किसानों की आय बढ़ाने का बड़ा प्लान! Google-ITC समेत 4 संस्थाओं से यूपी सरकार का MOU

मुख्यमंत्री के समक्ष राज्य सरकार (यूपीडास्प) और गूगल एवं नेटवर्क्स फॉर ह्यूमैनिटी, आई0टी0सी0, एक्वाब्रिज के मध्य महत्वपूर्ण एम0ओ0यू0 हस्ताक्षरित।

उ0प्र0 में कृषि को प्रोडक्टिविटी टू प्रॉस्पैरिटी तथा एग्रीकल्चर टू फ्यूचर इकोनॉमी की ओर ले जाने के लिए यू0पी0 एग्रीज एक महत्वपूर्ण पहल

यह एम0ओ0यू0 केवल औपचारिक समझौते नहीं, बल्कि अन्नदाता किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादकता में वृद्धि, जलवायु अनुकूल कृषि, वैल्यू एडिशन, ग्रामीण उद्यमिता तथा प्रदेश की कृषि को नई दिशा देने के सामूहिक संकल्प के प्रतीक।

प्रधानमंत्री जी के विजन और विष्व बैंक के सहयोग से यू0पी0 एग्रीज को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा।

यू0पी0 एग्रीज का नया सूत्र-प्रोडक्टिविटी, टेक्नोलॉजी, क्लाइमेट रेजेलिएंस, मार्केट, इण्टरप्राइज = फार्मर प्रॉस्पैरिटी।

यू0पी0 एग्रीज के माध्यम से प्रदेश की कृषि को ज्ञान, तकनीक, वैल्यू एडिशन, बाजार और ग्रामीण उद्यम पर आधारित फ्यूचर रेडी।

इकोनॉमी में परिवर्तित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे।

गूगल एवं नेटवर्क्स फॉर ह्यूमैनिटी के साथ साझेदारी में ओपन नेटवर्क फॉर एग्रीकल्चर विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा।

यू0पी0 एग्रीज के अन्तर्गत धान और गेहूँ के क्लाइमेट रेजिलिएण्ट कमोडिटी क्लस्टर विकसित करने के लिए आई0टी0सी0 के साथ साझेदारी की जा रही।

जनपद बहराइच में 1,500 एकड़ क्षेत्र में ई0यू0-कम्प्लायण्ट एवं एम0आर0एल0 मानकों के अनुरूप धान एक्सपोर्ट क्लस्टर विकसित करने का प्रस्ताव।

एक्वाब्रिज के साथ साझेदारी के माध्यम से उ0प्र0 में एक्वाकल्चर को विज्ञान, तकनीक, प्रोसेसिंग और उद्यमिता से जोड़कर एक व्यापक ब्लू इकोनॉमी ईको-सिस्टम विकसित किया जाएगा।

जनपद उन्नाव में आई0एम0सी0 इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर के अन्तर्गत 60 एकड़ क्षेत्र में एकीकृत एक्वाकल्चर परियोजना विकसित की जा रही।

नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट के निकट मेगा फूड पार्क एवं एग्री एक्सपोर्ट सेण्टर विकसित करने का प्रस्ताव।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कृषि को प्रोडक्टिविटी टू प्रॉस्पैरिटी तथा एग्रीकल्चर टू फ्यूचर इकोनॉमी की ओर ले जाने के लिए यू0पी0 एग्रीज एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके अन्तर्गत आज राज्य सरकार (यूपीडास्प) और गूगल एवं नेटवर्क्स फॉर ह्यूमैनिटी, आई0टी0सी0 तथा एक्वाब्रिज के मध्य चार महत्वपूर्ण एम0ओ0यू0 किए गए हैं। यह एम0ओ0यू0 केवल औपचारिक समझौते नहीं, बल्कि अन्नदाता किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादकता में वृद्धि, जलवायु अनुकूल कृषि, वैल्यू एडिशन, ग्रामीण उद्यमिता तथा प्रदेश की कृषि को नई दिशा देने के सामूहिक संकल्प के प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री आज यहाँ अपने सरकारी आवास पर यू0पी0 एग्रीज योजना के अन्तर्गत एम0ओ0यू0 हस्ताक्षर एवं आदान-प्रदान कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर सभी सहभागी संस्थाओं एवं उनके प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विजन और विष्व बैंक के सहयोग से यू0पी0 एग्रीज को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि लम्बे समय तक देश में कृषि उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया, लेकिन अन्नदाता किसान की आय, उसकी लागत, उत्पाद के बाजार और मूल्यवर्धन जैसे महत्वपूर्ण विषय अपेक्षित रूप से केन्द्र में नहीं रहे। यू0पी0 एग्रीज का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसान की आय, फार्मिंग की क्लाइमेट रेजिलिएण्ट क्षमता, वैल्यू एडिशन और ग्रामीण उद्यमिता को एक साथ मजबूत करना है। लगभग 4,000 करोड़ रुपये की विष्व बैंक समर्थित यू0पी0 एग्रीज परियोजना का मुख्य फोकस पूर्वी उत्तर प्रदेश के 21 जनपद और बुन्देलखण्ड क्षेत्र के 07 जनपद हैं। इन क्षेत्रों में कृषि की व्यापक सम्भावनाओं के साथ परिवर्तन की भी आवश्यकता है। परियोजना के माध्यम से प्रदेश के 28 जनपदों के 123 विकास खण्डों में प्रभावी ढंग से कार्य किया जा रहा है।


