Saturday, April 25, 2026
Advertisement
Home लाइफ स्टाइल पच्चीस बरस का साथ है…

पच्चीस बरस का साथ है…

31
तीस बरस का साथ है...
तीस बरस का साथ है...
पच्चीस बरस —सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि यादों, अनुभवों और अटूट रिश्ते की एक लंबी यात्रा का नाम है। इस सफर में हर पल ने एक नई कहानी लिखी, हर मोड़ ने रिश्ते को और गहरा बनाया। साथ बिताए ये साल न केवल खुशियों की सौगात लाए, बल्कि हर मुश्किल में एक-दूसरे का सहारा बनकर जीवन को और भी खूबसूरत बना गए।

पच्चीस बरस का साथ है, खुशियों की सौगात।

तेरे संग हर एक पल, लगता नव शुरुआत॥

रूठे-रूठे दिन गए, हँसते बीती रात।

संग तुम्हारे मिल गई, जीवन को सौगात

सुख-दुख के हर मोड़ पर, थामा तेरा हाथ।

पच्चीस बरस में बन गया, अटूट हमारा साथ॥

तेरी मेरी प्रीत है, जैसे गंगा धार।

जितना बहती जाए ये, उतना बढ़ता प्यार॥

छोटे-छोटे पलों में, खुशियों का विस्तार।

तेरे संग जीवन बना, सुंदर सा संसार

पच्चीस बरस का यह साथ सिर्फ समय का सफर नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और समर्पण की एक खूबसूरत कहानी है। हर बीता हुआ पल नई यादों की सौगात बनकर दिल में बसता गया, और हर आने वाला कल तुम्हारे साथ एक नई शुरुआत का एहसास देता है। यही अटूट रिश्ता जीवन की सबसे बड़ी ताकत है—जहाँ साथ हो, वहाँ हर चुनौती भी आसान लगती है।

नोक-झोंक भी प्यार है, हँसी में छुपा राज।

रिश्तों की इस डोर को, देता ये परवाज़॥

वक्त बदलता रोज है, बदलें दिन और रात।

पर ना बदला आज तक, अपना ये जज़्बात॥

बातों में मिठास है, आँखों में विश्वास।

पच्चीस बरस का ये सफर, बना खास एहसास॥

थोड़ी खट्टी याद हैं, थोड़ी मीठी बात।

इन्हीं से महका सदा, अपना ये हर साथ॥

सपनों की इस राह में, थामा तेरा हाथ।

तू ही मेरी मंज़िल है, तू ही मेरी बात॥

रिश्तों की इस डोर में, विश्वासों का मेल।

तेरे संग हर दिन लगे, जैसे कोई खेल॥

तेरी हँसी की रोशनी, करती मन उजियार।

तेरे संग ही मिल गया, जीवन को आकार॥

साथ तुम्हारा मिल गया, किस्मत का उपहार।

पच्चीस बरस में और भी, गहरा हुआ ये प्यार॥

हाथों में जब हाथ हो, क्या डर, क्या अंधियार।

तेरे संग ही जीत है, तेरे संग ही हार॥

पच्चीस बरस का साथ है, खुशियों की सौगात।

तेरे संग हर एक पल, लगता नव शुरुआत॥

जीवन की हर राह में, तुम ही मेरा साथ।

सुख-दुख में थामे रहे, हर पल मेरा हाथ॥

चलते रहना संग यूँ, थामे मेरा हाथ।

सौ सालों तक यूँ ही, रहे हमारा साथ॥