गोरखपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर गोरखपुर में आयोजित ‘राज्य अध्यापक सम्मान समारोह’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलावों को रेखांकित किया। उन्होंने प्रदेश के 81 उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 एवं मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक के हाथ में केवल चॉक और किताब नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश और देश का भविष्य है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि प्रत्येक बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे और कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। गरीब परिवारों और श्रमिकों की बेटियों को भी बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी से गांव-शहर का अंतर घटा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर विशेष जोर दे रही है। विद्यालयों में रोबोटिक्स, 3-डी प्रिंटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों की ट्रेनिंग की तैयारी की जा रही है। विद्यार्थियों में 21वीं सदी के स्किल्स, डिजिटल लिटरेसी और इनोवेशन की सोच विकसित करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जहां स्मार्ट क्लास पहुंची है, वहां शहर और गांव का अंतर कम हुआ है और जहां डिजिटल लाइब्रेरी पहुंची है, वहां आर्थिक स्थिति के आधार पर शिक्षा का अंतर घटा है। प्रदेश में 32 हजार से अधिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, 15 हजार से अधिक विद्यालयों में आईसीटी लैब और 1,129 विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी उपलब्ध होने की जानकारी दी गई। साथ ही 2.61 लाख से अधिक शिक्षकों को टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं।
‘ट्रिपल टी’ पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव के लिए ‘ट्रिपल टी—टीचर, टैलेन्ट एंड ट्रांसफॉर्मेशन’ को आधार बनाया गया। पीएम श्री विद्यालय, सीएम कम्पोजिट विद्यालय, ऑपरेशन कायाकल्प, प्रोजेक्ट अलंकार और निपुण भारत अभियान के माध्यम से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा में परिवर्तन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा के पुराने और जर्जर भवनों के स्थान पर नए भवनों के निर्माण के लिए 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि उपलब्ध कराई गई है, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश में 2,100 से अधिक विद्यालयों के भवनों में सुधार हुआ है।
शिक्षकों के सम्मान और सुविधाओं पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक का सम्मान केवल मानदेय बढ़ाने तक सीमित नहीं है। राज्य अध्यापक पुरस्कार की राशि 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये की गई है। शिक्षकों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान के लिए ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट पोर्टल भी विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का मॉडल आज पूरा देश देख रहा है। शिक्षित उत्तर प्रदेश ही समर्थ उत्तर प्रदेश बनेगा और समर्थ उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर एवं विकसित उत्तर प्रदेश की नींव बनेगा।
मुख्य बिंदु:
- 81 शिक्षकों को राज्य एवं मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार
- 32 हजार से अधिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास
- 15 हजार से अधिक विद्यालयों में आईसीटी लैब
- 1,129 विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी
- 2.61 लाख से अधिक शिक्षकों को टैबलेट
- 385 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब
- शिक्षा में एआई, रोबोटिक्स और 3-डी प्रिंटिंग पर जोर



