मुख्यमंत्री ने डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयन्ती के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की

डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) चिकित्सालय के परिसर में स्थापित उनकी प्रतिमा के सम्मुख चित्र पर माल्यार्पण किया।मुख्यमंत्री ने डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयन्ती के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक महान शिक्षाविद, स्वतंत्रता सेनानी, समाज सेवी एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष थे।डॉ0 मुखर्जी ने ब्रिटिश हुकूमत के उन तमाम षडयंत्रों, जो भारत को कमजोर करने वाले थे, को बेनकाब किया और उनके प्रति समय रहते देश को सचेत करने का काम किया।डॉ0 मुखर्जी ने नारा दिया था कि आजाद भारत में ‘दो प्रधान, दो विधान और दो निशान’ नहीं चलेंगे।डॉ0 मुखर्जी के सपने को प्रधानमंत्री के नेतृत्व में साकार करने में सफलता मिली।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयन्ती के अवसर पर आज यहां डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) चिकित्सालय के परिसर मंे स्थापित उनकी प्रतिमा के सम्मुख चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक महान शिक्षाविद, स्वतंत्रता सेनानी, समाज सेवी एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष थे। आज उनकी पावन जयन्ती है। उन्होंने प्रदेश शासन की ओर से भारत माता के इस महान सपूत को देश के प्रति उनकी सेवाओं के लिए कोटि-कोटि नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।


मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ0 मुखर्जी ने देश की आजादी में बढ़-चढ़कर भाग लिया था। उनकी सेवाओं को देखते हुए देश की आजादी के बाद बनी अन्तरिम सरकार में उन्हें देश के उद्योग एवं खाद्य विभाग मंत्रालय का महत्वपूर्ण दायित्व प्रदान किया गया था। जिसका उन्होंने भलीभांति निर्वहन किया था। डॉ0 मुखर्जी देश के उन महान स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे, जिन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के उन तमाम षडयंत्रों, जो भारत को कमजोर करने वाले थे, को बेनकाब किया और उनके प्रति समय रहते देश को सचेत करने का काम किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ0 मुखर्जी की उल्लेखनीय सेवाएं बंगाल त्रासदी के दौरान स्मरणीय रही। स्वतंत्र भारत में उनकी सेवाओं को लेकर पूरा देश उनका स्मरण करता है। कश्मीर आज अगर भारत का हिस्सा है तो, उसके पीछे डॉ0 मुखर्जी का संघर्ष और बलिदान है। कश्मीर के विषय में डॉ0 मुखर्जी ने नारा दिया था कि आजाद भारत में ‘दो प्रधान, दो विधान और दो निशान’ नहीं चलेंगे। उनके इस सपने को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में साकार करने में सफलता मिली। कश्मीर विकास और समृद्धि की नयी ऊंचाइयों की ओर अग्रसर हो रहा है।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया, जनप्रतिनिधिगण एवं शासन-प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।

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