अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर तीखा हमला बोला है। दूसरे राज्यों के गैंग और अपराधियों के यूपी में सक्रिय होने के दावे पर अखिलेश ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर “ये रिश्ता क्या कहलाता है?” उन्होंने आरोप लगाया कि बेखौफ अपराधियों के हौसले बढ़े हुए हैं और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अखिलेश के इस बयान के बाद यूपी की सियासत एक बार फिर गरमा गई है।
राजेन्द्र चौधरी
मुख्यमंत्री जी दावा करते रह गये कि माफिया-बदमाश उत्तर प्रदेश छोड़कर चले गये हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि यहां तो उल्टा हो गया, दूसरे राज्यों के गैंग-बदमाश बीसों राउंड गोलियाँ चलाकर, हत्या करते हुए उत्तर प्रदेश में आ गये हैं। उनकी गैंग का नाम भी उत्तर प्रदेश के किसी नामी-गिरामी से मिलता जुलता है। ये रिश्ता क्या कहलाता। अखिलेश यादव ने कहा कि गोलियाँ अपने प्रदेश के एक निर्दोष युवा को ही नहीं, कोतवाली क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को भी मारी गई हैं। बेखौफ हत्यारों के हौसले सातवें आसमान पर हैं क्योंकि उन्हें सत्ता सजातीयों को प्रश्रय देकर बचानेवाला और झूठे एनकाउंटर करवाकर पुलिस को भ्रष्ट बनानेवाला उत्तर प्रदेश भाजपा सरकार का भ्रष्ट शासन अपना-सा लगता है। गुनाहों में ‘किसी’ की साझेदारी है। इसीलिए इतनी बेशर्म पर्दादारी है।
अखिलेश यादव ने कहा कि ग्रेटर नोएडा में अल्पसंख्यक समाज की 6 साल की एक मासूम बच्ची के बलात्कार और हत्या का मामला रूह कंपा देने वाली है। इससे पूरे प्रदेश में हर बेटी के माँ-बाप अपनी बच्चियों की सुरक्षा को लेकर दहशत में हैं। उन्होंने कहा कि सवाल ये है कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था इतनी लचर कैसे हो गई है कि अपराधी सत्ता से नहीं डर रहे हैं। इस सवाल का यही जवाब है कि सत्ता सजातीयों के हर अपराध को जिस तरह दबाया-छुपाया जा रहा है उससे दूसरे अपराधियों के भी हौसले बुलंद हो रहे हैं। भाजपा ने अपने भ्रष्टाचार का दायरा इतना अधिक बढ़ा दिया है कि उसमें पुलिस को भी संलिप्त होने पर मजबूर कर दिया है, जिसका लाभ उठाकर कुछ भ्रष्ट पुलिसकर्मी अपराधियों से साँठगाँठ करके गुनाहों को पनाह दे रहे हैं। घोर निंदनीय। इंसाफ हो।



