सीनियर सिटीजन के लिए रेलवे टिकट में छूट की सुविधा नहीं

“बुजुर्ग हैं तो क्या हुआ, सरकार नहीं देगी रेल टिकट पर रियायत”।”बुजुर्गों को ट्रेन टिकट में छूट, सरकार को लग रहा बोझ”।”बहाल नहीं की जाएगी रेलवे में बुजुर्ग यात्रियों के लिए रियायत की सुविधा”।”सीनियर सिटीजन के लिए रेलवे टिकट में छूट की सुविधा नहीं “।

लखनऊ। संसद के मानसून सत्र में आप सांसद ‘संजय सिंह’ द्वारा कोविड 19 के बाद रेलवे में वरिष्ठ नागरिकों हेतु सब्सिडी-युक्त रेल टिकट और अन्य रियायते बहाल नहीं किये जाने के सम्बन्ध में पूछे गए अतारांकित प्रश्न सं. 781 का जवाब 22 जुलाई 2022 को रेल मंत्री मंत्री ने दिया। जिसमे बताया की रियायत देने की कीमत रेलवे पर बहुत भारी पड़ती है। इसलिए, वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी श्रेणियों के यात्रियों को रियायतें देने का दायरा बढ़ाना वांछनीय नहीं है। दरअसल मार्च 2020 यानी कोरोना काल से पहले रेलवे 58 वर्ष से ऊपर की बुजुर्ग महिलाओं को टिकट किराए में 50 फीसदी और 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग पुरुष नागरिकों को टिकट किराए में 40 फीसदी की छूट देती थी, लेकिन कोविड महामारी के दौरान सीनियर सिटीजनों को टिकट में दी जाने वाली रियायत को निलंबित कर दी गई थी।

जिसे अब तक दोबारा बहाल नहीं किया गया। जवाब में सरकार ने स्पष्ट कर दिया कि इसे लागू नहीं किया जा सकता है। क्योंकि बुजुर्गों को रेल किराए में छूट देने से रेलवे को नुकसान हो रहा है। रेल टिकट में बुज़ुर्गों को छूट पर 1667 करोड़ का ख़र्च है जो सरकार को अब बोझ लग रहा है। सरकार के इस फैसले से लोगों में नाराजगी है तो वहीं लोग ये भी सवाल कर रहे हैं कि अगर बुजुर्गों को रेल किराए में छूट देने से मोदी सरकार को नुकसान हो रहा है तो फिर मोदी सरकार अपने पूंजीपति मित्रों का 11 लाख करोड़ का कर्ज माफ कर के देश का पैसा क्यों लूटा रही है। मोदी सरकार के पास 8400 करोड़ रुपये का हवाई जहाज खरीदने, अपने मित्रों के टैक्स में 1,45,000 करोड़ रूपये प्रति वर्ष छूट देने और विज्ञापनों पर 911 करोड़ रूपये ख़र्च करने के लिए पैसे हैं, लेकिन रेल किराये में बुजुर्गों को रियायत देने के लिए पैसे नहीं हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button