वन महोत्सव वृक्षारोपण अभियान को बनाएं जन आंदोलन-मुख्य सचिव

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सभी 75 जिलों में 75 विशेष सचिवों को नोडल अधिकारी बनाकर इस काम को सफलतापूर्वक करायें सम्पन्न।जियो टैगिंग के माध्यम से रोपित पौधों का संरक्षण व निगरानी हो सुनिश्चित।वन महोत्सव वृक्षारोपण अभियान को बनाएं जन आंदोलन।

लखनऊ। मुख्यमंत्री की प्रेरणा से वन महोत्सव के तहत आयोजित वृक्षारोपण महाअभियान जन भागीदारी से सफल होगा। छोटे से छोटे गांव, नगर पालिका से लेकर महानगरों तक के जनप्रतिनिधि, विधायक, सांसद, सभी राजपत्रित अधिकारी सबका सहयोग लेकर इस अभियान को जन आंदोलन बनाएं। यह बातें यूपी के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने वन विभाग मुख्यालय में 5 जुलाई को प्रदेश सरकार के सौ दिन पूरे होने पर आयोजित वन महोत्सव कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा के दौरान कहीं।

            मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि पौधों की प्राप्ति से लेकर उनकी ढुलाई, पौधों के रोपण के सही स्थलों का चुनाव, वृक्षारोपण करने, पौधों की सुरक्षा और निगरानी वाले लोगों की जिम्मेदारी पहले से तय की जाए। जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक प्रतिदिन आयोजित कर तैयारियों की समीक्षा की जाये। रोटरी क्लब, पी0आर0डी0, होमगार्ड्स, युवक मंगल दल, एन0जी0ओ0, एन0सी0सी0, एन0एस0एस0, महिला समूहों व अन्य स्वयं सेवी संस्थाओं आदि के साथ बैठक कर उनके लिये लक्ष्य व जिम्मेदारी निर्धारित कर दी जाये।  


         उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से चुनाव सम्पन्न होते हैं ठीक उसी प्रकार से प्रदेश के सभी 75 जिलों में 75 विशेष सचिवों को नोडल अधिकारी बनाकर इस काम को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने का जिम्मा सौंपा जाए। ये सभी अधिकारी रविवार को जिलों में पहुंच कर तैयारियों की समीक्षा कर लें। पिछले अभियान में जो भी कामियां रह गईं उन अनुभवों से सबक लेकर उन्हें इस बार समय रहते दुरुस्त कर लिया जाए। स्थलों का चयन इस प्रकार से करें कि जहां पर पौधों के सर्वाइवल की संभावना सर्वाधिक हो। वृक्षारोपण कार्यक्रम की मॉनीटरिंग के लिये वन मुख्यालय में एक वार रूम सेटअप करें।


        उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थी किसानों से भी अपने खेतों में वृक्षारोपण करने का आवाह्न किया है। इसके अलावा सभी सरकारी गैर सरकारी संस्थानों, सड़कों, राजमार्गों के किनारे भी बड़े पैमाने पर छायादार और फलदार वृक्षारोपण, नदियों के किनारे मियावाकी तकनीकी से वृक्षारोपण अभियान चलाया जाए। साथ ही जियो टैगिंग के माध्यम से रोपित पौधों का संरक्षण व निगरानी सुनिश्चित हो।बैठक में सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे। [/Responsivevoice]

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