पूंजीपतियों की तिजोरी भरने वाली सरकार नौजवानों से कर रही छलावा। पंचायत सहायकों के मानदेय को ₹30 हजार करने की मांग, बोले- संसद में पूरी मजबूती से उठाएंगे आवाज।
लखनऊ। आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह सोमवार को लखनऊ के ईको गार्डन में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे पंचायत सहायक कर्मचारियों के बीच पहुंचे। उन्होंने आंदोलन को आम आदमी पार्टी की ओर से पूर्ण समर्थन देने का ऐलान करते हुए कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में पत्र सौंपा।
संजय सिंह ने प्रदेश की योगी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के गांवों में 29 विभागों की रीढ़ बनकर काम करने वाले शिक्षित युवाओं को महज 6,000 रुपये का मानदेय दिया जा रहा है। उन्होंने इसे युवाओं का शोषण बताते हुए पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि विधायक और सांसद बनने के बाद जनप्रतिनिधियों को वेतन, भत्ते, चिकित्सा सुविधाएं और अन्य संसाधन मिलते हैं, लेकिन वर्षों तक जनता की सेवा करने वाले कर्मचारियों के अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा की अनदेखी की जा रही है। संजय सिंह ने सवाल उठाया कि यदि 6,000 रुपये का मानदेय पर्याप्त है तो भाजपा के मंत्री, विधायक और अधिकारी अपने बच्चों को इसी मानदेय पर पंचायत सहायक की नौकरी कराकर दिखाएं।
रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरा
संजय सिंह ने केंद्र और प्रदेश सरकार के रोजगार संबंधी दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े उद्योगपतियों और पूंजीपतियों के हितों को प्राथमिकता दे रही है, जबकि रोजगार और सम्मानजनक मानदेय के लिए संघर्ष कर रहे युवाओं की मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में निवेश और रोजगार को लेकर किए गए सरकारी दावों पर भी सवाल उठाए और कहा कि युवाओं को स्थायी एवं सम्मानजनक रोजगार की जरूरत है। उन्होंने अग्निवीर योजना का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार को स्पष्ट और ठोस रोजगार नीति बनानी चाहिए।
आंदोलनकारियों से डटे रहने की अपील
धरने पर बैठे पंचायत सहायकों का हौसला बढ़ाते हुए संजय सिंह ने आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने के लिए प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कर्मचारियों से शांतिपूर्ण और संगठित तरीके से अपनी मांगों के लिए संघर्ष जारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी पंचायत सहायकों के संघर्ष में उनके साथ खड़ी है। संसद का आगामी सत्र शुरू होते ही पंचायत सहायकों के मानदेय और उनके अधिकारों का मुद्दा संसद में पूरी मजबूती से उठाया जाएगा।
संजय सिंह ने आंदोलनकारी कर्मचारियों से अपने हक की लड़ाई में एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से उठाई गई आवाज को दबाया नहीं जा सकता। इस दौरान अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल, निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह, महासचिव दिनेश सिंह पटेल, मनोज मिश्रा, वैभव प्रकाश, लखनऊ जिलाध्यक्ष इरम रिजवी सहित आम आदमी पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



