जिलाधिकारी ने नाव से किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण।राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश।हर प्रभावित परिवार तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने पर जोर:जिलाधिकारी।
अयोध्या। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने शुक्रवार को तहसील रुदौली के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र कैथी माझा तथा विकासखंड सोहावल के मांझा कला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार तक सभी आवश्यक सुविधाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाएं।
कैथी माझा में जिलाधिकारी ने नाव के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर बाढ़ के दौरान आने वाली समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राहत एवं पुनर्वास कार्यों के अंतर्गत बच्चों की शिक्षा की समुचित व्यवस्था, पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कैथी माझा में सोलर लाइट की व्यवस्था सुदृढ़ करने, बच्चों के अध्ययन हेतु फर्नीचर उपलब्ध कराने तथा भवन को और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए। पर्याप्त लाइफ जैकेट की भी व्यवस्था रखी जाए।
जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान एवं ग्राम सचिव को निर्देशित किया कि जिन लोगों के आधार कार्ड अभी तक नहीं बने हैं, उनके लिए विशेष शिविर आयोजित कर आधार कार्ड बनवाए जाएं। साथ ही जिन पात्र परिवारों को अभी तक प्रधानमंत्री अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है, उन्हें चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
इसके पूर्व जिलाधिकारी ने विकासखंड सोहावल के मांझा कला स्थित बाढ़ राहत शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि राहत शिविरों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं तथा अन्य सभी मूलभूत सुविधाएं हर समय उपलब्ध रहें। उन्होंने विशेष रूप से भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी सोहावल को लगभग 400 मीटर कच्चे मार्ग के निर्माण हेतु प्रस्ताव तत्काल भेजने तथा आवश्यक स्थान पर पुलिया निर्माण की कार्यवाही भी शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश दिए, ताकि बाढ़ के दौरान ग्रामीणों का आवागमन सुगम एवं सुरक्षित बना रहे। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) अमित कुमार भट्ट, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आदित्य विक्रम अग्रवाल, उपजिलाधिकारी गजेन्द्र तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



