या उ0प्र0 की पुलिस सतीश महाना के इशारों पर चलती है। हम चाहते हैं कि राष्ट्रगान के अपमान पर सतीश महाना के खिलाफ पुलिस प्रशासन एफआईआर दर्ज करे और प्रदेश सरकार तत्काल सख्त कार्यवाही करे। प्रेसवार्ता में प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग चेयरमैन-पूर्व मंत्री डाॅ0 सी0पी0 राय, पूर्व विधायक इन्दल रावत, प्रवक्ता डाॅ0 उमा शंकर पाण्डेय, प्रवक्ता अंशू अवस्थी, प्रवक्ता प्रियंका गुप्ता, प्रवक्ता डाॅ0 अलीमुल्लाह खान, प्रवक्ता सचिन रावत़ आदि मौजूद रहे।