लगभग 06 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करते हुए 10 लाख किसानों, 35,000 मत्स्य उत्पादक किसानों तथा 03 लाख महिला लाभार्थियों तक परियोजना का लाभ पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। खरीफ-2026 में 1.75 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को परियोजना के अन्तर्गत आच्छादित किया गया है। रबी फसल वर्ष 2026-27 में भी 1.75 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूँ, मटर, चना, मसूर और सरसों जैसी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश के किसान को केवल उत्पादक तक सीमित रखना नहीं, बल्कि आधुनिक कृषि अर्थव्यवस्था में समृद्धि के भागीदार के रूप में स्थापित करना है।


आई0आर0आर0आई0 के साथ साझेदारी के माध्यम से वैज्ञानिक एवं जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों को खेतों तक पहुँचाया जा रहा है। खरीफ-2026 में 3,000 हेक्टेयर क्षेत्र में डायरेक्ट सीडेड राइस (डी0एस0आर0) का प्रयोग किया जा रहा है। साथ ही, धान, मक्का, बाजरा, ज्वार, अरहर, उड़द, तिल और मूँगफली जैसी फसलों को भी कार्ययोजना में शामिल किया गया है। उत्तर प्रदेश की कृषि परम्परा की शक्ति और आधुनिक विज्ञान का समन्वय प्रदेश की कृषि को नई ऊँचाई प्रदान करेगा। वैष्विक स्तर की वैज्ञानिक तकनीक को स्थानीय किसानों के खेत तक पहुँचाना यू0पी0 एग्रीज का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि गूगल एवं नेटवर्क्स फॉर ह्यूमैनिटी के साथ साझेदारी में ओपन नेटवर्क फॉर एग्रीकल्चर विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। यह कृषि क्षेत्र के लिए एक ओपन डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर होगा, जिसकी अवधारणा यू0पी0आई0 और ओ0एन0डी0सी0 जैसे ओपन डिजिटल नेटवर्क मॉडल से प्रेरित है। इसके माध्यम से किसानों को मौसम, बाजार एवं मूल्य, मृदा स्वास्थ्य, कृषि सलाह और विभिन्न एग्रीटेक सेवाओं की जानकारी एकीकृत इण्टरफेस के माध्यम से उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। साथ ही, एग्रीटेक स्टार्ट-अप और कम्पनियाँ भी इस खुले नेटवर्क के माध्यम से बड़ी संख्या में किसानों तक अपनी सेवाएँ पहुँचा सकेंगी। यू0पी0 एग्रीज के अन्तर्गत धान और गेहूँ के क्लाइमेट रेजिलिएण्ट कमोडिटी क्लस्टर विकसित करने के लिए आई0टी0सी0 के साथ साझेदारी की जा रही है। 02 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर का विस्तार प्रस्तावित है। इसमें जीरो टिलेज, डायरेक्ट सीडेड राइस, जलवायु अनुकूल उन्नत बीज तथा प्रेसिजन न्यूट्रिएण्ट मैनेजमेण्ट जैसी आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाया जाएगा।


