सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों के समाधान की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का ईको गार्डन में चल रहा धरना गुरुवार को 17वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनरत अभ्यर्थियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर उन्हें बधाई देते हुए भर्ती में आरक्षण से जुड़े मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग उठाई। इस दौरान अभ्यर्थियों ने रक्तदान कर अपने रक्त से पत्र लिखकर सरकार और संवैधानिक पदाधिकारियों का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया।
अजय सिंह
लखनऊ। 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों को लेकर अभ्यर्थियों का ईको गार्डन में चल रहा अनवरत धरना गुरुवार को 17वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनरत अभ्यर्थियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर उन्हें बधाई देते हुए 68,500 शिक्षक भर्ती के आरक्षण मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की।
रक्त से लिखे पत्रों के जरिए उठाई मांग
धरने के दौरान अभ्यर्थियों ने चिकित्सकीय टीम की मौजूदगी में रक्तदान किया और अपने रक्त से पत्र लिखकर अपनी मांगों को सामने रखा। इन पत्रों के माध्यम से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, राज्यपाल और राष्ट्रपति सहित संबंधित संवैधानिक पदाधिकारियों से 68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी मामले का समाधान कराने की अपील की गई।
पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश के अनुपालन की मांग
आंदोलनरत अभ्यर्थियों का कहना है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से जारी आदेश में ओबीसी वर्ग को आरक्षित श्रेणी में शामिल करते हुए पूर्णांक 150 में से 60 अंक यानी 40 प्रतिशत पर परिणाम संशोधित कर नियुक्ति देने का आदेश दिया गया है। अभ्यर्थियों ने मांग की कि आयोग के आदेश का अनुपालन कराया जाए और विशेष रूप से ओबीसी एवं दिव्यांग अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
17 दिनों से जारी है आंदोलन
अभ्यर्थियों के मुताबिक वे पिछले कई दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार इस मामले का शीघ्र समाधान करे और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े आरक्षण संबंधी विवाद पर स्पष्ट एवं ठोस निर्णय लिया जाए। धरने का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह, आशुतोष वर्मा, नवीन चौधरी, अखिल यादव, रंजना जायसवाल, सुभाषिनी वर्मा, अभय यादव, आर.पी., सच्चिदानंद, राहुल, विनय, शिवशंकर, विनोद, संतोष और सुनील सहित बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मौजूद रहे।\अभ्यर्थियों ने कहा कि जब तक 68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।



