ADR रिपोर्ट में बड़ा खुलासा:काग़ज़ों में जनसेवक,संपत्ति में करोड़पति?

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों की संपत्ति को लेकर एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट सामने आई है, जिसने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। रिपोर्ट के अनुसार योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट के 45 मंत्रियों में से 39 मंत्री करोड़पति हैं। सबसे अमीर मंत्री अमेठी की तिलोई सीट से विधायक और राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार मयंकेश्वर शरण सिंह हैं, जिन्होंने 58.07 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। यह रिपोर्ट जनप्रतिनिधियों की आर्थिक स्थिति और राजनीति की वास्तविक तस्वीर पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों की संपत्ति पर ADR रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट में बताया गया कि योगी कैबिनेट के 45 में से 39 मंत्री करोड़पति हैं। यूपी के सबसे अमीर मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह हैं अमेठी की तिलोई सीट से विधायक मयंकेश्वर शरण सिंह (राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार)मंत्रियों में सबसे अमीर हैं। इनकी संपत्ति 58.07 करोड़ रुपये घोषित की है। योगी आदित्यनाथ की सरकार (योगी सरकार 2.0) में अमेठी की तिलोई विधानसभा सीट से विधायक मयंकेश्वर शरण सिंह मंत्रिपरिषद के सबसे अमीर सदस्य हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने अपनी संपत्ति कुल 58.07 करोड़ रुपये घोषित की है। वे राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार हैं।

संपत्ति का ब्योरा और तुलना

एडीआर की रिपोर्ट में योगी कैबिनेट के 45 मंत्रियों का विश्लेषण किया गया। इनमें से 39 मंत्री करोड़पति हैं। मंत्रियों की औसत संपत्ति करीब 9 करोड़ रुपये है। मयंकेश्वर शरण सिंह सबसे ऊपर हैं। उनकी संपत्ति में चल और अचल दोनों तरह की संपत्ति शामिल है। दूसरे नंबर पर राकेश सचान (करीब 37 करोड़) और तीसरे पर नंद गोपाल गुप्ता नंदी (करीब 37 करोड़) हैं। अन्य मंत्री जैसे नितिन अग्रवाल (31 करोड़) और रविंद्र जायसवाल (27 करोड़) भी अमीरों की सूची में हैं। संपत्ति से 14 फॉर्च्यूनर खरीद सकते हैं। 58 करोड़ रुपये की यह राशि बहुत बड़ी है। अगर हम महिंद्रा फॉर्च्यूनर कार की कीमत देखें, जो लगभग 50 से 60 लाख रुपये से शुरू होती है, तो इस रकम से आसानी से 14 फॉर्च्यूनर गाड़ियां खरीदी जा सकती हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि मंत्री की संपत्ति आम आदमी की समझ से काफी ऊपर है। यह संपत्ति ज्यादातर जमीन, मकान, निवेश और अन्य स्रोतों से आई है।

मयंकेश्वर शरण सिंह कौन हैं?

मयंकेश्वर शरण सिंह तिलोई के राजघराने से ताल्लुक रखते हैं। वे पहले समाजवादी पार्टी में थे, लेकिन बाद में भाजपा में शामिल हो गए। 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बड़ी जीत हासिल की। वे कई बार विधायक रह चुके हैं। उनकी संपत्ति 2017 से 2022 तक काफी बढ़ी है, जो उनके चुनावी हलफनामे में दर्ज है। यह रिपोर्ट चुनावी हलफनामों पर आधारित है, जो सार्वजनिक होती हैं। योगी सरकार में ज्यादातर मंत्री अमीर हैं, लेकिन मयंकेश्वर शरण सिंह सबसे आगे हैं।

ADR की यह रिपोर्ट किसी पर आरोप नहीं, बल्कि लोकतंत्र के सामने एक आईना है। जब जनसेवा के नाम पर राजनीति में आए प्रतिनिधि करोड़ों की संपत्ति के मालिक हों, तो आम जनता के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है। पारदर्शिता और जवाबदेही ही लोकतंत्र की असली ताकत है—और ऐसे खुलासे जनता को सच जानने और सही सवाल पूछने का अवसर देते हैं।

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