निरहुआ के गाने आधी- आबादी को अपमानित करने का माध्यम हैं:जय प्रकाश पांडेय

आजमगढ़। आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में केंद्रीय चुनाव कार्यालय (आजमगढ़)पर संवाददाताओं से बात करते हुए समाजवादी चिंतक एवं नेता प्रकाश पांडेय ने कहा कि समूचे भोजपुरी भाषाई अंचल में हमारी बहन -बेटियों को स्कूल, कॉलेज, पब्लिक ट्रांसपोर्ट से बाजार तक हर सार्वजनिक जगह पर निरहुआ के गानों-(निरहुआ सटल रहे,आदि) से अपमान और जलालत झेलनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि आजमगढ़ की जनता विशेषकर आधी आबादी द्वारा खारिज कर दिए गए निरहुआ को संघ और बीजेपी द्वारा पुनः टिकट देना उनकी नारी विरोधी एवं पुरुष वर्चस्ववादी सोच को दर्शाता है। वर्तमान भाजपा नेतृत्व को निरहुआ के गाने में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद दिख रहा है । भोजपुरी भाषा के स्वर्णिम अतीत का जिक्र करते हुए पांडेय ने कहा कि कबीर ,गोरखनाथ, किन्नाराम, विद्यापति से भिखारी ठाकुर आदि का सृजन संसार भोजपुरी की गौरवपूर्ण संपत्ति है।समाजवादी पार्टी लोकसरोकार तथा जनता की व्यथा -पीड़ा को आवाज देने वाले भोजपुरी लोक गायकों को हमेशा प्रतिष्ठा दी है। बिरहा के अमर गायक बालेश्वर यादव को सपा ने लोकसभा में भेजा था। किंतु बालेश्वर विरहा गायन में एक ओर घर की चारदीवारी में कैद सामंती अत्याचारों से पिसती हुई नारी के चीत्कार की अनुगूंज सुनाई पड़ती थी तो दूसरी ओर उनके गीतों में दमनकारी सामाजिक व्यवस्था में जातिगत अपमान के शिकार- दलितों, पिछड़ों, आधी आबादी को लड़ने की ताकत हासिल होता थी। आजमगढ़ की जागरूक जनता भाजपा द्वारा निरहुआ के माध्यम से भोजपुरी की लोक गायन परंपरा को विकृत करने के इस प्रयास को खारिज करेगी और आदरणीय धर्मेंद्र यादव को भारी मतों से लोकसभा में भेजेगी इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के विधायक विनोद चतुर्वेदी,आजमगढ़ के जिला महासचिव हरिप्रसाद दूबे, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री जय शंकर पांडेय जी, समाजवादी राष्ट्रीय शिक्षक सभा के पदाधिकारी जनार्दन यादव समदर्शी, चंद्रशेखर सिंह स्थानीय युवा समाजवादी नेता आशुतोष तिवारी/गोलू भी उपस्थित थे।

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