जनपद बहराइच में 1,500 एकड़ क्षेत्र में ई0यू0-कम्प्लायण्ट एवं एम0आर0एल0 मानकों के अनुरूप धान एक्सपोर्ट क्लस्टर विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके तहत किसान की प्रति एकड़ आय में 20 से 30 प्रतिशत वृद्धि, यूरिया के उपयोग में 25 प्रतिशत कमी तथा श्रम एवं सिंचाई लागत में 25 से 30 प्रतिशत तक बचत का लक्ष्य रखा गया है। उत्तर प्रदेश का किसान केवल अनाज उत्पादक नहीं रहेगा, बल्कि गुणवत्ता, ट्रेसेबिलिटी और निर्यात मानकों से जुड़ी नई कृषि अर्थव्यवस्था का सक्रिय भागीदार बनेगा। धान, गेहूँ, मिर्च, मक्का, हरी मटर और टमाटर जैसी फसलों के लिए निजी कम्पनियों के साथ साझेदारी के माध्यम से उत्पादन से लेकर संग्रहण, भण्डारण, प्रसंस्करण और बाजार तक पूरी वैल्यू चेन को मजबूत किया जाएगा।


एक्वाब्रिज के साथ साझेदारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश में एक्वाकल्चर को विज्ञान, तकनीक, प्रोसेसिंग और उद्यमिता से जोड़कर एक व्यापक ब्लू इकोनॉमी ईको-सिस्टम विकसित किया जाएगा। मत्स्य किसानों, सहकारी समितियों और उद्यमियों को आधुनिक तकनीक एवं प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा। ए0आई0 आधारित एक्वाकल्चर मैनेजमेण्ट, ऑटोमेटेड फीडिंग टेक्नोलॉजी तथा आधुनिक प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जनपद उन्नाव में आई0एम0सी0 इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर के अन्तर्गत 60 एकड़ क्षेत्र में एकीकृत एक्वाकल्चर परियोजना विकसित की जा रही है। इसमें हैचरी, आधुनिक आर0ए0एस0 प्रणाली, फीड मैन्युफैक्चरिंग, प्रोसेसिंग सुविधा तथा समर्पित प्रशिक्षण केन्द्र प्रस्तावित हैं।


नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट के निकट मेगा फूड पार्क एवं एग्री एक्सपोर्ट सेण्टर विकसित करने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य प्रदेश की कृषि उपज को मण्डी से आगे ले जाकर प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन, लॉजिस्टिक्स और निर्यात से जोड़ना है। इससे उत्तर प्रदेश की कृषि उपज को वैष्विक बाजार और ग्लोबल वैल्यू चेन से जोड़ने में मदद मिलेगी। यू0पी0 एग्रीज का नया सूत्र है-‘प्रोडक्टिविटी, टेक्नोलॉजी, क्लाइमेट रेजेलिएंस, मार्केट, इण्टरप्राइज = फार्मर प्रॉस्पैरिटी’। बेहतर बीज और तकनीक से उत्पादकता, क्लाइमेट स्मार्ट फार्मिंग से स्थायित्व, डिजिटल नेटवर्क से सूचना एवं सेवाओं की पहुँच, कमोडिटी क्लस्टर के माध्यम से बाजार, प्रोसेसिंग एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से वैल्यू एडिशन तथा एफ0पी0ओ0 और निजी निवेश के माध्यम से ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी की कृषि मिट्टी और मौसम के साथ-साथ डेटा साइंस, टेक्नोलॉजी और मार्केट इण्टेलिजेंस से भी संचालित होगी। प्रदेश की डबल इंजन सरकार उत्तर प्रदेश की कृषि को इस भविष्य के लिए तैयार कर रही है।


उत्तर प्रदेश कृषि के अगले चरण में उत्पादकता, स्थायित्व और समृद्धि को साथ लेकर चलने वाली स्मार्ट एग्रीकल्चर रिवॉल्यूशन का केन्द्र बनेगा। जब खेत डिजिटल होंगे, खेती क्लाइमेट स्मार्ट होगी, उत्पादन गुणवत्ता आधारित होगा और बाजार वैष्विक होगा, तब किसान की आय में वृद्धि स्वाभाविक रूप से सुनिश्चित होगी। उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य अन्नदाता किसानों को साथ लेकर ही पूरा किया जा सकता है। यू0पी0 एग्रीज के माध्यम से प्रदेश की कृषि को ज्ञान, तकनीक, वैल्यू एडिशन, बाजार और ग्रामीण उद्यम पर आधारित फ्यूचर रेडी इकोनॉमी में परिवर्तित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने विष्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री जी के विजन और विष्व बैंक की परिकल्पना के अनुरूप यू0पी0 एग्रीज के माध्यम से उत्तर प्रदेश की कृषि को नई गति मिलेगी और प्रदेश के अन्नदाता किसान आधुनिक कृषि अर्थव्यवस्था के प्रमुख भागीदार बनेंगे।

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