चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे से…

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नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान

ककुवा ने प्रपंच का श्रीगणेश करते हुए कहा- यूक्रेन दुई हाथिन क मड़निम रौंदा जाय रहा। अमेरिका अउ नाटो देस मिलि कय यूक्रेन का झाड़ प चढ़ाय दिहिन। यूक्रेन जइस चूहा, रूस जइसन हाथी त भिड़ा परा हय। दस दिन मा रूसी फौजयँ सगरे यूक्रेन का तबाह कय डारिन। राजहठ के कारन बड़े-बड़े शहर खंडहर बनिगे। रूस का आधे यूक्रेन प कब्जा होय गवा। राजधानी कीव पय रूस चढ़ाई कय दिहिस हय। यूक्रेन के दुई परमाणु प्लांटन पय रूस काबिज होइगा। पुतिन पूरी दुनिया क दरकिनार कइके महायुद्ध लड़िय रहे। उई यूक्रेन का तहस-नहस करय प आमादा हयँ। हमका तौ लागत हय कि यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेन्सकी क्यार खात्मा होय क बादिन युद्ध विराम होई। काहे ते जेलेन्सकी यूरोपियन यूनियन केर कठपुतली बनिगा हय। नाटो देस वहिके खूब हवा भरे हयँ।


चतुरी चाचा अपने चबूतरे पर बड़ी गम्भीर मुद्रा में बैठे थे। वहीं पर ककुवा, मुंशीजी, कासिम चचा व बड़के दद्दा रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़ी खुसुर-पुसुर कर रहे थे। आज मौसम बहुत बढ़िया था। चबूतरे से थोड़ी दूर पर गांव की कुछ बच्चियां सकरी-सतला व गोटा खेल रही थीं। पुरई देसी गायों को चारा-पानी करने में जुटे थे। मेरे चबूतरे पर पहुंचते ही ककुवा ने प्रपंच शुरू कर दिया। ककुवा का कहना था कि यूक्रेन जैसा छोटा मुल्क अमेरिका व रूस जैसे बड़े शक्तिशाली देशों की आपसी खींचतान में फंस गया है। नाटो देशों ने अपने स्वार्थ के चलते यूक्रेन को झाड़ के पेड़ पर चढ़ा दिया है। यूक्रेन ने रूस से दुश्मनी करके अपने विनाश का दरवाजा खोल दिया है। पूरा यूक्रेन तबाह होता चला जा रहा है। दस दिन की जंग में आधा यूक्रेन रूस के कब्जे में चला गया है। अब उसकी राजधानी कीव पर रूसी फौजें कहर बरपा रही हैं। नाटो देश यूक्रेन को सिर्फ गोला बारूद दे रहे हैं। जबकि यूरोपियन यूनियन आर्थिक मदद दे रही है। परन्तु, अमेरिका सहित किसी यूरोपीय देश ने अपनी सेना यूक्रेन नहीं भेजी।


चतुरी चाचा ने ककुवा की बात को आगे बढ़ाते हुए कहा- यूक्रेन कय हालत बड़ी दयनीय होइगै। दस लाख यूक्रेनी नागरिक अउ हजारों विदेशी नागरिक पड़ोसी देसन म शरण लिहिन हय। इ युद्ध म हजारन निर्दोष मनई मारा जाय रहा। अपने भारत क बहुत जने अबहिंयू यूक्रेन म फंसे हयँ। इमा डाक्टरी पढ़य वाले लरिका-बिटिया ज्यादा हयँ। हुआँ रातदिन गोलाबारी होय रही। सब भूखे-पियासे बंकरन म लुकान बैठि हयँ। खरकीव म कर्नाटक का बिचारा ऐकू लरिका मिसाइल हमलम मारा गवा। कीव म ऐकू लरिका गोली लागय ते घायल भवा। सब जने चाहत हयँ कि कौनिव तिना यूक्रेन म फंसे लरिका-बिटिया निकरि आवयँ। मोदी सरकार अपने चार मन्त्रिन का विदेश भेजिस हय। वायुसेना अउ कयू विमान कम्पनिन क जहाज भारतीय नागरिकन का लावै म जुटियान हयँ। पोलैंड, रोमानिया अउ हंगरी ते तकरीबन 12 हजार छात्र-छात्रन का स्वदेश लावा जाय चुका। यूक्रेनी राष्ट्रपति नाटो अउ यूरोपियन यूनियन म शामिल होयक ख़ातिन हुलहुलान रहयं। रूसी राष्ट्रपति अपनी सीमा प नाटो का आवै दीन नाइ चाहत रहयं। बस, युद्ध क्यारु यहै कारन हय। इ महाभारत म यूक्रेनय नाइ बर्बाद होय रहा। रूसव क बड़ी हानि होय रही। कुछु देसन का छोड़ि देव तौ सारा संसार रूस क विरोध कय रहा। रूस प नाना प्रकार क प्रतिबंध लगाय जाय रहे। वैसी तन युद्ध म रूस क्यार करोड़न रुपया रोज खर्च होय रहा।
इसी बीच चंदू बिटिया प्रपंचियों के लिए जलपान लेकर आ गई। आज जलपान में चावल एवं गन्ने के रस से बनी स्वादिष्ट ‘रसियाउर’ थी। हम लोगों ने रसियाउर खाने के बाद नल का ताजा पानी पीया। फिर कुल्हड़ वाली स्पेशल चाय के साथ चर्चा आगे बढ़ी।


