प्रदेश में औद्योगिक माहौल को देखते हुए उद्योग जगत की जरूरतों के मुताबिक नई औद्योगिक नीति तैयार करें-योगी

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राजू यादव

प्रदेश के बदले औद्योगिक माहौल को देखते हुए उद्योग जगत की जरूरतों के मुताबिक नई औद्योगिक  नीति, नई इलेक्ट्रॉनिक वेहिकिल नीति और बेहतर वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स नीति तैयार की जाए।प्रदेश को अतिशीघ्र बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का उपहार मिलने जा रहा है, यह एक्सप्रेस-वे बुंदेलखंड में ‘विकास की लाइफ लाइन’ के रूप में प्रतिष्ठित होगी।बरसात के दृष्टिगत नालों की सफाई करा ली जाए, जिससे सिल्ट जमा न हो तथा बारिश में जलभराव न हो।शहरों को स्वच्छ करने के साथ-साथ सुंदर बनाने का भी प्रयास किया जाए, जनसहभागिता/जनप्रतिनिधियों/सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से चौराहों का सुंदरीकरण कराया जा जाए,ऊर्जा संरक्षण पर विशेष ध्यान देते हुए यह सुनिश्चित किया जाए। कि स्ट्रीट लाइट समय से ऑन हों और समय से बंद कर दिए जाएं। फार्मेसी काउंसिल द्वारा दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया  को सरल बनाया जाए, सत्यापन में विलंब के कारण किसी का हित प्रभावित न हो।निजी क्षेत्र में विश्वविद्यालय स्थापित करने के इच्छुक संस्थाओं के आवेदन अनावश्यक लंबित न रखे जाएं, आवेदनों पर समयबद्ध ढंग से निर्णय लिए जाएं।

   लखनऊ। उत्तर प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के लिए नई औद्योगिकी नीति तैयार करने के निर्देश दिए। प्रदेश में विदेशी उद्यमी भी निवेश कर रहे हैं इसलिए उद्योग जगत की जरूरत के अनुसार नीति बनाने की जरूरत है। उन्होंने टीम-09 को स्वास्थ्य सेवा, उद्योग और शिक्षा संबंधित कार्यों को लेकर दिशानिर्देश दिए।उत्तर प्रदेश का हर जिला क्षमतावान है और जिला व नगर निकायों को जीडीपी बढ़ाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने की जरूरत है।उन्होंने प्रदेश में निवेश के माहौल पर कहा, ‘प्रदेश के बदले औद्योगिक माहौल को देखते हुए बड़ी संख्या में देश-दुनिया के उद्यमी उत्तर प्रदेश में निवेश कर रहे हैं। उद्योग जगत की जरूरतों के मुताबिक नई औद्योगिक नीति, नई इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल नीति और बेहतर वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक नीति तैयार करें। नई नीतियां तैयार करते समय उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से सलाह लेना सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री योगी ने टीम-09 को प्राइवेट यूनिवर्सिटी बनाने से संबंधित आवेदनों का जल्द निपटारा करने को कहा। ‘निजी क्षेत्र में विश्वविद्यालय स्थापित करने के इच्छुक संस्थाओं के आवेदन अनावश्यक लंबित न रखे। आवेदनों पर समयबद्ध ढंग से निर्णय लिया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्राइवेट यूनिवर्सिटी की स्थापना से संबंधित नियमों को सरल किया गया है जिसका लाभ राज्य को मिलना चाहिए। ‘अब तक लंबित ऐसे सभी आवेदनों की मुख्य सचिव द्वारा समीक्षा कर मुख्यमंत्री कार्यालय में पेश की जाए।


पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के उपरांत प्रदेश को अतिशीघ्र बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का उपहार मिलने जा रहा है। यह एक्सप्रेस-वे बुंदेलखंड में ‘विकास की लाइफ लाइन’ के रूप में प्रतिष्ठित होगा। इस एक्सप्रेस-वे के शेष कार्यों को अगले 10 दिनों में पूर्ण करा लिया जाए। गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू करा दिया जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के दृष्टिगत नालों की सफाई करा ली जाए, जिससे सिल्ट जमा न हो तथा बारिश में जलभराव न हो। उन्होंने कहा कि अमृत योजना के तहत अब तक हुए कार्यों की गहनता से समीक्षा की जाए। शहरों को स्वच्छ करने के साथ-साथ सुंदर बनाने का भी प्रयास किया जाए। जनसहभागिता/जनप्रतिनिधियों/सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से चौराहों का सुंदरीकरण कराया जा जाए। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण पर विशेष ध्यान देते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि स्ट्रीट लाइट समय से ऑन हों और समय से बंद कर दिए जाएं।निजी क्षेत्र में विश्वविद्यालय स्थापित करने के इच्छुक संस्थाओं के आवेदन अनावश्यक लंबित न रखे जाएं। आवेदनों पर समयबद्ध ढंग से निर्णय लिए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निजी विश्वविद्यालय के स्थापना संबंधी नियमों/अर्हताओं को यथासंभव सरल किया गया है। इसका लाभ प्रदेश को मिलना चाहिए। अब तक लंबित ऐसे सभी आवेदनों की मुख्य सचिव द्वारा समीक्षा कर मुख्यमंत्री कार्यालय के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि फार्मेसी काउंसिल द्वारा दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। सत्यापन में विलंब के कारण किसी का हित प्रभावित न हो। अभ्यर्थियों को सरलता हो, इसके लिए जरूरी व्यवस्था की जाए।

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