अब भाजपाइयों का भाषण सुनने के मूड में नहीं जनता। महिलाओं को ही मुँह दिखाने लायक नहीं बचे।
राकेश यादव
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि जनता अब भाजपाइयों का भाषण सुनने के मूड में नहीं है। अहंकार विवेक हर लेता है। जो दूर से ये धारणा बनाये बैठे थे कि ‘कोई’ ईमानदार है। भ्रष्ट नहीं है। जन-सेवा में निस्वार्थ भाव से लगा है। भौतिक-लालच से परे है, अब तथाकथित माननीय का ‘म्यूट कर दिया गया वो वीडियो’ देखकर, उनका भी सारा भ्रम टूटकर चकनाचूर हो गया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि जो व्यक्ति सैकड़ों कैमरों के सामने किसी माँ की गोद उजड़ जाने के सबसे बड़े दुख के क्षण में भी एक दुखी परिवार को सांत्वना देने की जगह धमकी भरे लहजे में, अपने कठोर हाव-भाव के साथ बोल रहा हो, वो कितना हृदयहीन, संवेदना शून्य, निष्ठुर और निर्मम होगा, अब ये बात सबके सामने खुल गई है। इसे ही क्रूर-व्यवहार कहते हैं, ये बेहद अमानवीय है। अब इनके झूठे नायकत्व का सारा मायाजाल तार-तार हो गया है। सबसे ज्यादा ठेस इनके सबसे बड़े उन प्रशंसकों और समर्थकों को लगी है जो इनकी ‘मिथ्या दिव्यता’ के गुणगान करते नहीं थकते थे।
वो अब अपने घर की महिलाओं को ही मुँह दिखाने लायक नहीं बचे, अन्य महिलाओं का सामना करने की तो बात ही बहुत दूर है। वो जब ये सोचकर देख रहे हैं कि कहीं ऐसी दुखद घटना उनके परिवार के साथ घटती और उनके घर की किसी ‘माँ’ के साथ ऐसा दुर्व्यवहार होता तो क्या होता, ये विचार करके ही वो काँप जा रहे हैं और सोच रहे हैं कि वो किस पाताली कूप में कूदकर अपनी शर्मिंदगी छिपाएं।



