Monday, April 20, 2026
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अखिलेश यादव का विजन इंडिया

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अखिलेश यादव का विजन इंडिया
अखिलेश यादव का विजन इंडिया

राजेन्द्र चौधरी

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की परिकल्पना पर आधारित विजन इंडिया समिट के आयोजन बेंगलुरू में 16 नवम्बर 2025, हैदराबाद में 13 दिसम्बर 2025, भुवनेश्वर में 17 जनवरी 2026 मुम्बई में 15 मार्च 2026 और 11 अप्रैल 2026 को जयपुर में हुए। इन आयोजनों में बुद्धिजीवियों, मीडिया विशेषज्ञों और युवाओं के साथ उद्यमियों ने सक्रिय रूप से शिरकत की। प्लान, डेवलेपमेंट ऐण्ड एसेंट के मंत्र के साथ आयोजित विजन इंडिया की पहल दूरदर्शी नेता अखिलेश यादव का एक अभिनव प्रयास है। जिसके माध्यम से विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाकर परिवर्तनकारी रचनात्मक विचारों एवं पहलों को प्रोत्साहित किया गया है।


    विजन इंडिया पहल की शुरुआत बेंगलुरु से हुई जो मुख्य रूप से स्टार्टअप्स और युवाओं पर केंद्रित था। अखिलेश यादव के इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और स्टार्टअप समुदाय से जुड़ना था। जिससे प्रगतिशील न्यू इंडिया (NEO India) का रोडमैप तैयार हो सके जो न्याय, समानता और तकनीक पर आधारित हो। विजन इंडिया अभियान समाजवादी पार्टी के PDA नारे के नए स्वरूप में Plan (योजना), Develop (विकास) और Ascent (प्रगति) पर आधारित रहा। अखिलेश यादव ने स्टार्टअप्स को समस्याओं का समाधान बताया और कहा कि उत्तर प्रदेश की चुनौतियों को स्टार्टअप्स के जरिए हल किया जा सकता है। उन्होंने भाजपा की विभाजन की दृष्टि (vision of division) के मुकाबले समाजवादी “विजन की राजनीति” को पेश किया।


अखिलेश यादव ने भारत में स्टार्टअप्स के अपार अवसरों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश की विशाल जनसंख्या और अनेक चुनौतियाँ नवाचार के लिए उपयुक्त वातावरण प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा, “हर समाधान एक स्टार्टअप है। भारत जैसे विकासशील देश में, जहाँ दुनिया की सबसे बड़ी आबादी है, अपार संभावनाएँ मौजूद हैं, जिन्हें हमें प्रगति के लिए उपयोग करना चाहिए।”उन्होंने आगे कहा, “भारत में हर कदम पर समस्याएँ हैं, कहीं संसाधनों की कमी, तो कहीं प्रशासनिक या प्रबंधन संबंधी चुनौतियाँ। इन सभी का समाधान तेज़ और बुद्धिमत्तापूर्ण स्टार्टअप्स के माध्यम से संभव है।”

    उन्होंने यह भी कहा, “तकनीक मानव जीवन को बेहतर बनाने का माध्यम हैं। हर स्टार्टअप इसी उद्देश्य का विस्तार है, जो सकारात्मक, व्यावहारिक और प्रगतिशील बदलाव लाने का प्रयास करता है।” स्टार्टअप्स को केवल लाभ कमाने का माध्यम न मानते हुए उनके सामाजिक उद्देश्य पर भी जोर दिया, और कहा कि ये वित्तीय सफलता के साथ-साथ सामाजिक प्रभाव को भी संतुलित करते हैं तथा समावेशी संस्कृति को बढ़ावा देते हैं। अंत में अखिलेश यादव ने कहा कि Vision India Summit श्रृंखला का उद्देश्य भारत के विकास के लिए प्रगतिशील, व्यावहारिक और सकारात्मक पहलों को बढ़ावा देना है, जो समावेशी और संतुलित प्रगति पर केंद्रित हों। अखिलेश यादव ने हैदराबाद में कहा कि उन्होंने स्पष्ट किया कि वे विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ हैं और उसे रोकना ही Vision India के माध्यम से उनका उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि वे सकारात्मक, विकासोन्मुख और प्रगतिशील राजनीति ही करेंगे।


