
उत्तर प्रदेश जन भवन में आज आठ मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। इनमें दो राज्यमंत्रियों के कद में बढ़ोतरी गई है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी व मनोज कुमार पाण्डेय ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। उत्तर प्रदेश में मिशन 2027 को साधने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार कर दिया है। रविवार दोपहर 3:30 बजे जन भवन में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 8 मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार की सबसे खास बात यह रही कि भाजपा ने सपा से बगावत करने वाले चेहरों को पुरस्कृत किया है और साथ ही अपने वफादार विधायकों की प्रोन्नति भी की है।
कैबिनेट मंत्री (02):-भूपेन्द्र सिंह चौधरी: पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और योगी सरकार 1.0 में पंचायती राज मंत्री रहे।
मनोज कुमार पाण्डेय: रायबरेली की ऊंचाहार सीट से विधायक, जिन्होंने सपा से बगावत कर भाजपा का साथ दिया था।
राज्य मंत्री – स्वतंत्र प्रभार (प्रोन्नत) (02):-डॉ.सोमेंद्र तोमर: मेरठ दक्षिण से विधायक (पूर्व में ऊर्जा राज्य मंत्री)।
अजीत पाल: कानपुर देहात की सिकंदरा सीट से विधायक (पूर्व में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री)।
राज्य मंत्री (04):– हंसराज विश्वकर्मा: वाराणसी के जिलाध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य (अति पिछड़ी जाति)।
कृष्णा पासवान: फतेहपुर की खागा सीट से विधायक (अनुसूचित जाति)।
सुरेन्द्र दिलेर: अलीगढ़ के खैर से विधायक (अनुसूचित जाति)।
कैलाश सिंह राजपूत: कन्नौज की तिर्वा सीट से विधायक (पिछड़ा वर्ग)।

मंत्रिमंडल का नया स्वरूप और सीमाएं
इस विस्तार के साथ योगी सरकार में अब कुल मंत्रियों की संख्या 60 के करीब पहुंच रही है। गौर करने वाली बात यह है कि बिना किसी पुराने मंत्री को हटाए इन 8 नए चेहरों को शामिल किया गया है। उत्तर प्रदेश के संवैधानिक नियमों के अनुसार राज्य में अधिकतम 60 मंत्री ही बनाए जा सकते हैं।
क्षेत्रीय और जातीय संतुलन पर जोर
विधानसभा चुनाव में अब महज आठ महीने शेष हैं, ऐसे में भाजपा ने ‘सोशल इंजीनियरिंग’ का सहारा लिया है:-
सपा से बगावत का इनाम:- मनोज कुमार पाण्डेय को कैबिनेट में शामिल कर भाजपा ने ब्राह्मण वोट बैंक और सपा के गढ़ में सेंध लगाने की कोशिश की है।
दलित और पिछड़ा वर्ग:- कृष्णा पासवान, सुरेंद्र दिलेर और हंसराज विश्वकर्मा जैसे नामों के जरिए पार्टी ने अनुसूचित जाति और अति पिछड़ी जातियों को सीधा संदेश दिया है।
क्षेत्रीय पकड़:- मेरठ (पश्चिम), कन्नौज-कानपुर (मध्य) और वाराणसी-फतेहपुर (पूर्व) को कवर कर पूरे प्रदेश का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है।
भाजपा विधायकों का जातीय समीकरण
वर्तमान में भाजपा के पास 258 विधायक हैं। इनमें से 45 राजपूत, 42 ब्राह्णण, ओबीसी के 84, एससी के 59 और अन्य सवर्ण विधायक की संख्या 28 हैं। इसी तरह 100 सदस्यों वाली विधान परिषद में भाजपा के 79 सदस्य हैं। इनमें राजपूत 23, ब्राहम्ण 14, ओबीसी 26, मुस्लिम 02 और अन्य सवर्ण 12 और एससी वर्ग के दो सदस्य हैं।























