मथुरा जिला जेल में अधिकारियों ने मचा रखी है लूट

मथुरा जिला जेल में अधिकारियों ने मचा रखी लूट।सुरक्षा के बजाए घटतौली में लगे रहते जेल अफसर।राशन कटौती- कैंटीन की कमाई से जेब भरने में जुटे जेल अफसर…!

राकेश यादव

राशन कटौती, मशक्कत, कैंटीन, पीसीओ व विविध वस्तुओ की खरीद फरोख्त मथुरा जिला जेल अधिकारियों की कमाई का मुख्य जरिया बन गया है। आलम यह है कि जेल अधिकारी के साथ विभाग के उच्च अधिकारी कैदियों के हिस्से का राशन खा रहे है। हकीकत यह है कि अधिकारी इन मदों में उगाही कर अफसर प्रतिमाह लाखों के वारे न्यारे कर जेब भरने में जुटे हुए है। उगाही के इन मदों की जांच कराई जाए तो लाखो रुपये का चुना लगाने का खुलासा होने के साथ राशन घोटाले का सच भी सामने आ जायेगा।सूत्रों का कहना है कि मथुरा जेल में तैनात गल्ला गोदाम प्रभारी डिप्टी जेलर जेल की सुरक्षा के बजाय हमेशा घटतौली करने की फिराक में जुटे रहते है। करीब एक हज़ार बंदियों की क्षमता वाली मथुरा जेल में वर्तमान समय मे करीब 15 सौ बंदी निरुद्ध है।

बंदियों के अनुपात में मंगवाए जाने वाले गेंहू-चावल की खरीद-फरोख्त में जमकर गोलमाल किया जा रहा है। मसलन एक कुंतल आटे बाकी खपत होने पर साठ किलो आटा ही मंगाया जाता है। इसी प्रकार एक कुंतल चावल की जगह पचपन से साठ किलो ही मंगाकर काम चला लिया जाता। यही हाल घी व सरसो के तेल की खरीद में भी किया जाता है। इस जेल में करीब चालीस से पैतालीस फीसद की खुलेआम कटौती हो रही है।  कम खरीद फरोख्त कर जेल अफसर प्रतिमाह लाखो रुपये का वारा न्यारा करने में जुटे हुए है।। सूत्रों की माने तो मथुरा जेल में अधिकारी राशन कटौती, मशक्कत, विविध वस्तुओ की खरीद, कैंटीन के साथ पीसीओ मद से लाखो रुपये प्रतिमाह के वारे न्यारे किये जा रहे है। इसकी पुष्टि जेल में होने वाली खरीद फरोख्त के बिलो से की जा सकती है। जेल सूत्र बताते है कि मथुरा जेल में राशन कटौती से जेल अधिकारियो को दोहरा लाभ मिल रहा है। कटौती के राशन से खानपान की वस्तुए बनवाकर कैंटीन में बेंचकर लाभ कमाने के साथ काम मंगाए गए राशन की नगद धनराशि लेकर जेब भरने में जुटे हुए है। उधर जेल मुख्यालय के अधिकारी ने कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी। जांच मे दोषी पाए जाने वाले जेल अधिकरियो को बख्शा नही जायेगा।

100 रुपये में पूरे देश में बात करिये –

जेल मंत्री के गृह जनपद की सीमा से जुड़ी मथुरा जेल में बन्दियों को पीसीओ से बात कराने के नाम पर अनाप शनाप वसूली की जा रही है। इस जेल में सौ रुपये देकर देश के किसी भी कोने में बात की जा सकती है। सूत्रों का कहना है कि जेल में कई अवैध व निजी पीसीओ चलाये जा रहे है। इन पीसीओ से प्रभारी अधिकारी मनमाफिक वसूली कर रहे है। तीन मिनिट की कॉल के लिए बन्दियों से सौ रुपये तक वसूल किये जा रहे है। जेल अधीक्षक ने लगाए गए आरोपो को सिरे से ही नकार दिया। उन्होंने कहा कि बन्दियों की नियमानुसार ही बात कराई जा रही है।

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