राजेन्द्र चौधरी
जनता, किसान और नई पीढ़ी भाजपा सरकार से बेहद नाराज है। आने वाला समय बदलाव का है। समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान और विकास के क्षेत्र में ठोस काम किए जाएंगे। अखिलेश यादव ने कहा कि जब नेताजी श्री मुलायम सिंह यादव पहली बार मुख्यमंत्री बने थे, तब प्रदेश का बजट लगभग 70 हजार करोड़ रुपये था। आज बजट बढ़कर लगभग 9 लाख करोड़ रुपये हो गया है, लेकिन इसके बावजूद महंगाई पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है और बाजार पर दूसरों का कब्जा बढ़ता जा रहा है। आम जनता की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेस-वे निर्माण की बेहतर तकनीक और मॉडल समाजवादी सरकार ने विकसित किया। आज भी लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे जैसा बेहतर एक्सप्रेस-वे देश में दूसरा नहीं है। समाजवादी सरकार ने कम समय और कम लागत में गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य करके दिखाए थे। इसके विपरीत भाजपा सरकार में बनाई जा रही सड़कों की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे लगभग 63 किलोमीटर लंबा है और इसकी लागत चार हजार करोड़ रुपये से अधिक है। निर्माण के बाद ही सड़क के जगह-जगह टूट गयी और धंस गयी। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे 90 किलोमीटर सड़क पर सात हजार करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि वह एक्सप्रेस-वे भी नहीं है बल्कि फोर लेन की सड़क है। सात हजार करोड़ रुपये में समाजवादी पार्टी की सरकार चार विश्वविद्यालय बनाने का काम करेगी, जिससे प्रदेश के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार ने उस समय 100 नंबर पुलिस सेवा शुरू की थी, जब आज जैसी तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। एम्बुलेंस सेवा 102,108 शुरू की गई और पशुपालकों तथा किसानों की सुविधा के लिए वेटरिनरी डॉक्टरों को वाहन उपलब्ध कराए गए ताकि घटनास्थल पर जाकर ही इलाज कर सकें। समाजवादी सरकार ने जनता की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजनाएं लागू की थीं। भाजपा सरकार अपने प्रचार और अपनी छवि चमकाने पर हजारों करोड़ रुपये खर्च कर रही है, जबकि जनता को मूलभूत सुविधाओं, रोजगार और शिक्षा की जरूरत है। समाजवादी पार्टी ने सत्ता में रहते हुए जो काम करके दिखाए, भाजपा सरकार आज भी उनकी बराबरी नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल जी ने भी गोरखपुर और प्रदेश में भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर टिप्पणी की है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। खाद, की बोरी छोटी हो गई है। बाजार में साबुन, तेल और रोजमर्रा की जरूरतों की अनेक वस्तुओं का आकार और मात्रा कम कर दी गई, लेकिन कीमत उतनी ही या उससे अधिक वसूली जा रही है। पेट्रोल में इथेनॉल मिलाए जाने से भी लोगों की चिंताएं बढ़ी हैं।



