मोदी को महाराष्ट्र हर हाल में चाहिए

झारखंड जाये तो जाये, मगर मोदी को महाराष्ट्र हर हाल में चाहिए।
कुबेर का खजाना है महाराष्ट्र के पास। खजाना, फ़िर से ‘खुल जा सिम-सिम’ नहीं हुआ, तो राजकाज, मौज मस्ती, अय्याशी चौपट हो जायेगा। भारत के सकल घरेलू उत्पाद GDP में सबसे ज़्यादा योगदान पांच राज्यों – महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश का है, जो कुल मिलाकर लगभग 75 लाख करोड़ रुपये या भारत के सकल घरेलू उत्पाद का 47% है।

आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना जैसे दक्षिणी राज्यों का भारतीय अर्थव्यवस्था में योगदान 30% है। महाराष्ट्र और गुजरात जैसे पश्चिमी राज्य 23% और पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे उत्तरी राज्य GDP में 18.5% योगदान देते हैं। 2023-24 में अकेले महाराष्ट्र का सकल घरेलू उत्पाद 38.79 ट्रिलियन रुपये (465.76 अरबअमेरिकी डॉलर) होने का अनुमान है। महाराष्ट्र से 3 लाख 42,919 करोड़ रूपये तो केवल टैक्स से झरझराते हैं। जबकि, 2023-24 में झारखंड का टोटल रेवेन्यू 48,119 करोड़ है। यह जानकारी, झारखंड विधानसभा में बजट पेश करते समय दी गई थी।

लोकसभा चुनाव में बीजेपी और सहयोगियों की ख़राब परफॉर्मेंस के बाद, विधानसभा चुनाव में भी हार के अंदेशे से घबराई शिंदे-फडणवीस सरकार का ब्लडप्रेशर इस समय हाई है। इन्हें लग गया कि सिर्फ दलितों को रिझाने से सफलता नहीं मिलेगी। मुसलमानों को भी अपने आईने में उतारो। तभी कैबिनेट ने डीएड डिग्री वाले मदरसा शिक्षकों का मानदेय 6,000 रुपये से बढ़ाकर 16,000 रुपये और बीए, बी.एड. और बी.एससी. डिग्री वाले शिक्षकों का वेतन 8,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये करने का फैसला किया था। आचार संहिता लागू होने से कुछ मिनट पहले सरकारी कर्मचारियों को दीवाली बोनस को भी चुनावी रिश्वत ही मानिये।
दिल्ली दरबार को लगता है, मुख्यमंत्री ने मुंबई में सभी पांच नाकों पर टोल माफ करने के फैसले की घोषणा करके एक ‘मास्टर स्ट्रोक’ मारा है। इस टोल माफी से राज्य पर फिर से पड़ने वाले 5,००० करोड़ का बोझ बढ़ेगा। कैबिनेट मीटिंग में विभिन्न सिंचाई योजनाएं, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.०, पुणे मेट्रो रेलवे लाइन के दूसरे चरण के काम को मंजूरी, कौशल विश्वविद्यालय के लिए रतन टाटा का नाम जैसे कई फैसले लिए गए। लेकिन, क्या इन फैसलों को लागू करने के लिए सरकार की तिजोरी में पैसा है?

बाद में ये बोल भी सकते हैं, कि जुमला था। टोल टैक्स फिर से बहाल करते हैं। टोल माफी की तरह कई हत्यारों, बलात्कारियों, गुंडों के गिरोह के सरगनाओं को ‘माफी’ देने का फैसला शिंदे कैबिनेट में लिया गया। इसका ‘जीआर’, यानी सरकारी आदेश सभी पुलिस स्टेशनों को भेज दिया गया है। हरियाणा चुनाव में गुंडा गिरोह की शिरकत से जो कामयाबी मिली, उसे महाराष्ट्र में भी खेलना है।

आचार संहिता से पहले कैबिनेट के महत्वपूर्ण 19 फैसलों में सॉल्ट पैन की अधिग्रहीत की जाने वाली 255.9 एकड़ भूमि में से अडानी समूह को कंजूर में 120.5 एकड़, भांडुप में 76.9 एकड़ और मौजे मुलुंड में 58.5 एकड़ शामिल है। अब देवनार में 125 एकड़ भूखंड देने का निर्णय लिया गया है। धारावी में 600 एकड़ भूखंड तो अडानी की झोली में पहले ही डाला जा चुका है। मुंबई के धारावी इलाके के पुनर्विकास के लिए अडानी समूह को यह प्रोजेक्ट सौंपा गया है, जिसमें लगभग 600 एकड़ क्षेत्र शामिल हैं। अडानी को धारावी वासियों को बसाने और धारावी विकास के दौरान सामान रखने आदि के लिए 125 एकड़ जमीन देवनार डंपिंग ग्राउंड के पास दी गई है।

पीएम मोदी किसी भी सूरत में महाराष्ट्र लूज़ करना नहीं चाहेंगे। यह आप नरेंद्र मोदी की नॉन स्टॉप महाराष्ट्र विज़िट से समझ सकते हैं। 5 अक्टूबर याद कीजिये, जब पीएम मोदी ने महाराष्ट्र में 56,००० करोड़ रुपये की कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया था। मोदी ने शिवाजी की मूर्ति ढहने पर तड़ातड़ी माफी मांगी थी। यानी, सत्ता में दोबारा से आने के लिये ये EVM में फ्रॉड भी कर सकते हैं!

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