चीनी मिल संघ के रिटायर प्रधान प्रबंधक ने किया करोड़ों का गोलमाल! भ्रष्टाचारी विनोद अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई करने से कतरा रहा शासन। चीनी मिल संघ में नियमित और सेवानिवृत कार्यकाल में किया गोलमाल। भ्रष्ट अफसर को एसीएस गन्ना और संघ की प्रबंध निदेशक का संरक्षण।
राकेश यादव
लखनऊ। प्रदेश के चीनी एवं गन्ना विकास विभाग में भ्रष्टाचारी अफसर के खिलाफ कार्यवाही करने के बजाए संरक्षण दिया जा रहा है। यह बात सुनने और पढ़ने में भले ही अटपटी लगे लेकिन उत्तर प्रदेश चीनी मिल संघ में इस सच को आसानी से देखा जा सकता है। संघ कार्यालय में तैनात प्रधान प्रबंधक तकनीकी विनोद अग्रवाल ने नियमित कार्यकाल ने करोड़ो का गोलमाल करने के बाद सेवानिवृत होने के बाद भी संविदा पर नियुक्ति पाकर इस सिलसिले को बदस्तूर जारी रख रखा है। इसका खुलासा रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के प्रदेश महामंत्री के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे गए शिकायती पत्र से हुआ है। मजे की बात यह है कि अपर मुख्य सचिव गन्ना और प्रबंध निदेशक चीनी मिल संघ सब कुछ जानकर अनजान बने हुए हैं। आकंठ भ्रष्टाचार में लिप्त अफसर के कारनामे संघ अधिकारियों में चर्चा का विषय बने है। इसको लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे है।
उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ में तैनात प्रधान प्रबंधक तकनीकी विनोद अग्रवाल ने संघ कार्यालय में लूट मचा रखी है। नियमित कार्यकाल में करोड़ों के राजस्व का चुना लगाने वाले प्रधान प्रबंधक विनोद अग्रवाल अगस्त 2025 में सेवानिवृत हो गए। शासन में जुगाड़ और धनबल के सहारे सेवानिवृत होने वाले घोटालेबाज प्रधान प्रबंधक तकनीकी विनोद अग्रवाल की संविदा पर संघ में इसी पद पर अस्थाई नियुक्ति करा ली। संविदा पर नियुक्ति पाने के बाद भी इन्होंने संघ और चीनी मिलों में लूट का सिलसिला बदस्तूर जारी है।
उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ में व्यापक तौर पर चल रहे भ्रष्टाचार के संबंध में जब अपर मुख्य सचिव चीनी एवं गन्ना विकास वीणा कुमारी मीणा से बात करने का प्रयास किया तो कई प्रयासों के बाद भी उनका फोन नहीं उठा। निजी सचिव ने बताया कि मैडम मीटिंग में है अभी बात नहीं हो पाएगी। उधर संघ की प्रबंध निदेशक ईसा दुहन ने तो सीयूजी फोन तक उठाना मुनासिब नहीं समझा।
मुख्यमंत्री को भेजे गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि नियमित कार्यकाल के दौरान 100 करोड़ की धनराशि से पांच चीनी मिलों का अपग्रेडेशन कराया गया। मिलों की पेराई और आधुनिकीकरण की आवंटित धनराशि का ठेका विनोद अग्रवाल ने पद का दुरुपयोग करते हुए दिल्ली की एक अयोग्य और अनुभवहीन चहेती फर्म केमिकल सिस्टम को नियमों को ताक पर रखकर दे दिया। कागजों पर फर्जी तरीके से परफॉर्मेंस ट्रायल पास कराए गए, जिससे चीनी मिलों की पेराई क्षमता बिल्कुल भी नहीं बढ़ी और शासन के करोड़ों की धनराशि का गबन कर लिया गया। इसी प्रकार अनुभवहीन सप्लंक टेक्नोलॉजीज को अवैध ठेका व नियम विरुद्ध एडवांस भुगतान ई निविदा प्रणाली के नियम और शर्तों को दरकिनार कर सप्लंक टेक्नोलॉजीज एलएलपी नमक एक और अयोग्य फर्म को आधा दर्जन चीनी मिलों के ऑटोमेशन उपकरणों के मेंटिनेंस का काम सौंपा गया। कार्य आदेश जारी होते ही बिना किसी कार्य सत्यापन के फर्म के प्रोफार्मा इनवाइस पर 60 से 90 प्रतिशत तक का भुगतान एडवांस में कर दिया गया। एडवांस लेकर फर्म ने कोई कार्य नहीं किया। जिससे मिलों को भारी पावर लॉस और फ्यूल लॉस उठाना पड़ा। जिससे मिलें सुधरने के बजाए और जर्जर हो गई। पत्र में आरपीआई के प्रदेश महामंत्री सूर्य प्रकाश सिंह ने संघ के पूर्व प्रधान प्रबंधक तकनीकी विनोद अग्रवाल के वित्तीय घोटालों, रिश्वतखोरी, अयोग्य फर्मों को अवैध टेंडर/एडवांस भुगतान की विजिलेंस (सतर्कता) और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्लू) से उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।



