11 वर्षीय बालिका के साथ बलात्कार और हत्या के जघन्य अपराध में…..

11 वर्षीय बालिका के साथ बलात्कार और हत्या के जघन्य अपराध में घटना के मात्र तीन दिन बाद 25 जून को अजमेर पुलिस आरोपी के विरुद्ध अदालत में चार्जशीट पेश करेगी।आरोपी को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा।

एस0 पी0 मित्तल

अजमेर के निकट पुष्कर क्षेत्र की बैजनाथ की पहाड़ी पर 21 जून को 11 वर्षीय बालिका के साथ बलात्कार और हत्या की जो घटना हुई उसमें आरोपी के विरुद्ध 25 जून को अदालत में चार्जशीट पेश कर दी जाएगी। जिला पुलिस अधीक्षक जगदीश चन्द्र शर्मा ने बताया कि बेहद ही जघन्य अपराध है इसलिए मैंने यह वादा किया था कि अगले 48 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में चार्जशीट पेश कर दी जाएगी।

मैंने अपने वायदे के मुताबिक घटना के तुरंत बाद आरोपी सुंदर उर्फ संतु को गिरफ्तार करवाया और 24 जून को आरोपी को अदालत में पेश कर 15 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भिजवा दिया। अब वायदे के अनुसार 25 जून को अदालत में आरोपी के विरुद्ध चार्जशीट पेश कर दी जाएगी। शर्मा ने बताया कि इन दिनों अदालतों में वीसी के जरिए कामकाज हो रहा है। इस स्थिति को देखते हुए वे स्वयं संबंधित न्यायिक अधिकारी से बात करेंगे और चार्जशीट को पेश किया जाना सुनिश्चित करेंगे।

एसपी शर्मा ने बताया कि 24 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए ही आरोपी को पोस्को में पेश किया गया था। आरोपी के विरुद्ध पुलिस के पास पुख्ता सबूत हैं। हालांकि आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपी ने माना है कि वह नशे की हालात में था इसलिए बलात्कार और हत्या जैसा जघन्य अपराध किया है। एसपी ने कहा कि यह घटना एक सामाजिक बुराई है।

समाज में ऐसी घटनाओं को बढ़ावा न मिले इसलिए हम जल्द से जल्द आरोपी को सजा दिलाना चाहते हैं। एसपी ने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की देखभाल अच्छी तरह करें। यदि 24 वर्षीय सुंदर उर्फ संतु शराब पीकर आपराधिक घटनाएं करता है तो यह समाज के लिए भी अच्छी बात नहीं है।

सोशल मीडिया पर धमकी:-
11 वर्षीय बालिका के साथ बलात्कार और हत्या की घटना को गंभीर मानते हुए सोशल मीडिया पर आरोपी और उसके वकील को धमकियां दी गई है। पुलिस का कहना है कि यदि इस संबंध में कोई शिकायत करेंगा तो कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र के डीएसपी पार्थ शर्मा ने कहा कि इस जघन्य मामले में पुलिस ने तत्परता के साथ कार्यवाही की है। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। सभी पक्ष के लोगों को अदालत के फैसले का इंतजार करना चाहिए। पुलिस का प्रयास होगा कि अदालत की कार्यवाही भी तेजी से करवाई जाए।

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