मुंशीजी ने कहा- यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की हठधर्मिता और रूस के राष्ट्रपति पुतिन के अहम के चलते यूक्रेन के खूबसूरत शहर खंडहर में परिवर्तित होते जा रहे हैं। पुतिन लगातार परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी दे रहे हैं। वहीं, जेलेंस्की अंतिम सांस तक लड़ने का दम भर रहे हैं। रूसी सेना यूक्रेन में घुसती जा रही है। यूक्रेन की फौज और नागरिक गुरिल्ला युद्ध लड़ रहे हैं। इस महायुद्ध के चलते तीसरे विश्वयुद्ध की आशंका अलग से बनी है। रूस-यूक्रेन युद्ध से सारी दुनिया चिंतित है। क्योंकि, रूस परमाणु संयंत्रों पर भी गोलाबारी कर रहा है। रूसी फौज ने यूक्रेन के दो परमाणु संयंत्रों पर कब्जा कर लिया है। रूस की गोलाबारी से अगर परमाणु रिएक्टर में रिसाव हो गया, तो इसका खामियाजा पूरी दुनिया विशेषकर यूरोप को भुगतना पड़ेगा। रूस आज 11वें दिन यूक्रेन को घुटनों पर लाने के लिए अनेक शहरों में भीषण बमबारी कर रहा है। अब तो रिहायशी इलाकों में भी मिसाइलें और रॉकेट फट रहे हैं। कुलमिलाकर स्थिति बड़ी भयावह है।


कासिम चचा ने विषय परिवर्तन करते हुए कहा- कल यूपी में सातवें चरण का मतदान होगा। इस अंतिम चरण के मतदान में कुल 54 सीटों की किस्मत ईवीएम बन्द हो जाएगी। उत्तर प्रदेश सहित पँजाब, उत्तराखंड, गोवा व मणिपुर राज्यों के विधानसभा चुनाव का परिणाम आगामी 10 मार्च को आएगा। तभी पता चलेगा सत्तारुढ़ भाजपा कितने पानी में है? पँजाब में भाजपा लड़ाई से बाहर है। यूपी में सपा ने भाजपा की विजय में रोड़ा अटका दिया है। उधर, उत्तराखंड, मणिपुर व गोवा में कांग्रेस व अन्य क्षेत्रीय दलों ने भाजपा की लगाम थाम रखी है। मेरे हिसाब से मंहगाई और बेरोजगारी ने भाजपा के अरमानों पर पानी फेर दिया है। हालांकि, भाजपा ने एक बार फिर हिन्दू-मुस्लिम का कार्ड खेला है। भाजपा इसे हुक्म का एक्का मानती है। लेकिन, काठ की हांडी दोबारा चूल्हे पर चढ़ती नहीं है।


बड़के दद्दा कासिम चचा की बात पर भड़क गए। उन्होंने कहा- चचा, आप कल्पना लोक से अभी तक नीचे नहीं उतरे। आपको सपाइयों और कांग्रेसियों ने बरगला रखा है। आप उन लोगों की भाषा बोल रहे हैं। आपको जमीनी हकीकत दिखती ही नहीं है। आप कम से कम अखबार और टीवी तो देख लिया करो। कांग्रेस जब अपना पंजाब नहीं बचा पा रही है, तो यूपी, उत्तराखंड, मणिपुर व गोवा में क्या करेगी? बसपा का कहीं कोई नाम लेने वाला नहीं है। यूपी में सपा थोड़ी-बहुत लड़ाई में है। जनता जनार्दन योगी-मोदी की मुरीद है। इस बार सुरक्षा, विकास और लोक कल्याण के मुद्दे पर वोटिंग हुई है। दरअसल, लाखों-लाख लाभार्थी जाति/धर्म से ऊपर उठकर भाजपा के पक्ष में खड़े हैं। केंद्र सरकार व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों का एक अलग वोट बैंक बन चुका है। यह भाजपा का वोट बैंक है। इसी वोट बैंक से भाजपा यूपी, उत्तराखंड, मणिपुर व गोवा में सत्तारूढ़ होने जा रही है। वहीं, पँजाब में मजबूत लड़ाई लड़ रही है।


मैंने कोरोना महामारी का अपडेट देते हुए प्रपंचियों को बताया कि विश्व में अबतक 44 करोड़ 37 लाख से ज्यादा लोग कोरोना की जद में आ चुके हैं। इनमें 60 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इसी तरह भारत में चार करोड़, साढ़े 29 लाख से अधिक लोग कोरोना से पीड़ित हो चुके हैं। देश में अबतक पांच लाख 14 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। भारत की 97 प्रतिशत लोगों को कोरोना का टीका लग चुका है। देश में 15 से 18 वर्ष आयु के बच्चों को कोरोना टीके की पहली डोज लग गई है। वहीं, ज्यादातर कोरोना योद्धाओं और बुजुर्गों को बूस्टर डोज दी जा चुकी है। एक मार्च से 12 से 15 वर्ष आयु वाले बच्चों को भी वैक्सीन लगाई जा रही है। बहरहाल, हम सबको मास्क पहनने और लोगों से दो गज की दूरी रखने की जरूरत है। तभी हम सब कोरोना महामारी से सुरक्षित रहेंगे।इसी के साथ आज का प्रपंच समाप्त हो गया। मैं अगले रविवार को चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे पर होने वाली बेबाक बतकही के साथ फिर हाजिर रहूँगा। तबतक के लिए पँचव राम-राम!