ब्रिटिश रानी का एक और विकेट गिरा

के0 विक्रम राव

आज रात को बारबाडोस भी मुक्त हो जायेगा, ब्रिटेन से। अगस्त 15 के दिन पचहत्तर वर्ष पूर्व भारत ने ब्रिटिश सम्राट जॉर्ज पंचम की हुकूमत को सदियों बाद खत्म किया था। आधी रात (30 नवम्बर) पांच सदियों बाद वेस्टइंडीज का द्वीप राष्ट्र बारबाडोस भी महारानी एलिजावेथ द्वितीय के राज की छुट्टी कर देगा। गणराज्य घोषित हो जायेगा। अश्वेत राजनेता डेम सान्ड्रा मेसन प्रथम राष्ट्रपति, महिला राष्ट्राध्यक्षा बनेंगी।तेरहवीं सदी से खोजा गया बारबाडोस तीन लाख आबादी का देश है, लखनऊ की आबादी का दसवां है। क्षेत्रफल में 34 किलोमीटर लम्बा और 23 किलोमीटर चौड़ा है। दिल्ली से काफी छोटा। इस्लाम तथा इस्लामियत से भी पुराना जूडाइस्म (यहूदी) धर्म का प्राचीनतम मंदिर (सिनेगाग) यहां का जानामाना आस्था स्थल है। अमेरिका के संस्थापक राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन यहां के गणमान्य राजनयिक यात्री रहे। जहां वे टिके वह भवन उन्हीं के नाम कर दिया गया है। मदिराप्रेमी के लिये बारबाडोस विश्व के स्वादिष्ट पेय ”रम” माउन्ट ग्रे यहां का विशेष उत्पाद है।

भारत के पूर्वांचल से यहां आये भारतीय पवनचक्की द्वारा गन्ने की पिरायी करतें हैं। पुर्तगाली नाविक यहां जंगली सुअरों की फार्मिंग करते थे, ताकि गोश्त पर्याप्त मिले। दास व्यापार प्रथा 1807 से प्रतिबंधित हो गयी है। अत: एशियाई मूल के लोग मारिशस की भांति बारबाडोस के विकास में जुटे हैं।भारत के लिये यह नवसृजित गणराज्य दशकों से जानामाना और प्रिय रहा। यहां के क्रिकेटर आईपीएल तथा कई टेस्ट मैच खेल चुकें हैं। खासकर दो लोग एवर्टन वीक्स तथा गारफील्ड सोबर्स जिसने फिल्म व टीवी की अदाकारा नीना गुप्ता से विवाह रचाया था। यह दोनों बल्लेबाज भारतीय दर्शकों को मोहते रहे।बारबोडास की मुक्ति से बर्तानिया राज का भूभाग घटा है। हर स्वतंत्र राष्ट्र का भारत सदैव स्वागत करता रहा है। खैरमकदम है बारबाडोस का।

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