आदर्श आचार संहिता का शत प्रतिशत करें अनुपालन-डीएम

सभी उम्मीदवार/उनके प्रतिनिधि निर्वाचन के दौरान आदर्श आचार संहिता का शत प्रतिशत करें अनुपालन।व्यक्ति के अनुमति के बिना उसके भूमि/भवन/दीवार का उपयोग झंडा लगाने, पोस्टर चिपकाने, सन्देश या नारे लिखने जैसे कार्य उम्मीदवारों या उनके समर्थकों द्वारा नहीं किया जायेगा।उम्मीदवार सभा/रैली/जुलूस का आयोजन जिला प्रशासन से पूर्व अनुमति लेकर करेगें।उम्मीदवार/निर्वाचन अभिकर्ता फर्जी मतदान करने अथवा कराने के लिये किसी व्यक्ति को न तो उकसाएंगे, न ही मदद करेगें।भारत सरकार या राज्य सरकार के मंत्री किसी मतदान केन्द्र पर मतदाता होने के अतिरिक्त अन्य किसी हैसियत से प्रवेश नहीं करेगें।

प्रतापगढ़ त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन-2021 में राजनीतिक दलों/उम्मीदवारों तथा शासकीय/अर्द्धशासकीय कर्मियों हेतु आदर्श आचार संहिता के सम्बन्ध में जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी (पं0) डा0 नितिन बंसल ने कल सायंकाल कैम्प कार्यालय के सभागार में अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) शत्रोहन वैश्य, मुख्य राजस्व अधिकारी इन्द्र भूषण वर्मा, समस्त उपजिलाधिकारी के साथ बैठक की गयी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन को सकुशल, शुचितापूर्ण, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराये। उन्होने कहा कि सभी उम्मीदवार/उनके प्रतिनिधि निर्वाचन के दौरान आदर्श आचार संहिता का शत् प्रतिशत अनुपालन करें। उम्मीदवार/उनके प्रतिनिधि ऐसा कोई कार्य लिखकर, बोलकर अथवा किसी प्रतीक के माध्यम से नहीं करेगें जिससे किसी धर्म (मजहब), सम्प्रदाय, जाति या सामाजिक वर्ग एवं उम्मीदवार/राजनीतिक दल/राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भावना आहत हो या उससे विभिन्न वर्गो/व्यक्तियों के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो। किसी भी उम्मीदवार की अलोचना उनकी नीतियों, कार्यक्रमों, पूर्व के इतिहास व कार्य के सम्बन्ध में ही की जा सकती है। किसी उम्मीदवार के व्यक्तिगत जीवन से सम्बन्धित पहलुओं पर आलोचना नहीं की जायेगी। मत प्राप्त करने के लिये जातीय, साम्प्रदायिक और धार्मिक भावना को परोक्ष या अपरोक्ष रूप से सहारा नहीं लिया जायगा। पूजा स्थलों जैसे मन्दिर, मस्जिद, गिरजाघर व गुरूद्वारा आदि का उपयोग निर्वाचन में प्रचार हेतु तथा निर्वाचन सम्बन्धी अन्य कार्यो हेतु नहीं किया जायेगा। सभी उम्मीदवार ऐसे कार्यो से अलग रहेगें जो निर्वाचन विधि के अन्तर्गत भ्रष्ट आचरण/अपराध माने गये है जैसे किसी चुनावी सभा मेंं गड़बड़ी करना या करवाना, मतदाता को रिश्वत देकर या डरा धमकाकर या आतंकित करके अपने पक्ष में मत देने के लिये प्रभावित करना, मतदाताओं को प्रभावित करने के लिये चुनाव की प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार का मादक द्रव्य बांटना।


जिला निर्वाचन अधिकारी (पं0) ने सभी उम्मीदवार/इलेक्शन एजेण्ट को निर्देशित किया है कि चुनाव प्रचार के दौरान किसी अन्य उम्मीदवार या उसके समर्थक का पुतला लेकर चलने, उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर जलाने अथवा इस प्रकार का अन्य कृत्य व प्रदर्शन नहीं करेगें, न ही इसका समर्थन करेगें। निर्धारित व्यय सीमा से अधिक व्यय नहीं करेगें। चुनाव प्रचार हेतु किसी व्यक्ति की भूमि/भवन/अहाते/दीवार का उपयोग झंडा लगाने/झंडियाँ टांगने/बैनर लगाने जैसे कार्य उस की अनुमति के बिना नहीं करेगें और न ही अपने चुनाव कार्यकर्ताओं/एजेन्ट को ऐसा करने देगें। किसी भी शासकीय/सार्वजनिक स्थल/भवन/परिसर में/पर विज्ञापन, वाल राइटिंग नहीं करेगें। चुनाव प्रचार हेतु वाहनों के प्रयोग के लिये जिला प्रशासन से अनुमति प्राप्त करेगें। चुनाव प्रचार हेतु लाउडस्पीकर एवं साउण्ड बॉक्स का प्रयोग पूर्वानुमति लेकर ही करेगें और इनका प्रयोग रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक प्रतिबन्धित रहेगा। स्थायी तौर पर लाउडस्पीकर एवं साउण्ड बॉक्स नहीं स्थापित किये जायेगें। टीवी चैनल, केबिल नेटवर्क, वीडियो वाहन अथवा रेडियो से किसी भी प्रकार का विज्ञापन/प्रचार जिला प्रशासन की अनुमति के पश्चात् ही कर सकेगें। किसी व्यक्ति द्वारा प्रत्याशियों की अनुमति के बिना उनके पक्ष में निर्वाचन विज्ञापन या प्रचार सामग्री प्रकाशित नहीं करायी जायेगी। यदि कोई व्यक्ति इसका उल्लंघन करता है तो उसका यह कृत्य भा0द0सं0 की धारा 171-एच के अन्तर्गत दण्डनीय होगा।


