विधानसभा चुनाव से पहले सपा का ब्राह्मण कार्ड

भाजपा केवल विकास की दुश्मन नहीं है, ये अल्पसंख्यकों की भी दुश्मन है। इनको इसलिए अल्पसंख्यकों का दुश्मन कहता हूं कि जिस समय ये सरकार में आए दिल्ली की लोकसभा और उप्र की विधानसभा में बैठने के लिए एंग्लो इंडियन लोगों के लिए जो आरक्षण था, उस आरक्षण को समाप्त कर दिया।भाजपा  सरकार में विधानसभा में एंग्लो इंडियन के लिए आरक्षित सीट समाप्त कर दी गई है।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के गोसाईंगज के पास स्थित महुराकलां गांव में नवनिर्मित भगवान परशुराम मंदिर में पूजा अर्चना के साथ आरती की। मंदिर में पूजा-आरती के बाद उपस्थित साधु-संतो, आचार्यों ने श्री अखिलेश यादव का तिलक कर विजयी होने का आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि श्री यादव ही प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे और समाजवादी पार्टी को प्रचंड बहुमत मिलेगा।


    मंदिर परिसर में रंगीन रंगोली जहां अपनी छटा बिखेर रही थी वहीं शंखध्वनि, वेदमंत्रोच्चार और डमरूवादन से वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग गया था। इस अवसर पर प्रदेश के कोने-कोने से आए ब्राह्मणों के साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में स्त्री-पुरूष और बच्चे भी अपने प्रिय नेता अखिलेश यादव को देखने के लिए एकत्र थे। मंदिर तक उनके समाजवादी विजय रथ यात्रा के आगे बग्घियां चल रही थी।


   परशुराम भगवान की जय और नमः शिवाय के नारों के बीच अखिलेश यादव ने परशुराम मंदिर में पूजा और आरती की। उन पर फूलों की वर्षा की गई। इस अवसर पर उनके साथ पूर्व विधानसभाध्यक्ष श्री माता प्रसाद पाण्डेय, पूर्व मंत्री मनोज पाण्डेय, के साथ कार्यक्रम के मुख्य आयोजक संतोष पाण्डेय मौजूद थे। इनके साथ अखिलेश यादव ने 68 फिट ऊंचे भगवान परशुराम के फरसे को भी पुष्पांजलि अर्पित की तथा आरती की। अपनी ऊंचाई से रोशनी बिखेरता फरसा सबका ध्यान आकर्षित कर रहा था। मंदिर के भव्य कार्यक्रम में जहां काशी के डमरू दल के 101 युवा डमरू ध्वनि कर रहे थे वहीं काशी, मथुरा, अयोध्या और प्रयागराज से आए साधु संतगण, मंत्रोच्चार कर रहे थे। 551 वेद पाठी ब्राह्मण अलग वैदिक मंत्रोच्चार कर रहे थे। साथ ही शंखध्वनि से वातावरण गुंजित था। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने बड़ा ब्राह्मण कार्ड खेलते हुए लखनऊ में भगवान परशुराम का मंदिर बनवाया है जिसे आज जनता के लिए खोल दिया है।पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के गोसाईंगज के पास स्थित महुराकलां गांव में नवनिर्मित भगवान परशुराम मंदिर में पूजा अर्चना के साथ आरती की। अखिलेश ने मंदिर में पूजा-आरती के बाद उपस्थित साधु-संतो, आचार्यों का आशीर्वाद लिया।


  संतोष पाण्डेय पूर्व विधायक लम्भुआ ने विशाल परिसर में स्थित मंदिर में साढ़े सात कुंतल की भगवान परशुराम की प्रतिमा स्थापित की है। कांसे की इस मूर्ति को जयपुर के मूर्तिकारों ने बनाया है। मंदिर परिसर में पीली पताकाएं फहरा रही थी। 68 फिट का फरसा लखनऊ-कलकत्ता में बना है। पूरे परिसर में लगी होर्डिंगों में ‘‘ब्राह्मण का संकल्प अखिलेश ही विकल्प‘‘ लोगों के मानस में घर कर गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में सर्वश्री माता प्रसाद पाण्डेय, गणेश शंकर पाण्डेय, मनोज पाण्डेय, जयशंकर पाण्डेय, कुशल तिवारी, सनातन पाण्डेय, प्रो0 बी. पाण्डेय, प्रो0 अभिषेक मिश्रा, विनय शंकर तिवारी, आलोक तिवारी, ब्रह्माशंकर त्रिपाठी, आशुतोष उपाध्याय, सुभाष राय, प्रदीप तिवारी, उमेश पाण्डेय, जयराम पाण्डेय, पी.डी.तिवारी, संतोष तिवारी, विभा शुक्ला, अखिलेश मिश्रा, सुशील दीक्षित, विनोद शर्मा, राजा चतुर्वेदी, विभव कांत उपाध्याय, सिद्धार्थ शर्मा, अरविन्द शर्मा, किशमिश गुरू, रोहित शुक्ला लल्लू, सिद्धार्थ मिश्रा, अमित चौबे, मोनू दूबे, किशन दीक्षित, सुशील त्रिवेदी, अजितेश पाण्डेय, डॉ0 भानु प्रकाश, विजय शुक्ला, विश्वजीत सोना, करूणेश द्विवेदी, मनोज पाण्डेय, राहुल दुबे, राजेन्द्र मिश्रा, अरविन्द चतुर्वेदी, आलोक त्रिपाठी, सहित अन्य प्रमुख लोग उपस्थित रहे।

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