समाजवादी पार्टी के नेतृत्व में हैदराबाद में आयोजित  Vision


India Summit में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बताया कि प्रशासन में तकनीक के उपयोग और भविष्य में तकनीकी परिवर्तन को लेकर युवाओं में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यह समिट आयोजित किया गया है। किसानों, बुनियादी ढांचे, शहरीकरण, शहरों में बेहतर सुविधाएं, ट्रैफिक समस्या के समाधान, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में एआई तकनीक का प्रभावी उपयोग आवश्यक है। इन विषयों पर समिट में विशेषज्ञों ने कई सुझाव दिए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि अपराध नियंत्रण में भी एआई तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में एआई तकनीक मानव में सकारात्मक सोच और सही दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक होगी।


अखिलेश यादव ने चिंता व्यक्त की कि उत्तर प्रदेश में देश में सबसे अधिक साइबर अपराध हो रहे हैं और साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि साइबर फ्रॉड के जरिए अपराधी केवल आम लोगों को ही नहीं, बल्कि आईएएस अधिकारियों और जजों जैसे उच्च पदों पर बैठे लोगों को भी निशाना बना रहे हैं। एआई के माध्यम से बनाए गए फर्जी वीडियो भी सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे हैं, जिन्हें रोकने के लिए भी एआई तकनीक का उपयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि तकनीक का लाभ सभी को मिलना चाहिए। एआई समिट’ में बताया कि कैसे AI किसानों के लिए मिट्टी की जांच और सैटेलाइट इमेजिंग के माध्यम से मददगार साबित हो सकता है, साथ ही मेडिकल क्षेत्र में भी इसके महत्व पर जोर दिया।


    अखिलेश यादव ने तकनीक तक सबकी पहुँच करने और ‘डिजिटल डिवाइड’ को कम करने की बात कही, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी AI का लाभ मिल सके। AI के दुरुपयोग की चेतावनी देते हुए डीपफेक, साइबर क्राइम और डेटा सुरक्षा जैसे खतरों के प्रति आगाह किया और इसके सकारात्मक उपयोग के लिए एक ठोस राष्ट्रीय नीति की आवश्यकता बताई। उन्होंने उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची (SIR) को एनआरसी का छिपा हुआ रूप बताते हुए भाजपा सरकार की आलोचना किया। हैदराबाद दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और बीआरएस नेताओं के साथ बैठकें किया। विजन इंडिया का तीसरा आयोजन ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में ‘होलिस्टिक हेल्थ समिट’ (Holistic Health Summit) पर केंद्रित था। यह बेंगलुरु (स्टार्टअप) और हैदराबाद (AI) के बाद इस श्रृंखला का तीसरा प्रमुख सम्मेलन था। भुवनेश्वर सम्मेलन का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा को केवल रोगों के उपचार तक सीमित न रखकर शारीरिक फिटनेस, मानसिक कल्याण, और सामाजिक स्थितियों के समावेशी विकास पर चर्चा करना था।


अखिलेश यादव ने भारत में स्वास्थ्य और वेलनेस के समग्र दृष्टिकोण पर जोर देते हुए कहा कि देश की बढ़ती जनसंख्या और उससे जुड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए व्यापक सोच आवश्यक है। “हमने आज के विषय के रूप में ‘स्वास्थ्य’ नहीं, बल्कि ‘समग्र स्वास्थ्य’ चुना है, क्योंकि आज लोग केवल बीमारी के इलाज से आगे बढ़कर संपूर्ण कल्याण और स्वस्थ जीवनशैली की तलाश कर रहे हैं।” “समग्र स्वास्थ्य का अर्थ है शरीर, मन और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करना, यही पूर्ण स्वास्थ्य और वेलनेस की परिभाषा है।” विषय पर विस्तार से बोलते हुए उन्होंने कहा “हमारा पर्यावरण, जिसमें घर, कार्यस्थल, सामाजिक परिवेश और प्राकृतिक वातावरण शामिल हैं। हमारे स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालता है। इसलिए एक सकारात्मक और सहयोगी वातावरण का निर्माण अत्यंत आवश्यक है।”


  अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि समग्र स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने से चिकित्सा सेवाओं पर दबाव कम किया जा सकता है और एक स्वस्थ जनसंख्या देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।सुपर सेशन से पहले आयोजित Experts’ Session में समग्र स्वास्थ्य के क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। “हेल्दी इंडिया” नारा देकर कहा कि यह केवल एक नारा (Slogan) नहीं बल्कि एक मिशन होना चाहिए। उन्होंने चिकित्सा बनाम स्वास्थ्य सेवा की चर्चा करते हुए ‘मेडिकल केयर’ (जो बीमारी के बाद होती है) और ‘हेल्थ केयर’ (जो निवारक या प्रिवेंटिव होती है) के बीच के अंतर को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि देश में केवल 30% स्वास्थ्य आवश्यकताओं पर ही पर्याप्त ध्यान दिया जा रहा है। विजन इंडिया आयोजनों में अखिलेश यादव ने PDA मॉडल को नए सिरे से परिभाषित किया- P (Plan/योजना), D (Develop/विकास), A (Ascent/प्रगति)। भुवनेश्वर दौरे के दौरान श्री अखिलेश यादव ने बीजेडी (BJD) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से उनके निवास ‘नवीन निवास’ पर मुलाकात किया।


    पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ‘विजन इंडिया’ पहल के मुंबई में आयोजित चौथे सम्मेलन में शामिल हुए जिसका मुख्य विषय ‘क्रिएटिव इकोनॉमी’ (Creative Economy) था। विजन इंडिया मुंबई में आयोजित समिट में अखिलेश यादव ने ‘क्रिएटिविटी, पॉजिटिविटी और इक्वलिटी’ (Creativity, Positivity, Equality) योजना, विकास  और उत्कर्ष पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो इंसानियत और दुनिया को बेहतर बनाए, वही सच्ची रचनात्मकता है। इस सम्मेलन में भारत के रचनात्मक उद्योग के भविष्य को लेकर चर्चा की गई। देश में तेजी से बढ़ती युवा आबादी और उससे जुड़े व्यापक सामाजिक आर्थिक अवसरों को ध्यान में रखते हुए अखिलेश यादव ने भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था के निरंतर विकसित होते स्वरूप पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक कलाओं को अत्याधुनिक डिजिटल नवाचार के साथ जोड़कर भारत अपनी रचनात्मक संपदा को वैश्विक प्रभाव और रोजगार सृजन के एक स्थायी माध्यम में बदल सकता है।


    विजन इंडिया रचनात्मक अर्थव्यवस्था सम्मेलन के मुख्य अतिथि अखिलेश यादव ने कहा “हर नए सुधार, नीति और योजना के पीछे रचनात्मकता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। किसी भी सच्ची और अच्छी सरकार का लक्ष्य या तो पहले से मौजूद व्यवस्था को बेहतर बनाना होता है या फिर व्यापक जनसमूह की किसी समस्या का समाधान करना होता है।” “छोटे छोटे सुधारों के लिए भी एक नए और रचनात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है। कई बार साधारण बदलाव भी नवाचार को बढ़ावा देने और समस्याओं के समाधान के लिए पर्याप्त होते हैं, जबकि कुछ स्थितियों में बड़े परिवर्तन की जरूरत होती है। वहीं रचनात्मकता हमारी मदद करती है।” विषय को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा “रचनात्मक अर्थव्यवस्था किसी व्यक्ति की जन्म या जाति के आधार पर भेदभाव नहीं करती। इसमें व्यक्ति की प्रतिभा, कौशल और विशेषज्ञता को सर्वोच्च महत्व दिया जाता है, जिससे वह अपने काम का वास्तविक आनंद ले पाता है।”उन्होंने कहा कि जब सभी को समान अवसर मिलते हैं,तब हर व्यक्ति अपनी क्षमता और योग्यता के अनुसार योगदान दे सकता है और इसी से देश की अर्थव्यवस्था स्वाभाविक रूप से मजबूत होती है।


    अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार की उपलब्धियों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने ‘यश भारती’ जैसे सम्मानों के जरिए कलाकारों और खिलाड़ियों को ₹50,000 मासिक पेंशन देने की शुरुआत की थी। उन्होंने संगीतकार रीता गांगुली और बेगम अख्तर की परंपरा से जुड़े गरीब कलाकारों की मदद का भी उदाहरण दिया। विजन इंडिया के मुंबई कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेता रितेश देशमुख सहित फिल्म जगत के कई सितारे, विशेषज्ञ और युवा उद्यमी शामिल हुए। अखिलेश यादव ने मुंबई समिट में अपनी रणनीति Plan (योजना), Develop (विकास), Ascent (प्रगति) के माध्यम से ‘NEO India’ (प्रगतिशील भारत) के निर्माण का विजन साझा किया, जो न्याय और तकनीक पर आधारित हो।


    विजन इंडिया समिट का पांचवां सम्मेलन जयपुर में आयोजित हुआ। जिसका मुख्य विषय (थीम) ‘हारमोनियस हेरिटेज समिट’ (Harmonious Heritage Summit) था।
इस समिट में बुद्धिजीवियों, सांस्कृतिक इतिहासकारों और युवा नेताओं का एक विविध समूह एकत्रित हुआ, जिन्होंने भारत की साझा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और उत्थान के मार्ग पर विचार-विमर्श किया। विजन इंडिया हॉर्मोनियस हेरिटेज समिट के मुख्य अतिथि अखिलेश यादव ने देश के कुशल युवाओं और उससे जुड़े विशाल सामाजिक-आर्थिक संभावनाओं के संदर्भ में भारत की हॉर्मोनियस हेरिटेज की निरंतर विकसित होती प्रकृति पर ध्यान केंद्रित करने के महत्व पर बल दिया।


    उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्राचीन परंपरागत ज्ञान के साथ नवाचार को मिलाकर भारत अपनी सांस्कृतिक विविधता को सामाजिक समरसता और वैश्विक प्रभाव के एक सतत इंजन में बदल सकता है। जयपुर को पिंक सिटी के नाम से जाना जाता है. और गुलाबी रंग वास्तव में समरसता का रंग है. आखिरकार यह लाल और सफेद के पूर्ण मिश्रण से जन्म लेता है।केवल नाम ही नहीं, बल्कि शहर की कला, वास्तुकला, संगीत और भोजन सभी गहरी जड़ें जमाए बहुसांस्कृतिक समरसता को दर्शाते हैं।” उन्होंने कहा कि “समरसता शांति और सुकून को बढ़ावा देती है, जो आगे चलकर प्रगति और समृद्धि के लिए अनुकूल वातावरण बनाती है। वास्तविक प्रगति और समृद्धि यह सुनिश्चित करती है कि सभी को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें, जिससे भेदभाव समाप्त होता है। यह उत्पीडक और उत्पीड़ित, या पीड़ित और उत्पीड़क के बीच की खाई को समाप्त करता है। मूल रूप से, यह असमानताओं को मिटाता है और सामाजिक न्याय पर आधारित राज्य की स्थापना की ओर ले जाता है, और यही हमारा अंतिम लक्ष्य है।”


    इस विषय को आगे बढ़ाते हुए श्री यादव ने कहा, “इसे प्राप्त करने के लिए हम Vision India Harmonious Heritage जैसी पहलों के माध्यम से अपने समर्पित प्रयास जारी रखेंगे। और इसे पाने के लिए हम हमेशा इसी तरह की कोशिशें लगातार करेंगे और हासिल करके भी रहेंगे, इसके लिए चाहे साल लगे या सदी। उन्होंने कहा कि समरसता ही विकास की कुंजी है। विशेषज्ञ सत्र, जिसमें विरासत और धरोहर के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखने वाले प्रतिष्ठित वक्ताओं का एक पैनल शामिल था, सुपर सेशन से पहले आयोजित किया गया। जयपुर सम्मेलन में अखिलेश यादव ने “सामंजस्य से सौहार्द, सौहार्द से अमन-चैन और अमन-चैन से तरक्की” का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जब समाज में भाईचारा और समानता होगी, तभी देश का विकास संभव है। विरासत केवल स्मारकों को बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एकता और साझा पहचान की भावना को संजोने के बारे में है। “Harmonious Past ही Harmonious Future बनाएगा”। अखिलेश यादव ने दोहराया कि 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में सांप्रदायिकता का मुकाबला PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समुदाय एकजुट होकर करेगा।