मानव कल्याण के लिये प्रतिबद्ध अखिलेश दास फाउंडेशन

रेलवे कुलियों को अखिलेश दास फाउंडेशन ने कम्बल वितरण किया।मानवीय संवेदना हमारी जड़ों में।मानव कल्याण के लिये अखिलेश दास फाउंडेशन सदैव समर्पित रहेगा।

बहुत ही कम लोगों के मन-मस्तिष्क को प्रभावित करता है। कारण-संवेदना की कमी या संवेदना को महसूस न करना।हमारे मन में सभी प्रकार के भाव संचित होते हैं, समय-समय पर हम जैसी परिस्थितियों से गुजरते हैं वैसे ही भाव हमारे मन में उत्तेजित होते हैं।मानवीय संवेदनाएं मनोवैज्ञानिक रूप से हमें प्रभावित करती हैं। ये मानवीय संवेदनाएं मनोवैज्ञानिक रूप से एक मनुष्य के मन को दूसरे मनुष्य के मन से जोड़ती हैं यही कारण है कि कभी किसी व्यक्ति के दुख को देख कर हम अकस्मात ही दुख का अनुभव करते हैं यह हमारी ज्ञानेन्द्रियों के स्पंदन के कारण होता है।

अशोक सिंह

लखनऊ। मानवता सेवा भारतीय परम्परा की शानदार विरासत है,अखिलेश दास फाउंडेशन मानव कल्याण के लिये सदैव संकल्पित रहता है, ठंड में अलाव जलाना हो, गर्मियों में प्याऊ लगाकर प्यासे राहगीरों को निर्मल शीतल जल पिलाना हो। यही, नहीं कोरोना संक्रमण के अपदाकाल में शहर के सैनेटाइजेशन से लेकर मरीजों को एम्बुलेंस उपलब्ध कराना हो मरीजों के साथ उनके तीमारदारों के लिए भोजन की व्यवस्था करनी रही हो या प्रवासियों को भोजन सहित अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में अखिलेश दास फाउंडेशन की सक्रियता हर तरफ दिखायी देती रही है।पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास फाउंडेशन मानव सेवा से निरन्तर जुड़ा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व सामाजिक सरोकार हमारे रक्त में है। हम मानव कल्याण के रास्ते पर चलने के लिये प्रतिबद्ध हैं। 


आज चारबाग़ रेलवे स्टेशन पर, कुली समुदाय के बीच डॉ0 अखिलेश दास गुप्ता फाउंडेशन के प्रेसिडेंट विराज सागर दास के निर्देश पर भीषण ठंड के प्रकोप में अखिलेश दास फाउंडेशन ने अपनी परम्परा को आगे बढ़ाते हुए रेलवे कुलियों के मध्य पहुंचकर ठंड से बचाव के लिये उन्हें कम्बल वितरित किये। कम्बलों को प्राप्त कर रेलवे कुलियों के चेहरे पर प्रसन्नता की झलक देखने को मिली। कुलियों ने कहा कि ठंड में अलाव भी फाउंडेशन लगा रहा है। हम सब फाउंडेशन के कामों को वर्षों से देख रहे हैं। यह उनका निःस्वार्थ काम ईश्वर को पसन्द आता होगा। हम सब उनके अथाह मानव प्रेम को जानते हैं, उनके सदैव आभारी रहते हैं।


चारबाग सहित अन्य रेलवे स्टेशन के कुलियों को ठंड से बचाव के लिये अखिलेश दास फाउंडेशन के कम्बल वितरतण करने पर अखिलेश दास फाउंडेशन के अध्यक्ष विराज सागर दास ने कहा कि जनसरोकार हमारी जड़ों में है, मानव सेवा करने पर हृदय को अपार आनन्द की अनुभूति होती है। हमारे पिता श्री अखिलेश दास मानव सेवा के लिए सदैव समर्पित रहे। उनके दिखाये मार्ग से प्रेरित होकर सहायता के लिये सदैव तत्पर रहने का प्रयास करता हूँ। उन्होंनें कहा कि जनसरोकार से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। हमारे इस कार्य में अखिलेश दास जी सन्मार्गी रहे, बड़ों का स्नेह और सहयोग हमें और अधिक सम्बल देता है।इस अवसर पर कैलाश पाण्डेय,अरुण गुप्ता,राजीव बाजपेई,सान बक्शी,सी0 पी0 गोयल उपस्थित रहे।

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