अब ट्विटर के खिलाफ कार्यवाही कौन करेगा..?

जब देश के कानून मंत्री का ही अकाउंट ब्लॉक हो गया तो अब ट्विटर के खिलाफ कार्यवाही कौन करेगा…? ट्विटर भारत का कानून नहीं मानता, लेकिन अमरीका के कानून का इस्तेमाल कर हमारे कानून मंत्री का अकाउंट ब्लॉक कर सकता है।

एस0 पी0 मित्तल

सवाल यह नहीं है कि एक घंटे बाद ही भारत के कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद का अकाउंट ट्विटर के अधिकारियों ने फिर से शुरू कर दिया। अहम सवाल यह है कि क्या एक डिजिटल प्लेटफार्म भारत जैसे ताकतवर देश से ज्यादा बड़ा और हिम्मत वाला है? हमारे कानून मंत्री प्रसाद माने या नहीं, लेकिन ट्विटर की यह जवाबी कार्यवाही है। जब गाजियाबाद के एक प्रकरण में ट्विटर को भी आरोपी बनाया गया तो ट्विटर के अधिकारियों ने देश के कानून मंत्री का ही अकाउंट ब्लॉक कर दिया। ऐसा नहीं कि यह अकाउंट गलती से बंद किया गया।

बल्कि ट्विटर ने सीना चौड़ा करते हुए कहा कि कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद को सबक सिखाने के लिए ऐसी कार्यवाही की गई है। यानी 17 दिसम्बर 2017 के ट्वीट पर शिकायत मिलने पर कार्यवाही हुई है। यह कार्यवाही अमरीकी डिजिटल मिलेनियम कॉपराइट कानून के तहत हुई है। यानी जिस ट्विटर को भारत का कानून मानने के लिए बाध्य किया जा रहा था, उसने देश के कानून मंत्री का ही अकाउंट ब्लॉक कर दिया। इससे अब ट्विटर के सामने रवि शंकर प्रसाद को अपनी स्थिति का अंदाजा लगा लेना चाहिए। जो लोग टीवी न्यूज सुनते हैं, उन्होंने देखा होगा कि रवि शंकर प्रसाद रौबीले अंदाज में अपना कथन रखते हैं। इसी रौबिले अंदाज में उन्होंने ट्विटर को भी चेताया था। प्रसाद का कहना था कि यदि ट्विटर को भारत में अपना कारोबार करना है तो उसे हमारे देश का कानून मानना ही पड़ेगा।

कोई हमेशा युवा नहीं रह सकता..!

पता नहीं इस धमकी के बाद ट्विटर की कमाई पर कोई असर पड़ा या नहीं लेकिन धमकी देनेवाले कानून मंत्री का अकाउंट ब्लॉक हो गया। प्रसाद माने या नहीं लेकिन जब कोई व्यक्ति मुफ्त में कोई चीज देता है तो उस पर कोई दबाव नहीं डाला जा सकता है। ट्विटर वाले सामग्री को पोस्ट करने पर किसी से भी पैसा नहीं लेते हैं। यानी रविशंकर प्रसाद भी अपने ट्वीट का कोई पैसा ट्विटर को नहीं देते। प्रसाद का यह ट्वीट (संदेश) करोड़ों लोगों तक पहुंच जाता है।

यह बात अलग है कि ट्विटर विज्ञापन के माध्यम से करोड़ों रुपया कमाता है, लेकिन ट्वीट पोस्ट करने का पैसा नहीं लेता है। ट्विटर के माध्यम से कई लोगों ने देश दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। जब हम डिजिटल क्रांति का फायदा उठाना चाहते हैं तो ऐसी बुराइयों का भी सामना करना पड़ेगा। भारत सरकार ने जब-जब भी ट्विटर पर कार्यवाही का प्रयास किया है, तब तब ट्विटर ने करारा जवाब दिया है। कानून मंत्री का अकाउंट एक घंटे के लिए ब्लॉक कर ट्विटर ने बता दिया कि वह धमकियों से डरने वाला नहीं है। अब देखना है कि रविशंकर प्रसाद ट्विटर पर क्या कार्यवाही करते हैं?

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