हेड वार्डर से डिप्टी जेलर पद पर प्रोन्नति का मामला। कारागार विभाग में जूनियर के अंडर में काम कर रहे सीनियर! न्यायालय ने प्रोन्नत प्रक्रिया को गलत ठहराते हुए निरस्त करके जिम्मेदार अधिकारियों के प्रति कार्यवाही करते हुए शपथपत्र दाखिल करने का दिया था आदेश। प्रमोशन नहीं मिलने से हेड वार्डर संवर्ग में व्याप्त व्यापक आक्रोश।
राकेश यादव
लखनऊ। प्रदेश के कारागार विभाग की महिमा अपरंपार है। इस विभाग में अधिकारियों की मनमाने रवैए की वजह से जूनियर हेड वार्डर के अंडर में सीनियर हेड वार्डर काम कर रहे है। मामला न्यायालय में जाने के बाद न्यायालय ने प्रोन्नति प्रक्रिया को गलत ठहराते हुए गलत ढंग से किए गए प्रमोशनों को निरस्त कर दिया। मामला न्यायालय में विचाराधीन होने की वजह से विभाग में हेड वार्डर से डिप्टी जेलर पद पर प्रोन्नति की प्रक्रिया को रोक दिया गया है। इस निर्णय की वजह से दर्जनों की संख्या में हेड वार्डर प्रोन्नति पाए बगैर ही सेवानिवृत हो रहे हैं। उधर विभाग के आला अफसर इस गंभीर मसले पर चुप्पी साधे हुए हैं।
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विभाग में वर्ष 2021 में 16.12.2021 को हेड वार्डर से डिप्टी जेलर पद पर प्रोन्नति प्रक्रिया हुई। इस प्रक्रिया में विभाग के करीब 69 हेड वार्डर का डिप्टी जेलर पद पर प्रोन्नति दी गई। इसी प्रकार वर्ष 2023 में 21.02.2023 को प्रोन्नति कमेटी की बैठक हुई। इसमें करीब 95 हेड वार्डर को डिप्टी जेलर पद प्रोन्नत कर दिया गया। इस प्रोन्नति प्रक्रिया में हुई मनमानी को लेकर एक कर्मी न्यायालय की शरण में चला गया। न्यायालय की शरण में गए कर्मी का आरोप था कि विभागीय अधिकारियों ने मनमानी करते हुए सीनियर हेड वार्डर के बजाए जूनियर हेड वार्डरों को प्रमोशन दे दिया गया।
सूत्रों का कहना है कि न्यायालय ने पदोन्नति गलत पाए जाने पर निरस्त करके जिम्मेदार अधिकारियों के प्रति कार्यवाही किए जाने की जानकारी राज्य सरकार के अधिवक्ता आनंद कुमार सिंह ने कोर्ट को दी गई जबकि अभी तक किसी भी जूनियर महिला हेड वॉर्डर की पदोन्नति निरस्त नहीं हुई है जिसका शपथ पत्र न्यायालय में लगाया जाना है। केवल तारीख बढ़ाई जा रही है। वहीं जूनियर महिला हेड वार्डर 16.12.2021 से डिप्टी जेलर हैं जबकि सीनियर अभी भी हेड जेल वार्डर बने हुए हैं। उन्हीं जूनियर डिप्टी जेलरों का हेड वार्डरों का सहायक बनाया जा रहा है। विभाग के इस कार्यप्रणाली से हेड वार्डर संवर्ग के कर्मियों में खासा आक्रोश व्याप्त है।
विभाग में वसूली के लिए चर्चित एआईजी जेल नहीं उठाते फोन
जूनियर के अंडर में सीनियर हेड वार्डरों के काम करने के संबंध में जब कारागार विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था संभाल रहे अपर महानिरीक्षक कारागार प्रशासन धर्मेंद्र कुमार से सीयूजी (9454418152) नंबर पर बात करने का प्रयास किया गया तो कई प्रयासों के बाद भी उनका फोन नहीं उठा। बताया गया है विभाग में जेलों और अधिकारियों से वसूली के लिए चर्चित एआईजी जेल प्रशासन को जेलों की व्यवस्थाओं से कोई लेना देना ही नहीं है। विभाग की जानकारी नहीं होने की वजह से वह फोन ही नहीं उठाते हैं। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों महानिदेशक कारागार ने जेलों पर डिप्टी जेलरों की संख्या की कमी को देखते हुए जेल अधीक्षकों को निर्देश दिया था कि वह हेड वार्डरों से डिप्टी जेलर का काम ले सकते है।



