क्रांति यात्रा का शुभारम्भ

मुख्यमंत्री ने प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वर्षगांठ क्रांति दिवस पर जनपद मेरठ पहुंचकर ज्ञात एवं अज्ञात स्वाधीनता सेनानियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। क्रांतिकारी नायक एवं 1857 की क्रांति के अग्रदूत शहीदकोतवाल धनसिंह गुर्जर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों के साथ अमर जवान ज्योति पर पुष्पांजलि अर्पित की।मुख्यमंत्री ने शहीद मंगल पाण्डेय की प्रतिमा तथाशहीद स्मारक स्तम्भ पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।मुख्यमंत्री ने क्रांति यात्रा का शुभारम्भ किया।मुख्यमंत्री ने सन् 1857 की क्रांति पर आधारित लाइट एण्डसाउण्ड शो का लोकार्पण करते हुए प्रस्तुति का अवलोकन किया।मुख्यमंत्री ने राजकीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय का भ्रमण किया।मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना के अन्तर्गत निर्मित मल्टीपर्पज हॉल का लोकार्पण।

लखनऊ। योगी आदित्यनाथ ने आज प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वर्षगांठ क्रांति दिवस के अवसर पर जनपद मेरठ पहुंचकर सभी ज्ञात एवं अज्ञात स्वाधीनता सेनानियों को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। ज्ञातव्य है कि 10 मई, 1857 को मेरठ जनपद से प्रथम स्वातंत्र्य समर की शुरूआत हुई थी। उन्होंने क्रांति यात्रा का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने औघड़नाथ मंदिर में दर्शन-पूजन भी किया। मुख्यमंत्री ने शहीद कोतवाल धनसिंह गुर्जर चौक पर क्रांतिकारी नायक एवं 1857 की क्रांति के अग्रदूत शहीद कोतवाल धनसिंह गुर्जर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। ज्ञातव्य है कि 10 मई, 1857 की शाम 5ः30 बजे जब मेरठ के सदर बाजार में क्रांति प्रस्फुटित हुई उस समय कोतवाल धनसिंह सदर कोतवाली के कोतवाल थे। उनके कारण सदर बाजार की पूरी पुलिस व्यवस्था क्रांतिकारियों के साथ मिल गई, जिस वजह से कुछ ही पलों में क्रांति अपने उत्कर्ष पर पहुंच गई।

जनपद भ्रमण कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पहुंचकर जनप्रतिनिधियों के साथ अमर जवान ज्योति पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने शहीद मंगल पाण्डेय की प्रतिमा तथा शहीद स्मारक स्तम्भ पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने राजकीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय का भ्रमण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मल्टीपर्पज हॉल का लोकार्पण भी किया। ज्ञातव्य है कि शहीद स्मारक पर प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के मेरठ जनपद के शहीद स्वाधीनता सेनानियों के नाम अंकित हैं। शहीद स्मारक में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए 85 सैनिकों को श्रद्धांजलिस्वरूप 110 फीट ऊंचा शहीद स्मारक स्तम्भ स्थापित है। सन् 1857 में पश्चिम बंगाल स्थित बैरकपुर छावनी में अंग्रेजों के खिलाफ बगावत करने वाले प्रथम भारतीय सैनिक शहीद मंगल पाण्डेय की लगभग 06 फीट लम्बी मिश्रित धातु की बनी प्रतिमा शहीद स्मारक परिसर में स्थापित है। 08 अप्रैल, 1857 को अंग्रेजों ने उन्हें फांसी पर चढ़ा दिया था। उनका यह बलिदान विफल नहीं हुआ और कुछ समय बाद कोलकाता से हजारों किलोमीटर दूर मेरठ में क्रांति की ज्वाला भड़क उठी। भारतीय स्वाधीनता संग्राम के क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा शहीद स्मारक स्थल पर अमर जवान ज्योति का निर्माण आजादी के अमृत महोत्सव के अन्तर्गत कराया गया है। स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त, 2021 से ज्योति का अनवरत प्रज्ज्वलन प्रारम्भ हुआ है।

मुख्यमंत्री ने राजकीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय का भ्रमण किया। शहीद स्मारक परिसर में स्थित इस संग्रहालय में सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की घटनाओं को प्रदर्शित किया गया है। वर्ष 2021 में संग्रहालय की समस्त 05 वीथिकाओं का अद्यतन तकनीक से उच्चीकरण कराते हुए इन्हें विकसित एवं सुदृढ़ किया गया है। इसका लोकार्पण 17 दिसम्बर, 2021 को सम्पन्न हुआ। संग्रहालय की प्रथम वीथिका ‘स्वाभिमान’, द्वितीय वीथिका ‘स्वराज’, तृतीय वीथिका ‘संघर्ष’, चतुर्थ वीथिका ‘संग्राम’ तथा पंचम वीथिका ‘संकल्प’ में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की घटनाओं को चरणबद्ध तरीके से दर्शाया गया है। मुख्यमंत्री ने सन् 1857 की क्रांति पर आधारित लाइट एण्ड साउण्ड शो का लोकार्पण करते हुए प्रस्तुति का अवलोकन किया। पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के अन्तर्गत यह लाइट एण्ड साउण्ड शो विकसित किया गया है। इसके तहत ओपन एयर थियेटर कन्ट्रोल रूम, इलेक्ट्रिकल रूम, पार्किंग क्षेत्र, सी0सी0टी0वी0, सोलर लाइट तथा लाइट एण्ड साउण्ड शो के कार्य मुख्य रूप से शामिल हैं। मुख्यमंत्री द्वारा 50 लाख रुपए की लागत से मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना के अन्तर्गत निर्मित मल्टीपर्पज हॉल का लोकार्पण भी इस अवसर पर किया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button