लौह पुरुष के विचार ही आत्मनिर्भर भारत के प्रेरणास्रोत-स्वतंत्रदेव सिंह

हिमांशु दुबे

लखनऊ – भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के विचार ही आत्मनिर्भर भारत के प्रेरणास्रोत हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आत्मनिर्भर भारत अभियान से स्वाबलम्बी भारत निर्माण का संकल्प लेकर देश को पुनः विश्वगुरु बनाने की ओर आगे बढ़े हैं। प्रदेश अध्यक्ष आज ललितपुर के ग्राम विरधा में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा के अनावरण के पश्चात विशाल जनसभा को सम्बोधित कर रहे थे ।

प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने जनसभा में ललितपुर की जनता का अभिवादन करते हुए कहा कि जब किसी विदेशी ताकत ने भारत माता को नुक्सान पहुंचाने के लिए सोचा तब तब बुन्देलखण्ड की इस वीर भूमि के वीरों एवं वीरांगनाओं ने शस्त्र उठा कर भारत मां की रक्षा की है। आज मुझे इस शक्तिशाली भूमि पर एक शक्तिशाली नेता की मुर्ति अनावरण का मौका मिला है उन्होंने कहा कि चट्टान की तरह था जिनका हौसला कमाल का लौह पुरुष नाम था फौलाद की मिसाल का। एकता था सपना उस भारत के लाल का, बल्लभ भाई पटेल शेर क्रान्ति की मशाल का। उन्होंने कहा कि भारत की एकजुटता व अखंडता के प्रति सरदार बल्लभ भाई पटेल भारत के एक राजनैतिक और सामाजिक नेता थे उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में विभिन्न जातियों व समुदायों को एक करने का कार्य किया और भारत के किसान समुदाय को संगठित एवं कार्यशील वनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

आजादी के समय जब देश के कुछ नेता अपने निजी स्वार्थ के लिए राजनीतिक गतिविधियों में संलग्न थे तब सरदार पटेल राष्ट्र हित में रियासतों का विलय करके देश को एक सूत्र में पिरोने का कार्य कर रहे थे। वह अखंड भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध थे। यूगोस्लाविया के राष्ट्रपति मार्शल टीटो ने भारत यात्रा के बाद कहा था कि मैं समझ ही नहीं पाया कि भारत में इतने राज्यों का विलय खून की एक बूंद बहाये विना कैसे संभव हुआ, यह सरदार पटेल का राजनैतिक कौशल था। श्री सिंह ने कहा कि उस समय हैदराबाद की रियासत ने भारत से ना जुड़ने की साजिश रची थी। वहाँ के निजाम से भारत सरकार की लंबी वार्ताएं हुई, उसे मनाने का प्रयास किया गया, लेकिन उस निजाम और उसकी सेना का विचार कुछ और ही था। हैदराबाद में उस समय उसके द्वारा जनता का उत्पीड़न किया गया, हिंसा की घटनाएं हुई।

यह सब सरदार पटेल जी द्वारा सहा नहीं गया और उन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए भारतीय सेना को एक अभियान चलाने का निर्देश दिया। मात्र 5 दिन के अंदर हैदराबाद की रियासत को भारत का हिस्सा बनाने में सेना सफल हुए। यह थी उनकी ताकत, यह था उनका दृढ़ संकल्प। प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि सरदार पटेल जी द्वारा देश की छोटी-छोटी रियासतों को भारत में शामिल करना बेहद महत्वपूर्ण था, यह एक प्रकार से एक आधारशिला बनी, जिस पर राष्ट्र निर्माण हो सका। यदि सरदार पटेल देश के पहले प्रधानमंत्री होते तो आज हमारे देश की सूरत कुछ और ही होती। यदि वह पहले प्रधानमंत्री होते तो जम्मू कश्मीर की समस्या ना होती।सरदार पटेल जी का मानना था कि कश्मीर का भारत में पूरी तरह विलय ही कश्मीर की समस्या का सही निवारण है। 5 अगस्त 2019 को कश्मीर से धारा 370 को समाप्त कर माननीय मोदी जी ने सरदार पटेल जी के अधूरे सपने को पूरा किया है।

सरदार पटेल को कांग्रेस ने हमेशा नजर अन्दाज किया, वहीं मोदी जी ने सरदार पटेल जी की 182 मीटर ऊँची विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा को उनके सम्मान में स्थापित कर उनके गौरव को पूरे विश्व में बढ़ाने का काम किया है। स्वतंत्र देव सिंह ने कहा सरदार पटेल जी के विचार आत्मनिर्भर भारत के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। मोदी ने “आत्मनिर्भर भारत” अभियान शुरू कर हमारे देश को पुनः विश्वगुरु बनाने का संकल्प लिया है। यह आत्मनिर्भर भारत का ही परिणाम है कि आज हमारा देश दुनिया के 100 से अधिक देशों को वैक्सीन पहुंचा रहा है।


उन्होंने कहा कि हमने देखा इस कोरोना काल में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत देश के 80 करोड़ से अधिक लोगों को 5 किलो गेहूं या चावल तथा एक किलो दाल देने का काम किया गया। आत्मनिर्भर भारत के तहत आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान के अंतर्गत 1 करोड़ 25 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित किये गए है। इस कोरोना कालखंड में उत्तर प्रदेश के 50 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत ऋण प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश के 90 लाख से अधिक वृद्धजनों, निराश्रित महिलाओं व दिव्यांगजनों को पेंशन दी गई है।

प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र सिंह ने कहा कि सपा-बसपा की सरकारों ने इस क्षेत्र के विकास का कभी नहीं सोचा। आज आपके अपने बेटे मोदी जी और योगी जी इस क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। आपके जिले में बुनकर है। आज उन्हें एक बड़ा बाजार दिलाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। ललितपुर पर्यटन की असीम संभावनाएं समेटे हुआ है। यहां तालबेहट का किला, देवगढ़ के जैन मंदिर, दशावतार मंदिर, पाण्डववन, रणछोर धाम एवं मुचकुंद गुफा जैसे अनेकों दार्शनिक स्थल है।

योगी सरकार ने ललितपुर की हवाई पट्टी क्षेत्र को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का फैसला किया है। इससे पूरे देश के पर्यटक यहाँ आ सकेंगे। जब 296 किलोमीटर लंबा बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे तैयार हो जाएगा तब आप देश की राजधानी और प्रदेश की राजधानी के और भी करीब आ जाएँगे। उन्होंने कहा कि आपका विश्वास आपका आशीर्वाद मोदी जी व माननीय योगी जी पर इसी प्रकार बना रहे और प्रदेश में विकास का रथ निरंतर चलता रहे। आपका आशीर्वाद और स्नेह मोदी सरकार एवं योगी सरकार को निरंतर प्रगति पथ पर चलने के लिए प्रेरित करता है।

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