भाजपा राज में अब नोटों का भी प्राइवेटाइजेशन: अखिलेश यादव

भाजपा राज में अब नोटों का भी प्राइवेटाइजेशन। भाजपा सरकार में हर स्तर पर भ्रष्टाचार मुनाफाखोरी का खेल।

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भ्रष्ट भाजपा राज में अब नोटों का भी प्राइवेटाइजेशन हो जाएगा क्या? उन्होंने कहा कि कमीशनखोरी का मॉडल इस हद तक गिर जाएगा, देश की जनता ने सोचा न था। जब देश की मुद्रा ही आत्मनिर्भर नहीं होगी तो अर्थव्यवस्था और देश आत्मनिर्भर कैसे होगा? अब क्या सरकार भी आउटसोर्सिंग पर दे दी जाएगी?

अखिलेश यादव ने कहा इतने बड़े और संवेदनशील कार्य के लिए इतना छोटा कंजूसी भरा टेंडर निकालने के पीछे, कहीं चुपके से औपचारिकता पूरा करने का कोई गलत मंसूबा तो नहीं है। लगता है सेटिंग पहले ही हो चुकी है, दिखाने को खानापूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार नही, मुनाफाखोरों की भागीदार है। भाजपा सरकार में हर स्तर पर भ्रष्टाचार मुनाफाखोरी का खेल चल रहा है।

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देश की आर्थिक व्यवस्था और सरकारी नीतियों को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में सार्वजनिक संस्थानों से लेकर आर्थिक तंत्र तक निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में “नोटों का भी प्राइवेटाइजेशन” जैसे तीखे राजनीतिक बयान ने नई बहस छेड़ दी है।

विपक्ष का दावा है कि सरकार की नीतियों से भ्रष्टाचार, मुनाफाखोरी और निजी हितों को बढ़ावा मिल रहा है, जबकि सरकार इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताती है और अपने फैसलों को पारदर्शिता, आर्थिक सुधार तथा विकास के लिए आवश्यक कदम करार देती है।

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