किडनी निकलवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश दो गिरफ्तार

किडनी निकलवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर गिरोह मे सम्मलित दो अभियुक्त गिरफ्तार।

अजय सिंह

एटा। थाना कोतवाली नगर में किशन कश्यप पुत्र शंकर पाल निवासी शिवगज़ नई बस्ती धीमर वाली गली थाना कोतवाली नगर गांधी मार्केट में टिक्की बेचने का कार्य करता था। किशन कुमार का अश्वनी उर्फ रौकी पुत्र श्यामलाल निवासी श्याम नगर थाना कोतवाली नगर  से परिचय था। राजेश उर्फ प्रतीक नामक व्यक्ति निवासी विशाखापट्टनम द्वारा फेसबुक के माध्यम से अश्वनी उर्फ रॉकी को बताया  कि यदि कोई किडनी बेच कर पैसा कमाना  चाहे तो वह उससे सम्पर्क कर सकता है। जिस पर अश्वनी के द्वारा किशन सिंह से बात की गई, किशन सिंह को एक किडनी देने के बदले 24 लाख रुपये देने की बात तय की गई। इसमें अश्वनी को एक लाख बीस हजार रुपये अलग से कमीशन के तौर पर देना तय हुआ। बात तय होने के बाद राजेश द्वारा विशाखापट्टनम आने के लिए टिकट भेज दिया गया। किशन कश्यप व अश्वनी के विशाखापट्टनम पहुंचने पर राजेश उर्फ प्रतीक द्वारा श्री  लेखा नामक लॉज में रुकवाया गया तथा श्री लेखा लाँज से आधा किमी दूरी पर स्थित दुर्गा हास्पीटल में डाक्टर माधव द्वारा ऑपरेशन कर किडनी निकाली गई। जिसके एवज में एसबीआई बैंक शाखा मोहनलाल गंज लखनऊ का एक 24 लाख रुपये का चैक किशन कश्यप को दे दिया गया। साथ ही 70 हजार रुपये नकद खर्च हेतु अश्वनी उर्फ रॉकी को राजेश के द्वारा दिए गए तथा विशाखापट्टनम से आगरा तक की टिकट करा दी, जिससे अश्वनी व किशन वापस आगरा आ गये।

आगरा से अश्वनी ने अपने एक साथी दीपक उपाध्याय पुत्र सतेन्द्र उपाध्याय निवासी जीटी रोड गंगा नगर थाना कोतवाली नगर को बुलाकर टैक्सी से एटा आ गए। किशन कश्यप अपने परिजनों को बिना बताए दीपक उपाध्याय के घर पर चार पांच दिन रुका ! एक अप्रैल  को किशन कश्यप,अश्वनी व दीपक उपाध्याय लखनऊ गये, जहां पर अश्वनी एक अन्य साथी शिवाजी शुक्ला द्वारा उन तीनों को स्काई उदय होटल में रुकवाया गया। शिवाजी शुक्ला द्वारा बताया गया की बड़ी रकम का चैक है यदि आप एटा में लगायेंगे तो आपकी जांच हो सकती है, जिस पार्टी को किडनी दी गई है, वह लखनऊ के ही रहने वाले हैं। उन्ही के माध्यम से आपको बैंक से कैश दिला देगें। शिवाजी शुक्ला ने यह भी बताया कि इस कार्य में कई दिन का वक्त लग सकता है इसी कारण अश्वनी उर्फ रॉकी व दीपक उपाध्याय वापस एटा आ गये तथा किशन कश्यप को शिवाजी शुक्ला द्वारा हाॅटल में रुकवा दिया गया। कई दिन बीत जाने पर किशन कश्यप को चैक का पेमेन्ट नहीं मिला तो किशन के घर वाले 19 अप्रैल को किशन को वापस ले आये। किशन की हालत बिगड़ने पर उसने अपने घर वालों को उसके साथ हुई घटना के बारे में जानकारी दी। जिसमें किशन के भाई द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली नगर पर मुअसं- 241/2022 धारा 308, 120बी ,  420 भादवि व 18/19 मानव अंग प्रत्यारोपण अधि0 1994 पंजीकृत किया गया।

     वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उदय शंकर सिंह ने बताया कि पीड़ित किशन कश्यप की हालत खराब होने पर उसके परिजनों द्वारा इलाज हेतु ले जाने के दौरान घटना में सम्मिलित आरोपी अश्वनी उर्फ रॉकी को रास्ते में पहचान लिए जाने पर थाना कोतवाली नगर पुलिस को सूचना दी गई, प्राप्त सूचना के आधार पर थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा गत गुरूवार  को अभियुक्त अश्वनी उपरोक्त को तथा घटना में प्रकाश में आये अभियुक्त दीपक उपाध्याय को आज शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तगण द्वारा घटना का इकबाल किया गया। पूछताछ पर अभियुक्त राँकी उर्फ अश्वनी के द्वारा बताया गया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर ऐसे लोगों को जो स्वेच्छा से रुपए पैसे की तंगी के कारण किडनी आदि बेचना चाहते हैं उनको फंसाकर किडनी निकलवाकर विक्रय करने का कार्य बाहर शहरों में जाकर करते हैं। पैसो के लालच में लोग तैयार हो जाते हैं। गिरफ्तार अभियुक्तगण के विरुद्ध थानास्तर से आवश्यक वैधानिक कार्यवाही  करते हुऐ जेल भेजा जा रहा है एवं प्रकाश में आए अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु सार्थक प्रयास किए हैं  !

फरार अभियुक्तों का नामपता-

  1. राजेश उर्फ प्रतीक निवासी विशाखापट्टनम
  2. डाक्टर माधव निवासी विशाखापट्टनम
  3. शिवाजी शुक्ला निवासी लखनऊ

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