जिलाधिकारी ने सभी उम्मीदवार/इलेक्शन एजेण्ट चुनाव प्रचार के दौरान सभा एवं जुलूस के सम्बन्ध में कहा है कि सभा, रैली, जुलूस का आयोजन जिला प्रशासन से पूर्व अनुमति लेकर करेगें। किसी अन्य उम्मीदवार के समर्थन में आयोजित सभाओं और जुलूसों आदि में किसी भी प्रकार से बाधा या विघ्न उत्पन्न नहीं करेगें। सभा, रैली, जुलूस को इस प्रकार आयोजित करेगें कि यातायात में बाधा उत्पन्न न हो। जुलूसों और सभाओं या रैलियों में जिला प्रशासन द्वारा दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के अन्तर्गत प्रतिबन्धित असलहे, लाठी-डण्डे, ईट-पत्थर आदि लेकर नहीं चलेगें। कोई भी व्यक्ति, किसी मतदान क्षेत्र में, उस मतदान क्षेत्र में किसी निर्वाचन के लिये मतदान की समाप्ति के लिये नियत किये गये समय के साथ समाप्त होने वाले अड़तालिस घंटों की कालावधि के दौरान निर्वाचन के सम्बन्ध में कोई सार्वजनिक सभा या जुलूस न बुलाएगा, न आयोजित करेगा, न उसमें उपस्थित होगा, न उसमें सम्मिलित होगा और न उसे सम्बोधित करेगा।


जिलाधिकारी ने सभी उम्मीदवार/निर्वाचन अभिकर्ता से मतदान के दिन अपेक्षा करते हुये कहा कि निर्वाचन कार्य में लगे हुये अधिकारियों के साथ शान्तिपूर्वक, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तथा सुव्यवस्थित ढंग से मतदान सम्पन्न कराने हेतु सहयोग करेगें। फर्जी मतदान करने अथवा कराने के लिये किसी व्यक्ति को न तो उकसाएंगे, न ही मदद करेगें। मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक लाने/वापस ले जाने के लिये वाहन नहीं उपलब्ध करायेगें। वोड डालने के लिये कोई भी मतदाता स्वयं अथवा अपने परिवार के सदस्यों के लिये अपने निजी वाहन को मतदान केन्द्र के 100 मीटर रेडियस तक ही ले जा सकेगं। मतदान के दिन मतदान केन्द्र के 100 मीटर के रेडियस के अन्दर चुनाव प्रचार नहीं करेगें, न ही वोट मांगेंगे। मतदान केन्द्रों पर कब्जा करने अथवा मतदाता को मतदान से रोकने या उसे मतदान स्थल तक जाने में बाधा उत्पन्न करने का कार्य नहीं करेगें। आपराधिक दुराचरण में मतपेटियों को क्षति पहुॅचाने, उन्हें नष्ट करने, उठा ले जाने या मतपेटियों के मतपत्रों को नष्ट करने या उनमें अनधिकृत व अवैध मतपत्रों को शामिल करने/कराने का कार्य नही करेगें। मतदाताओं को पहचान पर्चियॉ सादे कागज पर दी जायेंगी और उन पर कोई प्रतीक या उम्मीदवार का नाम नहीं होगा। उन्होने कहा है कि निर्वाचन के दौरान सत्ताधारी दल के मंत्री शासकीय दौरों को चुनाव प्रचार कार्य से नहीं जोड़ेगें और न ही शासकीय तंत्र अथवा कर्मचारियों का उपयोग करेगें। भारत सरकार या राज्य सरकार के मंत्री किसी मतदान केन्द्र पर मतदाता होने के अतिरिक्त अन्य किसी हैसियत से प्रवेश नहीं करेगें।

जिलाधिकारी ने शासकीय विभागों एवं कर्मियों को निर्देशित किया है कि आचार संहिता का अनुपालन करेगें। उन्होने शासकीय विभागों एवं कर्मियों से कहा है कि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान सभी राजनीतिक दलों/उम्मीदवारों के साथ निष्पक्ष व्यवहार करेगें और अपने दायित्वों का निर्वहन बिना किसी से प्रभावित हुये निष्पक्ष होकर करेगें। कानून व्यवस्था या सुरक्षा के लिये तैनात अधिकारियों/कर्मचारियों को छोड़कर अन्य अधिकारी/कर्मचारी किसी भी सभा या आयोजन में सम्मिलित नहीं होगें। सुरक्षा में लगे अधिकारी एवं कर्मचारी के सिवाय अन्य शासकीय अधिकारी व कर्मचारी किसी मंत्री के साथ चुनाव क्षेत्र में उनके साथ नहीं जायेगें। किसी सार्वजनिक स्थान पर चुनाव सभा के आयोजन हेतु अनुमति देते समय विभिन्न उम्मीदवारों के बीच कोई भेदभाव नहीं किया जायेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button