Thursday, May 21, 2026
Advertisement
Home उत्तर प्रदेश सड़क सुरक्षा व्यवस्था में अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी-मुख्यमंत्री

सड़क सुरक्षा व्यवस्था में अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी-मुख्यमंत्री

27
सड़क सुरक्षा व्यवस्था में अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी-मुख्यमंत्री
सड़क सुरक्षा व्यवस्था में अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित सड़क सुरक्षा बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु को देश और राज्य की बड़ी क्षति बताया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकतर सड़क दुर्घटनाएं जागरूकता के अभाव में होती हैं, इसलिए सभी जनपदों में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाए जाएं और जनजागरूकता पर विशेष ध्यान दिया जाए। बैठक में चौराहों, टोल प्लाजा और व्यस्त मार्गों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से यातायात नियमों की जानकारी देने, नियमित समीक्षा बैठकों, दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों की पहचान और उनके समाधान की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्टंटबाजी, ओवरस्पीडिंग और नशे में वाहन संचालन पर सख्त कार्रवाई तथा चालकों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण पर भी जोर दिया गया।

विगत दिनों लखीमपुर खीरी, अमरोहा, आगरा, अलीगढ़ आदि जनपदों में हुई मार्ग दुर्घटनाओं पर मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे लिए प्रत्येक व्यक्ति का जीवन महत्वपूर्ण है। सड़क दुर्घटनाओं में हो रहीं मृत्यु देश व राज्य की क्षति है। यह दुर्घटनाएं अधिकांशतः जागरूकता के अभाव में होती हैं, ऐसे में सभी जनपदों में सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित विशेष अभियान चलाए जाएं। सड़क दुर्घटनाओं के सम्बन्ध में टॉप-टू-बॉटम हर स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। शासन स्तर पर सड़क सुरक्षा के सम्बन्ध में पाक्षिक बैठक कर कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन किया जाए। उन जनपदों व स्थलों को चिन्हित करें, जहां अधिक मार्ग दुर्घटनाएं होती हैं, इनके कारणों का पता लगाते हुए समस्याओं के समाधान की कार्ययोजना भी बनाई जाए।


मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सड़कों पर स्टण्टबाजी, ओवर स्पीड तथा नशे में वाहन संचालन किसी भी दशा में स्वीकार्य नहीं है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। आमजन की जागरूकता/सहयोग, सभी विभागों व जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। इसके लिए हमें ठोस कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ना होगा। सभी जनपदों में सड़क सुरक्षा को लेकर नियमित बैठकें की जाएं। किसी भी दशा में अवैध वाहनों का परिचालन स्वीकार्य नहीं है। सड़कों से अवैध स्टैण्ड तत्काल हटाए जाएं। सड़क के किनारे कहीं भी वाहनों की पार्किंग न हो। उपयुक्त स्थल पर ही वाहनों की पार्किंग सुनिश्चित की जाए।  


शासन स्तर पर तैनात परिवहन विभाग व उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अधिकारी भी फील्ड में उतरें। जनपदों में तैनात आर0टी0ओ0 व ए0आर0टी0ओ0 की जवाबदेही तय की जाए। परिवहन निगम सुनिश्चित करे कि सही फिटनेस वाली बसें ही सड़कों पर चलें और बसें अपने स्टैण्ड की पार्किंग में ही खड़ी हों। चालकों-परिचालकों का नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण हो।स्कूली बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत कहा कि स्कूल मैनेजमेन्ट वाहनों का फिटनेस अनिवार्य रूप से करा लें। बिना फिटनेस के कोई भी वाहन सड़क पर न चले। यदि किसी वाहन का बार-बार चालान हो रहा है तो उस पर कठोरतम कार्रवाई करें।


सड़क सुरक्षा के सम्बन्ध में जनजागरूकता पर विशेष ध्यान दिया जाए। चौराहों, टोल प्लाजा, महत्वपूर्ण स्थलों, व्यस्त मार्गों, उपयुक्त स्थानों आदि पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से यातायात नियमों के बारे में आमजन को जानकारी दी जाए। सीट बेल्ट, हेलमेट तथा सड़क सुरक्षा के अन्य मानकों को अपनाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाकर लोगों को प्रेरित किया जाए। जनपदों में उपयुक्त स्थान पर वेण्डिंग जोन विकसित करें तथा स्ट्रीट वेण्डर्स को सुरक्षित माहौल प्रदान करें। हाईवे, एक्सप्रेस-वे व व्यस्त मार्गों पर नियमित पेट्रोलिंग हो और इन पर एम्बुलेन्स की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित रहे तथा समीप के अस्पतालों में इलाज की व्यापक व्यवस्था हो, ताकि दुर्घटना में घायल को समय से उपचार मिल सके।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना को बेहतर ढंग से क्रियान्वित किया जाए। इससे आमजन को सार्वजनिक परिवहन के जरिए आवागमन में काफी सहूलियत मिलेगी।
बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि जनवरी, 2026 से अप्रैल, 2026 तक हुई दुर्घटनाओं में 21 प्रतिशत व मृतकों की संख्या में 22 प्रतिशत की कमी आई है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश की सड़कों के ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर उनके निराकरण की दिशा में तय समय में कार्य करें। उपयुक्त स्थलों पर साइनेज लगाए जाएं। चौराहों समेत आवश्यक स्थानों पर टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं।


मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि टोल प्लाजा के आस-पास साफ-सफाई सुनिश्चित हो, बेतरतीब वाहन न खड़े हों। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को टोल प्लाजा पर ट्रैफिक नियमों की जानकारी समय-समय पर दी जाती रहे। यातायात पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि सड़क सुरक्षा कोष से प्राप्त अनुदान का पूर्ण उपयोग करते हुए 25 चार पहिया इण्टरसेप्टर वाहन, 62 दोपहिया इण्टरसेप्टर वाहन व 82 स्पीड लेजर गन जनपदों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश एकमात्र प्रदेश है, जहां सभी 75 जनपदों के 487 क्रिटिकल पुलिस थानों पर जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना लागू की गई है। इन क्रिटिकल थानों में 573 क्रिटिकल कॉरिडोर टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक टीम में एक उपनिरीक्षक, चार मुख्य आरक्षी/आरक्षी भी नियुक्त किए गए हैं। विगत चार माह में इस योजना के क्रियान्वयन से 566 व्यक्तियों का जीवन बचाया गया है।