प्रदेश में दुग्ध तकनीकी की दिशा में शोध के लिए रिसर्च सेंटर की स्थापना करें -धर्मपाल सिंह

लखनऊ। प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग मंत्री धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता में आज यहां विधान भवन स्थित उनकेे कार्यालय में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के अध्यक्ष मिनेश शाह, अपर मुख्य सचिव दुग्ध विकास डा0 रजनीश दुबे एवं अन्य उच्चाधिकारियों के साथ प्रदेश मेें दुग्ध उत्पादन को और बढ़ाने एवं निर्माणधीन दुग्ध प्लान्टों की स्थिति पर बैठक आहूत की गई। बैठक में एनडीडीबी के सहयोग से पराग को आत्मनिर्भर सहकारी संगठन बनाने एवं बोर्ड काशी मॉडल की तर्ज पर पराग की अन्य डेयरियों को आर्थिक रूप से लाभकारी बनाने के संबंध में भी चर्चा हुई।


प्रदेश में दुग्ध तकनीक की दिशा में शोध के लिए बोर्ड द्वारा रिसर्च सेंटर की स्थापना किए जाने, दुग्ध विकास एवं पशुपालन विभाग भी देशी गायों की नस्ल सुधार के लिए बोर्ड से सहयोग लेने, बरेली में भी बोर्ड के कार्यालय खोले जाने के विषय पर सकारात्मक वार्ता हुई। बोर्ड के अध्यक्ष ने इस पर सैद्धांतिक सहमति भी दी।दुग्ध विकास मंत्री ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दुग्ध उत्पादन को और बढ़ाने एवं पशुपालकों की आय में बढ़ोत्तरी के प्रति संकल्पित है, इसलिए उन्होंने लोक कल्याण संकल्प पत्र में आगामी पांच वर्षों 1000 करोड़ रूपये की लागत से नन्द बाबा दुग्ध मिशन के तहत प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य बनाये रखने का संकल्प लिया है। इसके साथ ही दुग्ध उत्पादकों को उनके दूध का उचित मूल्य पर विक्रय की सुविधा को प्रोत्साहित किया जा रहा है।


अपर मुख्य सचिव, पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग डा0 रजनीश दुबे ने दुग्ध उत्पादन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से पशुपालकों को समर्थ बनाने के लिए संचालित योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने नये प्लान्टों के शेष कार्यों को शीघ्र पूरा कराये जाने के बारे में भी अवगत कराया।बैठक में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड आनन्द, गुजरात के चेयरमैन मिनेश शाह ने गुजरात में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में किये जा रहे नये प्रयोगों के बारे में जानकारी दी और कहा कि गुजरात दुग्ध उत्पादन में उत्तर प्रदेश को हर तरह का सहयोग देने के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में निरन्तर अग्रणी बना हुआ है। अन्य राज्यों को भी इसी तरह की रणनीति अपनानी चाहिए।बैठक में दुग्ध आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील, प्रबंध निदेशक पी0सी0डी0एफ0 कुणाल सिल्कू तथा विशेष सचिव राम सहाय यादव उपस्थित थे।

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