भाजपा विधायक केतकी सिंह का बयान बढ़ा सियासी पारा,नोटिस

लखनऊ/बलिया। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। बलिया जिले की बांसडीह विधानसभा सीट से भाजपा विधायक केतकी सिंह अपने विवादित बयान को लेकर लगातार सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए उनसे सरकारी टोटियों का हिसाब मांगा था। विधायक के इस बयान ने सियासी सरगर्मी बढ़ा दी। नाराज समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में स्थित उनके आवास का घेराव भी किया। इसके बाद माहौल और गरमा गया। भाजपा विधायक केतकी सिंह का बयान बढ़ा सियासी पारा,नोटिस

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने बताया कि भाजपा विधायक केतकी सिंह को आमर्यादित टिप्पणी, झूठ और छवि धूमिल करने वाले बयान के लिये कानूनी नोटिस भेजा है। सपा अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वकील कृष्ण कन्हैया पाल ने बताया कि भाजपा विधायक केतकी सिंह ने फर्जी आरोप लगाए हैं, जो बेसलेस हैं। ट्रायल में इसे प्रूफ नहीं कर सकते हैं। लेकिन फिर भी जो मुंह में आ रहा है वो बोल दे रहे हैं। नोटिस के जरिये भाजपा विधायक से सार्वजनिक रूप से मांफी मांगने के लिए कहा गया है। इसके लिए 15 दिन का समय दिया गया है।समाजवादी पार्टी ने विधायक केतकी सिंह को नोटिस भेज दिया है। सपा नेताओं का कहना है कि विधायक ने बेवजह सपा प्रमुख पर टिप्पणी की है, जिसका उन्हें जवाब देना होगा। वहीं, भाजपा खेमे का तर्क है कि विधायक ने सिर्फ जनहित के मुद्दे उठाए हैं और विपक्ष को असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की आदत हो चुकी है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह प्रकरण यूपी की सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी सपा के बीच बढ़ते टकराव की ताजा मिसाल है। आने वाले दिनों में यह विवाद और भी तूल पकड़ सकता है।

लीगल नोटिस के मुताबिक, अगर निर्धारित अवधि में माफी नहीं दी जाती, तो सक्षम न्यायालय में आपके विरुद्ध सिविल और आपराधिक मानहानि की कार्यवाही शुरू की जाएगी। इसके साथ ही 5 करोड़ रुपये का हर्जाना (compensation) भी मांगा जाएगा, जो पूरी तरह से आपके जोखिम और खर्च पर होगा। दरअसल नोटिस के जरिये बताया गया कि भाजपा विधायक केतकी सिंह ने एक निजी चैनल से बात करते हुए अखिलेश यादव के बिहार दौरे पर उन्होंने टिप्पणी की थी।

केतकी सिंह ने अपने बयान में कहा था कि अखिलेश यादव बिहार गए ठीक है, लेकिन पहले यूपी की जनता को वो टोटियां लौटाइये जो मुख्यमंत्री आवास खाली करते हुए ले गए थे। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अखिलेश यादव जैसे बड़े नेता ऐसी हरकत कर सकते हैं। लेकिन उन्हें पता कराना चाहिए कि सपा में ऐसे कौन लोग थे जो टोटियां उखाड़ ले गए थे। भाजपा विधायक ने कहा कि जिस यूपी की जनता ने चार बार सीएम बनाया है, उन्हें टोटियां वापस कीजिये। उसके बाद आगे की बात होगी।

भाजपा का कहना है कि विधायक ने केवल जनहित और भ्रष्टाचार से जुड़े सवाल उठाए हैं, लेकिन विपक्ष राजनीतिक लाभ लेने के लिए इसे तूल दे रहा है।राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद आने वाले समय में भाजपा-सपा टकराव को और तेज करने वाला मुद्दा बन सकता है।विधायक के इस बयान के बाद सपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन जारी है। बीते दिनों सपा कार्यकर्ताओं ने केतकी सिंह के लखनऊ स्थित सरकारी आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। उस वक्त दावा किया गया कि उस समय उनकी बेटी घर पर अकेली थी। जो सपा के प्रदर्शन से डर गई थी। शुक्रवार को भी सपा कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज चौराहे पर भाजपा विधायक के खिलाफ प्रदर्शन किया है। भाजपा विधायक केतकी सिंह का बयान बढ़ा सियासी पारा,नोटिस

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