झाँसी में मुख्यमंत्री ने तय की जवाबदेही

झाँसी में विकास कार्यों की गति और गुणवत्ता को लेकर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया है। लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़कों की गुणवत्ता और उपयोगिता बनाए रखने के लिए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर समयबद्ध, पारदर्शी और समन्वित तरीके से कार्रवाई होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि विकास परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही, विलंब या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा जनहित से जुड़ी सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण ढंग से निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए।

झाँसी। मुख्यमंत्री योगी ने आज जनपद झाँसी में लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए झाँसी मण्डल के जनप्रतिनिधियों से विकास सम्बन्धी प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में झाँसी-ललितपुर एवं जालौन जनपदों के जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की विकास आवश्यकताओं से सम्बन्धित प्रस्ताव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र की भौगोलिक, सामाजिक एवं विकासगत आवश्यकताओं की गहन जानकारी होती है। ऐसे में उनके सुझावों एवं प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर संकलित कर शासन को शीघ्र कार्ययोजना प्रेषित की जाए, जिससे आवश्यक स्वीकृतियाँ प्रदान कर समयबद्ध रूप से कार्य प्रारम्भ कराया जा सके।

लोक निर्माण विभाग की सड़कों को क्षति पहुँचाने वाले व्यक्तियों अथवा संस्थाओं से नियमानुसार क्षतिपूर्ति की वसूली एवं कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। सड़कों की गुणवत्ता एवं उपयोगिता बनाए रखने के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाए। उन्होंने जनहित से जुड़ी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान करने तथा समयबद्ध ढंग से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, राज्य राजमार्गों, दीर्घ एवं लघु सेतु, आर0ओ0बी0/आर0यू0बी0, धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले सम्पर्क मार्गों, फ्लाई ओवर तथा सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित प्रस्तावों पर जनप्रतिनिधियों द्वारा निर्धारित वरीयता क्रम के अनुसार त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सभी बिन्दुओं पर समयबद्ध, समन्वित एवं पारदर्शी कार्यवाही की जाए। विकास परियोजनाओं के भूमि-पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रमों में सम्बन्धित जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विकास कार्यों के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार का विलम्ब अथवा शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी तथा प्रत्येक परियोजना को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किया जाए।


मुख्यमंत्री ने प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए कहा कि विकास की पहली शर्त है लैण्ड, बुन्देलखण्ड में लैण्ड बैंक अच्छा खासा है। उन्होंने सुझाव दिया कि एनर्जी के प्रस्ताव दे, जहाँ सुरक्षा का माहौल अच्छा होगा, वहाँ निवेश आएगा और रोजगार भी मिलेगा। उत्तर प्रदेश ने विकास के मामले में बड़ी छलांग लगायी है। प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग ने अवगत कराया कि 7,000 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं के प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए हैं। इसमें झाँसी जनपद के 3774.34 करोड़ रुपये के 450 प्रस्ताव सम्मिलित हैं।


गत वित्तीय वर्ष में स्वीकृत परियोजनाओं की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि गत वर्ष झाँसी मण्डल में 2,400 करोड़ रुपये की लागत की 1,500 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिनमें से 940 परियोजनाएँ पूर्ण की जा चुकी हैं तथा शेष परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बावजूद कार्य प्रारम्भ नहीं किया गया है, उन मामलों में सम्बन्धित फर्मों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल मन्नू कोरी, महापौर बिहारी लाल आर्य, सांसद अनुराग शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम, विधायक रवि शर्मा, राजीव सिंह पारीछा, डॉ0 रश्मि आर्य, जवाहर लाल राजपूत, रामरतन कुशवाहा, मूलचन्द्र, गौरीशंकर वर्मा, विधान परिषद सदस्य बाबूलाल तिवारी, रामतीर्थ सिंघल, रमा निरंजन सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा सलाहकार मुख्यमंत्री अवनीश कुमार अवस्थी सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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