30 करोड़ वाली भूमि 80 लाख में

30 करोड़ रूपये वाली भूमि 80 लाख रूपये में देने से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की छवि भी खराब होगी- किशनगढ कि निर्दलीय विधायक सुरेश टांक ।
चारागाह भूमि के आवंटन की प्रक्रिया के विरोध में ग्रामीणों का अजमेर कलेक्टर पर प्रदर्शन ।
मार्बल का मलबा डाल कर पहले भूमि का स्वरूप बदला गया। कांग्रेस के पूर्व विधायक नाथू राम के परिवार से जुडा है आवंटन ।
डीडवाना के ग्रीन हुड बीएड कालेज का संचालन सर्वर खान गिरफ्तार ।


एस0पी0मित्तल

अजमेर। 31 अगस्त को अजमेर कलक्टेªट पर किशनगढ़ के निर्दलीय विधायक सुरेश टांक कि नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया टांक और ग्रामीण किशनगढ़ उपखंड की खातोली ग्राम पंचायत के ग्राम काली डूंगरी में कांग्रेस पूर्व विधायक लादूराम सिनोदिया के पुत्र रवि सिनोदिया को चारागाह की 16 बीघा भूमि औद्योगिक प्रयोजनार्थ डी.एल.सी. की दर पर देने का विरोध कर रहे है, ग्रामीणों को जहां चारागाह भूमि के खुर्दबुर्द होने की चिन्ता है तो वही निर्दलीय विधायक सुरेश टांक को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ईमानदार छवि की टांक ने एक शिष्टमंडल के साथ 31 अगस्त को जिला कलेक्टर प्रकाश पुरोहित से भी मुलाकात की इस अवसर पर कलेक्टर को एक ज्ञापन भी दिया गया इस ज्ञापन में बताया गया कि रवि सिनोदिया को 16 बीघा भूमि डी.एल.सी. की दर पर आवंटित करने की प्रक्रिया में खातेली ग्राम पंचायत की एन.ओ.सी भी नहीं ली गई है अब चूंकि यह भूमि अजमेर विकास प्राधिकरण को हस्तांतरित कर दी गई है इसलिए डी.एल.सी. की दर पर भूमि का आवंटन किया जा रहा है ज्ञापन में बताया गया की डी.एल.सी. की दर के हिसाब से यह भूमि मात्र 80 लाख रुपये में दी जा रही है, जबकि इस भूमि को नीलाम किया जाता है तो 30 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त होगी विधायक टाक ने कलेक्टर से कहा की मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की छवि साफ सुथरी और ईमानदारी वाली है ऐसे में यदी प्राधिकरण 30 करोड़ रूपये वाली जमीन मात्र 80 लाख रूपये में देगा तो मुख्यमंत्री की छवि भी खराब होगी क्यांकि किशनगढ़ का निर्वाचन क्षेत्र है इसलिए उनकी छवि पर भी प्रतिकूल असर पडेगाा टांक ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुऐ कलेक्टर को बताया की औद्योगिक प्रयोजनार्थ भूमि का आवंटन नहीं किया जा सकता हैं जिस 16 बीघा भूमि को डी.एल.सी. दर पर दिया जा रहा है उसके आस पास मार्बल और ग्रेनाइट पत्थर काटने की बडी बडी मशीने लगी हुई है।

यही वजह है की भूमि बाजार दर बहुत ज्यादा है शिष्टमंडल में शामिल ग्रामीणों का कहना रहा की कुछ प्रभावशाली लोगो ने पहले सम्बन्धित भूमि पर मार्बल का मलबा डाल कर भूमि का स्वरूप बदला जो भूमि राजस्व रिकार्ड में चारागाह दर्ज है उस पर जबरन मलबा डाला गया। मलबा को रोकने के लिए किशनगढ़ के एसडीएम ने भी निर्देश दिये लेकिन प्रभावशाली लोगो ने किसी की भी नही सुनी अब इसी भूमी को डी.एल.सी. की दर पर हासिल करने की कार्यवाही करवाई जा रही है विधायक टांक ने समर्थकों से कहा की भूमि के आवंटन की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोका जाये टाक ने कहा कि यदी ग्रामीणों की आवाज को नही सुना गया तो वे इस मामले को विधानसभा में उठाएंगे ग्रामीणों ने भी कलेक्टर से आग्रह किया की सम्बनिधत भूमि से मार्बल का मलबा हटवाया जाये और भूमि को जानवरों के चरने के लिए आरक्षित किया जाये। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा की किसी भी कीमत पर चारागाह भूमि का उद्योग के लिए उययोग नही होने दिया जयोगा कलेक्टर ने विधायक टाक और ग्रामीणों को उचित कार्यवाही का भरोसा दिलाया है।

सर्वर खान गिरफ्तार – 31 अगस्त को अजमेर स्थित एसीबी की टीम ने नागौर जिले के डीडवाना उपखंड में संचालित एस.के ग्रीन हुड शिक्षण संस्थान एंव बीएड कॉलेज के संचालक सर्वर खान उर्फ सुल्तान को 10,000 रूपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। एसीबी के एएसपी सतनाम सिंह और डीएसपी अनूप सिंह ने बताया की डीडवाना तहसील के भयवादीया ग्राम निवासी सही राव ने शिकायत दर्ज करवाई थी की बीएड कॉलेज के प्रथम वर्ष और द्वितीय वर्ष में उपस्थिति पूरी दिखाने के लिए कॉलेज का संचालक सर्वर खान 30,000 की रिश्वत मांग रहा है इस शिकायत का सत्यापन किये जाने के बाद 31 अगस्त को प्रार्थी को 10,000 रुपये की राशि लेकर सर्वर खान के पास भेजा गया खान ने जैसे ही यह राशि प्राप्त की वैसे ही एसीबी की टीम ने दबोच लिया।

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