Tuesday, April 28, 2026
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UP में निष्पक्षता के साथ भर्ती प्रक्रिया संपन्न:योगी

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अवैध शराब के खिलाफ योगी सरकार ने छेड़ा महा अभियान
अवैध शराब के खिलाफ योगी सरकार ने छेड़ा महा अभियान

मुख्यमंत्री ने उ0प्र0 पुलिस दूरसंचार विभाग के नवचयनित 936 प्रधान परिचालक/प्रधान परिचालक (यांत्रिक) को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए। कम्युनिकेशन किसी भी व्यवस्था का एक सशक्त माध्यम, कम्युनिकेशन जितना सशक्त होगा, पुलिस या अन्य फोर्सेज उतनी ही सशक्त होंगी, सटीक कार्रवाई कर पाएंगी तथा आमजन को राहत दे पाएंगी। उ0प्र0 पुलिस दूरसंचार विभाग में 936 नए प्रधान परिचालकों के चयन से संचार यूनिट को और अधिक सशक्त बनाने में सहायता मिलेगी। जब प्रत्येक भारतीय नागरिक ईमानदारीपूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेगा, तब प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप विकसित भारत की परिकल्पना साकार होगी।

विगत 09 वर्षों में उ0प्र0 में 2.20 लाख पुलिस कार्मिकों की भर्ती सम्पन्न हुई। प्रदेश सरकार ने सभी अभ्यर्थियों व उनके परिवार की आशा एवं आकांक्षा के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया ईमानदारीपूर्वक एवं निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न करायी। प्रदेश पुलिस ने दिखाया कि यदि साफ नीयत, स्पष्ट नीति तथा दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते। उ0प्र0 देश का पहला राज्य, जहां 500 से अधिक कुशल खिलाड़ियों को उ0प्र0 पुलिस का हिस्सा बनाया गया, परिणामस्वरूप राष्ट्रीय व अन्तरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में अच्छी संख्या में मेडल प्राप्त।

प्रदेश के 55 जनपदों में खपरैल के बैरक के स्थान पर हाई राइज बिल्डिंग में बैरक की सुविधा उपलब्ध करायी गयी। प्रदेश में ‘ए’ ग्रेड की 12 एफ0एस0एल0 यूनिट संचालित, 06 फॉरेंसिक लैब निर्माणाधीन, प्रत्येक जनपद में 02-02 मोबाइल फॉरेंसिक लैब पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रही। कानून का राज विकास की पहली गारण्टी, उ0प्र0 पुलिस प्रदेश को दंगा मुक्त व माफिया मुक्त बनाने तथा भारत के इकोनॉमिक ग्रोथ में अपनी भूमिका का निर्वहन कर रही। डबल इंजन सरकार की शुद्ध नीयत के परिणामस्वरूप आज उ0प्र0 बीमारू राज्य से उबरकर भारत का ग्रोथ इंजन बनकर देश के विकास में योगदान दे रहा।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कम्युनिकेशन किसी भी व्यवस्था का एक सशक्त माध्यम होता है। कम्युनिकेशन जितना सशक्त होगा, पुलिस या अन्य फोर्सेज उतनी ही सशक्त होंगी, सटीक कार्रवाई कर पाएंगी तथा आमजन को राहत दे पाएंगी। उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग में 936 नए प्रधान परिचालकों के चयन से संचार यूनिट को और अधिक सशक्त बनाने में सहायता मिलेगी। नवचयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के दौरान सामान्य वॉकी-टॉकी से लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार की नई प्रगति को जानने तथा सीखने का अवसर मिलेगा। साथ ही, नए दौर की स्मार्ट पुलिसिंग में दूरसंचार की भूमिका तथा उसे फील्ड में प्रभावी ढंग से लागू करने के बारे में जानकारी मिलेगी।


उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग के नवचयनित 936 प्रधान परिचालक/प्रधान परिचालक (यांत्रिक) के नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने 10 नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किया। इसके पूर्व, उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग की उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि नवचयनित 936 प्रधान परिचालक/प्रधान परिचालक (यांत्रिक) की भर्ती प्रक्रिया पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी तथा आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए अभ्यर्थियों की योग्यता व क्षमता के आधार पर सम्पन्न करायी गयी है। इन नवचयनित कर्मियों को 08 माह का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक पुलिस कार्मिक को स्वयं को फिट रखना होगा। जब वह फिजिकली तथा मेण्टली फिट रहेंगे, तभी देश तथा समाज को ईमानदारीपूर्वक अपनी सेवाएं दे सकेंगे। इन कर्मियों को देश ही नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी सिविल पुलिस का हिस्सा बनने और उसकी दूरसंचार शाखा के माध्यम से प्रदेश की 25 करोड़ आबादी की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है। परसों 60,244 पुलिस आरक्षियों के दीक्षांत परेड का आयोजन प्रदेश में 112 केन्द्रों पर किया गया। विगत 09 वर्षों में उत्तर प्रदेश में 02 लाख 20 हजार पुलिस कार्मिकों की भर्ती सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई है।


