चौरी-चौरा कांड के सौ साल प्रभात फेरी निकाल शहीदों को श्रद्धांजलि

चौरी-चौरा कांड के सौ साल पूरे होने पर विद्यालय के छात्र छात्राओं द्वारा शहीदों के सम्मान में प्रभात फेरी निकाल कर शहीदों को किया श्रद्धांजलि।

सुनील कुमार पाण्डेय

महराजगंज/बृजमनगंज – महराजगंज जिले के नगर पंचायत बृजमनगंज में चौरी-चौरा घटना के 100 साल पूरे होने के अवसर पर बृहस्पतिवार को शहीदों के सम्मान में ऑलमाइटी इंटर कॉलेज के प्रबंधक हाजी महमूद आलम व महात्मा गाँधी इंटर कॉलेज के प्रधानचार्य डॉ० रामअवतार ने बड़े धूमधाम से पूरे नगर में स्कूल-कॉलेजों के बच्चे ने पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्रधुन का वादन किया हाथों में राष्ट्रीय ध्वज व रंग बिरंगा झंडा लेकर शहीदों को याद करके बंदे मातरम के नारे लगाए। इस मौके पर प्रधानाचार्य डॉ० रामअवतार ने बताया की हमको शासन द्वारा आदेश मिला है कि शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य पर बन्दे मातरम का गीत कराया जाये और सबको एकता और अखंडता के बारे मे बताया जाये। इस मौके पर कॉलेज के सभी अध्यापक, अध्यापिका और लगभग 2500 की संख्या मे छात्र एवं छात्रायें भी उपस्थित रही।


इस मौके पर थाने के तेज तर्रार उपनिरीक्षक आशुतोष राय,व कास्टेबर,मौजूद रहे,आपको बताते चले कि चार फरवरी 1922 को चौरीचौरा के भोपा बाजार में सत्याग्रही जुटे थे। उन्हीं में से एक की गांधी टोपी को एक सिपाही ने पांवों तले रौंद दिया था। इसी पर सत्याग्रही आक्रोशित हो उठे और उन्होंने पुलिसवालों को दौड़ा लिया। पुलिसवाले भागकर थाने में छिप गए। थाने को सत्याग्रहियों ने घेर लिया। पुलिस ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें तीन सत्याग्रही मौके पर शहीद हो गए। घटना में 50 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। गुस्साए क्रांतिकारियों ने पुलिस चौकी को आग लगाकर दारोगा समेत 23 पुलिसकर्मियों को जला दिया था, जिसमें 19 लोगों को फांसी की सजा हुई थी।


इन पुलिसवालों की हुई मौत- थानेदार गुप्तेश्वर सिंह, उपनिरीक्षक सशस्त्र पुलिस बल पृथ्वी पाल सिंह, हेड कांस्टेबल वशीर खां, कपिलदेव सिंह, लखई सिंह, रघुवीर सिंह,विशेषर राम यादव, मोहम्मद अली, हसन खां, गदाबख्श खां, जमा खां, मगरू चौबे, रामबली पांडेय, कपिल देव, इंद्रासन सिंह, रामलखन सिंह, मर्दाना खां, जगदेव सिंह, जगई सिंह, और उस दिन वेतन लेने थाने पर आए चौकीदार बजीर, घिंसई, जथई व कतवारू राम की मौत हुई थी।

इन्हें दी गई थी फांसी – अब्दुल्ला, भगवान, विक्रम, दुदही, काली चरण, लाल मोहम्मद, लौटी, मादेव, मेघू अली, नजर अली, रघुवीर, रामलगन, रामरूप, रूदाली, सहदेव, संपत पुत्र मोहन, संपत, श्याम सुंदर व सीताराम को घटना के लिए दोषी मानते हुए फांसी दी गई थी।


शहीदों की तीसरी पीढ़ी के 99 लोग सम्मानित होंगे – चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव के मुख्य समारोह के दौरान चार फरवरी को चौरीचौरा कांड के शहीदों के परिजनों को भी सम्मानित किया जाएगा। प्रशासन की तरफ से 99 लोग चिह्नित किए गए हैं। सभी शहीदों की तीसरी पीढ़ी के लोग हैं। कुछ को मुख्यमंत्री खुद मोमेंटो देकर सम्मानित करेंगे, जबकि बाकी लोगों को कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अन्य मंत्री सम्मानित करेंगे। लंबे समय बाद अपने पूर्वजों की शहादत को इतने वृहद स्तर पर मिल रहे सम्मान से न केवल उनके परिजन बल्कि चौरीचौरा की पूरी जनता गौरवान्वित महसूस कर रही।

चौरी-चौरा कांड के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य पर महात्मा गाँधी इंटर कॉलेज बृजमनगंज के छात्र छात्राओं द्वारा प्रभात फेरी निकाल कर शहीदों को श्रद्धांजलि दिया गया।

जनपद महराजगंज के नगर पंचायत बृजमनगंज के महात्मा गाँधी इंटर कॉलेज के छात्र एवं छात्राओं ने आज प्रभात फेरी निकाल कर चौरी चौरी कांड के शहीदों को नमन किया।4 फरवरी 1922 को अंग्रेजो के अत्याचार से क्षुब्ध होकर क्रांतिकारियों ने अंग्रेज सिपाहियों को थाने मे बंद करके आग लगा दिया था गांधी जी ने इस हिंसा भरी घटना के बाद असहयोग आंदोलन समाप्त कर दिया था।

महात्मा गाँधी इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल रामअवतार ने बताया की हमको शासन द्वारा आदेश मिला है कि शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य पर बन्दे मातरम का गीत कराया जाये और सबको एकता और अखंडता के बारे मे बताया जाये।इस मौके पर कॉलेज के सभी अध्यापक अध्यापिका और लगभग 2500 की संख्या मे छात्र एवं छात्रायें उपस्थित रही

 

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