उ०प्र० अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लि0 लखनऊ के माध्यम से संचालित निम्न योजनायें

लखनऊ। जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास)/जिला प्रबन्धक अनुगम, लखनऊ श्री मनोज शुक्ल ने बताया कि उ०प्र० अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लि0 लखनऊ के माध्यम से संचालित निम्न योजनाओं के अर्न्तगत आवेदन पत्र कार्यालय कार्य दिवस में आमंत्रित किये जाते हैः-
1. स्वतः रोजगार योजना- इस योजना में जनपद में निवास करने वाले
अनुसूचित जाति के बेरोजगार तथा गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को उद्योग, व्यवसाय एवं सेवा क्षेत्र में बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिस पर निगम द्वारा परियोजना लागत का 25 प्रतिशत मार्जिनगनी ऋण 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के रूप में तथा अधिकतम  10000/- अनुदान की सुविधा अनुमन्य करायी जाती है।
2- नगरीय क्षेत्र दुकान निर्माण योजना- इस योजना में जनपद में निवास
करने वाले अनुसूचित जाति के बेरोजगार तथा गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को जिनके पास दुकान निर्माण हेतु 13.32 वर्ग मी० के स्थल का भूमि स्वामित्व उनके पक्ष में हो, आवेदन करने के पात्र होंगे। इसकी परियोजना लागत रू0 78000/- है जिसमें रू0 10000/- अनुदान तथा शेष धनराशि ब्याज मुक्त ऋण के रूप में उपलब्ध करायी जाती है। जिसकी अदायगी दस वर्षों में की जाती है।
3- लाण्ट्री एवं ड्राई क्लीनिंग योजना- इस योजनान्तर्गत धोबी समाज के
लोगों को लाण्ड्री संचालित करने के लिए रू० 2.16 लाख तथा रू0 1.00 लाख की परियोजना संचालित है। दोनों प्रकार की परियोजनाओं में रू० 10000/- अनुदान तथा कमशः रू0 2.06 लाख एवं 0.90 लाख ब्याज मुक्त ऋण सुविधा देय है जिसकी अदायगी 60 मासिक किश्तों में की जायेगी।
4- टेलरिंग शाप योजना- इस योजना में जनपद में निवास करने वाले
अनुसूचित जाति के बेरोजगार युवक एवं युवतियों तथा गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को टेलरिंग शाप हेतु रूप 20000/- की परियोजना उपलब्ध करायी जाती है, जिसमें रू० 10000/- अनुदान व रू0 10000/-ब्याज मुक्त ऋण दिया जाता है। जिसकी अदायगी 36 समान मासिक किश्तों में की जाती है।
 5- बैंकिंग करेस्पार्डिंग योजनाः– इस योजना में जनपद में निवास करने
वाले अनुसूचित जाति के बेरोजगार युवक एवं युवतियों तथा गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले एवं शैक्षिक योग्यता इण्टर साथ ही कम्प्यूटर का ज्ञान रखने वाले व्यक्तियों को बैंक करेस्पाडिंग हेतु रू० 100000/- की परियोजना उपलब्ध करायी जाती है, जिसमें रू0 10000/- अनुदान व रू० 25000/- परियोजना लागत का 25 प्रतिशत मा0मनी ऋण 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के रूप में शेष रू0 65000/-ब्याज मुक्त ऋण के रूप में दिया जाता है, जिसकी अदायगी 30 समान मासिक किश्तों में की जाती है।
6- आटा/मसाला चक्की योजना– इस योजना में जनपद में निवास करने
वाले अनुसूचित जाति की उद्यमी महिलाए जो गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले को आटा/मसाला चक्की हेतु रू० 20000/- की परियोजना उपलब्ध करायी जाती है, जिसमें रू० 10000/- अनुदान व रू० 10000/- ब्याज मुक्त ऋण दिया जाता है। जिसकी अदायगी 36 समान मासिक किश्तों में की जाती है।
उपर्युक्त समस्त योजनाओं के आवेदन पत्र किसी भी कार्य दिवस में निःशुल्क कार्यालय जिला प्रबन्धक उ०प्र० अनुसूचि जाति वित्त एवं विकास निगम लि०, विकास भवन (कक्ष सं० एस-19) द्वितीय तल सर्वोदय नगर, इन्दिरा नगर लखनऊ से प्राप्त कर सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में यह आवेदन समस्त विकास खण्डों में सहायक विकास अधिकारी (स०क०) से भी प्राप्त किये जा सकते है। सभी योजनाओं के आवेदक हेतु पात्रता की शर्तें निम्नवत हैः-
  उन्होंने बताया कि आवेदक अनुसूचित जाति का बेरोजगार तथा जनपद लखनऊ का स्थायी निवासी हो, आवेदक की समस्त स्रोतों से वार्षिक आय शहरी क्षेत्र में रू0 56460/- तथा ग्रामीण ़क्षेत्र में 46080/- से अधिक न हो, आवेदक की आयु 18 वर्ष से कम न हो, आवेदक की जाति/आय तथा निवास, प्रमाणपत्र, तहसील के सक्षम अधिकारी द्वारा प्रदत्त हो।

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