आज से 09 वर्ष पहले निष्पक्षता के साथ भर्ती प्रक्रिया संपन्न कराना सम्भव नहीं था। आज यदि व्यक्ति के अन्दर क्षमता है, तो उसे आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि वह और उनके परिवार के लोग चाहते थे कि यह भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष एवं पारदर्शी हो। प्रदेश सरकार ने सभी अभ्यर्थियों व उनके परिवार की आशा एवं आकांक्षा के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया ईमानदारीपूर्वक एवं निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न करायी है, तो आपका भी दायित्व बनता है कि उसी नीयत, ईमानदारी तथा पारदर्शी तरीके से राष्ट्र के प्रति अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन करें। जब प्रत्येक भारतीय नागरिक ईमानदारीपूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेगा, तब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विजन के अनुरूप विकसित भारत की परिकल्पना साकार होगी।


वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश में केवल 3,000 पुलिस कार्मिकों के प्रशिक्षण कराने की क्षमता थी। लेकिन वर्ष 2025 में 60,244 पुलिस कार्मिकों का प्रशिक्षण प्रदेश के ही प्रशिक्षण केन्द्रों में कराया गया। प्रदेश पुलिस ने दिखाया कि यदि साफ नीयत, स्पष्ट नीति तथा दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। 60,244 पुलिस आरक्षियों की पासिंग-आउट परेड तथा उनके ड्यूटी पर निकलने के बाद प्रशिक्षण केन्द्र नवचयनित 936 प्रधान परिचालकों के लिए रिक्त हो गये हैं। साथ ही, विगत तीन दिनों में उत्तर प्रदेश होमगार्ड के 40,000 से अधिक कार्मिकों के लिए भर्ती परीक्षाएं सफलतापूर्वक आयोजित की गयी। इस वर्ष पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा लगभग 01 लाख नई भर्तियां की जाएंगी, जिसमेंं होमगार्ड, सिविल पुलिस तथा एस0आई0 के पद सम्मिलित हैं। इसका उद्देश्य योग्य तथा क्षमतावान नौजवानों को उत्तर प्रदेश पुलिस का हिस्सा बनने का अवसर उपलब्ध कराना है।


उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां 500 से अधिक कुशल खिलाड़ियों को उत्तर प्रदेश पुलिस का हिस्सा बनाया गया।परिणामस्वरूप राष्ट्रीय व अन्तरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में उत्तर प्रदेश पुलिस अच्छी संख्या में मेडल प्राप्त करती है। यह किसी भी फोर्स के लिए अपनी क्षमता को प्रदर्शित करने का माध्यम होता है। प्रदेश में पुलिस की अवस्थापना सुविधाओं में वृद्धि की गई है। वर्ष 2017 में प्रदेश के 10 जनपदों में पुलिस लाइन नहीं थी। कई थानों के पास स्वयं का भवन नहीं था। पुलिस के पास सामान्य सुविधाओं का अभाव था। पुलिस बैरक नहीं थे।


आज प्रदेश के 55 जनपदों में खपरैल के बैरक के स्थान पर हाई राइज बिल्डिंग में बैरक की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। प्रदेश में मॉडल थानों का निर्माण तथा नये फायर स्टेशनों की स्थापना की जा रही है। यहां एस0एस0एफ0 व एस0डी0आर0एफ0 का गठन किया गया है। देश के प्रति अपना योगदान देने वाली वीरांगनाओं के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए पी0ए0सी0 की 03 नई महिला पुलिस बटालियन गठित की गई है। देश में तीन नए कानून वर्ष 2024 में लागू किये गये थे, जिसकी तैयारी उत्तर प्रदेश ने पहले ही कर ली थी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आज स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है। प्रदेश में ‘ए’ ग्रेड की 12 एफ0एस0एल0 यूनिट संचालित हैं तथा 06 फॉरेंसिक लैब निर्माणाधीन है। 03 नए आपराधिक कानून लागू होने के उपरान्त 7 वर्ष से अधिक अवधि की प्रत्येक सजा में फॉरेंसिक एविडेंस की अनिवार्यता के दृष्टिगत प्रदेश के प्रत्येक जनपद में 02-02 मोबाइल फॉरेंसिक लैब पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रही हैं। इनमें ट्रेण्ड मैनपॉवर को तैनात किया गया है। यह नए उत्तर प्रदेश की वह गाथा है, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस प्रदेश को दंगा मुक्त व माफिया मुक्त बनाने के साथ-साथ भारत के इकोनॉमिक ग्रोथ में भी अपनी भूमिका का निर्वहन कर रही है। कानून का राज विकास की पहली गारण्टी होती है। आज देश व दुनिया के बड़े निवेशक प्रदेश में निवेश करने के लिए आ रहे हैं। प्रदेश में आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास यह दिखाता है कि यदि कुछ करने की इच्छा शक्ति हो, तो बेहतर परिणाम स्वयं सामने आते हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने अमृत काल में भारतवासियों को विज़न दिया कि किसी व्यक्ति, जाति, मत, मजहब, अहंकार या उसकी कोई व्यक्तिगत इच्छा राष्ट्र व राज्य से बढ़कर नहीं हो सकती। हमें देश की सुरक्षा तथा स्वाधीनता को अनन्त काल तक बनाये रखना है। डबल इंजन सरकार द्वारा शुद्ध नीयत के साथ कार्य करने के परिणामस्वरूप, आज उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य से उबरकर भारत का ग्रोथ इंजन बनकर देश के विकास में योगदान दे रहा है।


कार्यक्रम को वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना तथा उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग के महानिदेशक श्री आशुतोष पाण्डेय ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना संजय प्रसाद, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के महानिदेशक एस0बी0 शिराडकर, अपर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय डॉ0 संजीव गुप्ता सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।