वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा में कंगना

बिंदास अंदाज के लिए जानी जाने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना सुशांत राजपूत के आत्‍महत्‍या मामले में बयान दिए जाने के चलते बीते कुछ दिनों से लगातार सुर्खियों में हैं। उन्‍होंने मुंबई को लेकर भी जो बयान दिया था उस पर फिल्‍म इंडस्‍ट्री से जुड़े लोगों ने कमेंट किए थे। पंगा गर्ल कंगना के पिता ने मुंबई में उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्‍हें वाई श्रेणी की सुरक्षा व्‍यवस्‍था उपलब्‍ध करवाई है। हमारे देश में किसी की सुरक्षा की पांच श्रेणी हैं जिन्‍हें केंद्रीय गृह मंत्रालय मुहैया करवाता है। अलग अलग श्रेणी के हिसाब से इनमें जवानों की संख्‍या भी तय होती है। आइये जानते हैं क्या होती है वाई, जेड और जेड प्लस सिक्योरिटी। कितनी श्रेणी में किसे और किन परिस्थितियों में मिलती है सुरक्षा।

महाराष्ट्र में शिवसेना और एक्ट्रेस कंगना रनौत के बीच लगातार टकराव चल रहा है। ऐसे में कुछ लोगों ने कंगना रनौत को मारने की धमकी दी है। कंगना 9 सितंबर को मुबंई जानें वाली है ऐसे में कंगना को काफी धमकियां मिल रही थी। कंगना रनौत को केंद्र सरकार की तरफ से अब सुरक्षा के दृष्टिकोण से वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराई है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद फिल्म उद्योग के एक धड़े में नशीली दवाओं के उपयोग के बारे में बोलने के बाद रनौत को नये सिरे से मिल रही धमकी के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्रालय ने अर्द्धसैनिक बल के माध्यम से रनौत को वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्णय किया है। अधिकारी ने बताया कि वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा के तहत करीब 10 सशस्त्र कमांडों की तैनाती की जाती है।

अभिनेत्री ने ट्विटर पर कहा, ‘ये प्रमाण है की अब किसी देशभक्त आवाज को कोई फासीवादी नहीं कुचल सकेगा, मैं अमित शाह जी की आभारी हूं। वो चाहते तो हालातों के चलते मुझे कुछ दिन बाद मुंबई जाने की सलाह देते मगर उन्होंने भारत की एक बेटी के वचनों का मान रखा, हमारे स्वाभिमान और आत्मसम्मान की लाज रखी, जय हिंद।’ सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में कंगना शुरुआत से ही मुखर हैं। उन्होंने बॉलीवुड माफिया, नेपोटिज्म और अब ड्रग्स के मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी है। अपने बयानों के चलते वे न केवल बॉलीवुड सेलिब्रिटिज के निशाने पर आ गई हैं बल्कि कई राजनीतिक पार्टियां भी उनपर निशाना साध रही हैं।इसी बीच संजय राउत और कंगना रनौत के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।

कंगना ने कहा था कि उन्हें बॉलीवुड माफिया से ज्यादा मुंबई पुलिस से डर लगता है। इसपर राउत ने उन्हें मुंबई न आने की सलाह दी थी। इसके बाद कंगना ने चुनौती देते हुए कहा था कि वे नौ सितंबर को मुंबई आ रही है। उन्होंने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा था कि संजय राउत का मतलब महाराष्ट्र नहीं है।

महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ पार्टी शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में कंगना को ‘मेंटल वूमेन’ बताया है। ‘सामना’ में लिखा गया है कि ‘आने वाले मानसून सत्र में विपक्ष को भी आउटसाइडर के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।’ शिवसेना ने कहा कि ‘यह बिल्कुल भी बरदाश्त के बाहर है कि एक आउटसाइडर, जिसने मुंबई में आकर सब कुछ हासिल किया वो मुंबई का अपमान कर रही है और गलत बातें बोल रही है। इसकी आलोचना होनी चाहिए।’

शिवसेना ने कहा कि ‘मेंटल वूमन’ ने मुंबई और मुंबई पुलिस का अपमान किया है। ऐसे में उन्हें महाराष्ट्र में रहने का अधिकार नहीं है। इस बारे में महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने पहले ही बयान दे दिया है। इसका पालन कराया जाएगा। विपक्ष को अनिल देशमुख पर भरोसा दिखाना चाहिए।’

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