भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार और लूट चरम पर है। सरकार में हर विभाग और हर कार्य में भ्रष्टाचार हो रहा है। अखिलेश यादव ने कहा है कि एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं से लेकर जल जीवन मिशन तक में कमीशन खोरी और भ्रष्टाचार है। कहीं सड़कें टूट रहीं है, तो कहीं पानी की टंकियां गिर रहीं हैं। भाजपा सरकार एक्सप्रेस-वे के नाम पर जर्जर सड़कें बनाने का रिकॉर्ड बना रही। कथित लखनऊ कानपुर एक्सप्रेस-वे में 17 दिनों में दूसरी बार गड्ढे हो गए, उद्घाटन के बाद से ही मरम्मत की जरूरत पड़ने लगी। 4700 करोड़ की लागत से बना लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे चल कम रहा है, धंस ज्यादा रहा है। एक्सप्रेस-वे की सड़क कहीं धंस गयी तो कहीं डामर उखड़ गया। यही स्थिति बुन्देलखंड और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे की भी हुई थी।
अभी हो रहे ‘बटेश्वर कॉरिडोर’ के काम में बेतहाशा भ्रष्टाचार हो रहा है। दिनदहाड़े बिना बेस के सीधे मिट्टी पर ही पीसीसी डाला जा रहा है। यहाँ खराब कॉन्क्रीट और पत्थर का इस्तेमाल हो रहा है। डिजाइन फॉल्ट्स आदि की भी लिखित शिकायतें कई बार की जा चुकी है लेकिन कभी सुनवाई ही नहीं हुई, जाँच तो संभव ही नहीं है। भाजपा राज में जब कोई ईमानदार नागरिक आवाज उठाता है तो उसके फोन पर दूसरी तरफ से धमकी की आवाज आ जाती है।
भाजपाइयों का सबसे बड़ा संकट ये है कि वो अब अगर जनता से दंडवत् माफी भी माँगेंगे तो भी जनता माफ नहीं करेगी क्योंकि भाजपाइयों ने कभी भी जनता के साथ किया हुआ अपना वादा नहीं निभाया है। ये बात और है कि भाजपा के संगी-साथियों ने औपनिवेशिक सत्ताओं के आगे माफी भी माँगी थी और बड़ी वफादारी के साथ निभाई भी थी।
अखिलेश यादव ने कहा है कि दूसरों पर माफी माँगने के लिए दबाव बनाना और लोगों के बयान बदलवाना भाजपाई नकारात्मक राजनीति की बहुत ही घिसी-पिटी और आउट डेटेड चाल है। ऐसे कुकृत्यों से भाजपा के खिलाफ गुस्सा, नाराजगी और आक्रोश और भी अधिक बढ़ रहा है। जब जनता भाजपा के विरूद्ध अपने विचार, अपने मन में ही रखेगी तो भाजपाइयों और उनके अनरजिस्टर्ड संगी-साथियों के लिए हालात बद-से-बदतर हो जाएंगे। भाजपा का अहंकार ही गिरायेगा उनकी सरकार।



