Friday, February 27, 2026
Advertisement
Home राजनीति अमृत काल में अमृत को तरस रहा इंसान-संजय सिंह

अमृत काल में अमृत को तरस रहा इंसान-संजय सिंह

266
ईडी कभी भी छापा मार सकती है-संजय सिंह
ईडी कभी भी छापा मार सकती है-संजय सिंह

अमृत काल में अमृत को तरस रहा इंसान-संजय सिंह

अमृत काल में अमृत के लिये तरस रहा है “आम इंसान” पूँजीपतियों की लूट हुई आसान.बजट 2023- देश की जनता के साथ छलावा है.देश के अन्नदाता और बेरोजगार युवाओं के लिए बजट में कुछ भी नहीं.बजट केवल पूंजी पतियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है. चिकित्सा, खेल जगत, मनरेगा और रक्षा क्षेत्र में किसी तरह की सकारात्मक घोषणा नहीं हुई. खाद्य पदार्थ एवं जीवन रक्षक दवाओं पर किसी प्रकार की छूट नहीं दी गई.

लखनऊ- आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट केवल एक छलावा है. जिसमें देश की जनता को कहीं से कोई भी लाभ नहीं मिल रहा बल्कि पूर्ण रूप से पूंजीपतियों को समर्पित यह बजट एक चिंता का विषय है.उन्होंने कहा कि देश के 80 करोड़ अन्नदाता ओं की एमएसपी दोगुना करने की बात कही गई थी वह भी इस बजट में नहीं है. दो करोड़ को रोजगार देने का जो वादा किया गया था वह भी इस बजट में नहीं है. सांसद संजय सिंह ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि देश का सैनिक जो -20 डिग्री में रहकर देश के लिए प्राणों की आहुति देने हर समय तैयार रहता है उसके फायदे के लिए भी इस बजट में कोई घोषणा नहीं की गई है.

यह भी पढ़ें -आपका महाघोटाला के खिलाफ प्रदर्शन

संजय सिंह ने कहा कि 50 एयरपोर्ट बनाने की जो घोषणा की गई है दुनिया जानती है कि वह ठेका प्रधानमंत्री मोदी किसको देंगे. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि कोविड-19 आज जो बजट पारित होगा उसमें जनता को चिकित्सीय लाभ मिलेगा लेकिन बजट में ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई. संजय सिंह ने कहा कि रक्षाक्षेत्र, मनरेगा या खेल जगत में किसी भी तरह की बड़ी घोषणा नहीं की गई है. उन्होंने कहा कि देश की जनता की मूलभूत आवश्यकताओं में जो खाने-पीने के पदार्थ हैं उनमें दूध, दही, छाछ, आटा, दाल, चावल, गेहूं, जीवन रक्षक दवाओं जैसी जरूरी सामग्री पर किसी प्रकार की कोई छूट नहीं दी गई है तो आखिर यह बजट किस वर्ग के लिए बनाया गया है.

उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य का बजट घटा दिया गया है जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और सरकार की मंशा पर प्रश्नचिन्ह लगाता है. संजय सिंह ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कह रही है कि प्रति व्यक्ति आय दोगुनी हो गई है तो मैं पूछता हूं कि किस वर्ग की और किन लोगों की आय दोगुनी हो गई है. संजय सिंह ने आज पारित हुए बजट को मुहावरों के अंदाज़ में समेटते हुए कहा कि “न किसान न जवान न नौजवान, बजट में किसी के लिये नही कोई प्रावधान, अमृत काल में अमृत के लिये तरस रहा है “आम इंसान” पूँजीपतियों की लूट हुई आसान।

अमृत काल में अमृत को तरस रहा इंसान-संजय सिंह