पश्चिमी उ0प्र0 में कांवड़ यात्रा अंतिम चरण में

पश्चिमी उ0प्र0 में कांवड़ यात्रा अंतिम चरण में, अब पूर्वी उ0प्र0 में श्रद्धालु कांवड़ यात्रा के लिए निकलेंगे, इसके दृष्टिगत सभी जरूरी प्रबंध किए जाएंपलियाकलां क्षेत्र में शारदा नदी और बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर, यहां की स्थिति पर 24×7 नजर रखी जाएग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश के मरीजों के त्वरित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता रहेभारत सरकार की एजेंसियों की मदद से आकाशीय बिजली के सटीक पूर्वानुमान की बेहतर प्रणाली के विकास के प्रयास किये जाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग दो वर्ष के अन्तराल के बाद इस बार कांवड़ यात्रा हो रही है। बड़ी संख्या में लोग जलाभिषेक के लिए आवागमन कर रहे हैं। यह सुखद है कि कांवड़ यात्रा सुचारू रूप से चल रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा अंतिम चरण में है। अब पूर्वी उत्तर प्रदेश में श्रद्धालु कांवड़ यात्रा के लिए निकलेंगे। इसके दृष्टिगत सभी जरूरी प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। पलियाकलां क्षेत्र में शारदा नदी और बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। यहां की स्थिति पर 24×7 नजर रखी जाए। आपद स्थिति में आमजन की सुरक्षा, बचाव और राहत के लिए सभी प्रबंध कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि भारतीय मौसम विभाग, केन्द्रीय जल आयोग, केन्द्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण से सतत संवाद-संपर्क बनाए रखें। यहां से प्राप्त आकलन/अनुमान रिपोर्ट समय से फील्ड में तैनात अधिकारियों को उपलब्ध करायी जाए। भारत सरकार की एजेंसियों की मदद से आकाशीय बिजली के सटीक पूर्वानुमान की बेहतर प्रणाली के विकास के लिए प्रयास किया जाना चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के दिनों में प्रायः सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। यह सुनिश्चित किया जाए कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे मरीजों के त्वरित उपचार की व्यवस्था रहे। सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता रहे।

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