रोग नियंत्रण अभियान

01 जुलाई से 31 जुलाई 2022 तक चलेगा संचारी रोग नियंत्रण अभियान व 16 जुलाई से 31 जुलाई 2022 तक चलेगा दस्तक अभियान।.

अयोध्या। मंडलायुक्त नवदीप रिणवा ने एक जुलाई से शुरू हो रहे संचारी रोग और 16 जुलाई से शुरू हो रहे दस्तक अभियान के सम्बंध में सभी मण्डल स्तरीय एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और अन्य जैसे वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नियमित स्वच्छता और फॉगिंग अभियान को सुनिश्चित करने की अपेक्षा की है। मण्डल की आशा, संगिनी, आंगनबाड़ी के साथ-साथ ग्राम प्रधानों को भी प्रशिक्षण देने के लिए कहा है। सभी जिलो में रैपिड रिस्पाॅन्स टीम का गठन कर उनको प्रशिक्षित भी कराये।

स्वच्छता और फॉगिंग पर दें विशेष जोर

मण्डलायुक्त ने कहा कि इस अभियान को प्रभावी बनाना सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकारी प्रयास के साथ-साथ जनसहभागिता भी महत्वपूर्ण है। जिसके तहत लोगो को अभियान से जोडा जाय व जागरूक किया जाये। उन्होंने बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए मलिन बस्तियों में साफ-सफाई, नियमित फॉगिंग, सॉलिड वेस्ट प्रबंधन, शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने और क्लोरीन की गोलियां वितरित कराई जाये।

16 जुलाई से शुरू होगा घर-घर दस्तक अभियान

मण्डल में 16 जुलाई से घर-घर दस्तक अभियान शुरू होगा जिसके सम्बन्ध में मंडलायुक्त ने बताया कि  इसमें मेडिकल टीमें घर-घर जाकर संक्रामक रोगों से ग्रस्त मरीजों की पहचान करेंगी। दस्तक अभियान के तहत टीबी के लक्षण वाले मरीजों को खोजकर उनकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि अभियान के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, ग्राम्य विकास, नगर विकास, महिला बाल विकास, कृषि, बेसिक माध्यमिक शिक्षा की ओर से अंतर्विभागीय समन्वय के साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा का ठोस प्रयास किए जाएंगे। मण्डलायुक्त ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान व दस्तक अभियान के तहत 29 जून 2022 को द्वितीय जनपद स्तरीय अन्तर्विभागीय बैठक 09 जुलाई दस्तक अभियान हेतु ब्लाक स्तरीय माइक्रो प्लान की उपलब्धता तथा 11 जुलाई से 13 जुलाई 2022 के मध्य दस्तक अभियान के संचालन हेतु ब्लाक चिकित्सालय पर आशा, ए.एन.एम. तथा आगनवाड़ी कार्यकत्र्रियो का सम्वेदीकरण किया जाना है।

मंडलायुक्त ने मंडल के सभी जिलाधिकारी एवं उप निदेशक, पशुपालन से कहा है कि वे अपने अधीन मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एवं ब्लाक स्तर पर पशु चिकित्सक को नियमित रूप से अस्थाई गौशाला का निरीक्षण करते रहें उन्होंने कहा कि शीघ्र ही बरसात शुरू हो जाएगी जिससे गौशालाओं में कीचड़ होने की संभावना रहेगी गौशाला में यह सुनिश्चित किया जाए कि पानी किसी स्थल पर जमा न होने पाये, कीचड़ के कारण कोई भी गौवंश बीमार न होने पाये तथा गौवंश वर्षा में भीगकर बीमार न होने पाए इसके लिए टीन सेट की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। निरीक्षण के दौरान गौवंश के लिए पर्याप्त चारा एवं पानी आदि की व्यवस्था हो यह सुनिश्चित किया जाए तथा इलाकों में तैनात पशु चिकित्सक नियमित पशुओं के स्वास्थ्य का परीक्षण भी करते रहें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button